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Lucknow News: पहले ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में पहले दिन 36 फीसदी आवेदक फेल
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काकोरी के उदितखेड़ा में निजी प्रत्यायन ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर।
लखनऊ। राजधानी के पहले ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में सोमवार को पहले दिन 47 आवेदकों ने टेस्ट दिया। सेंसरयुक्त ट्रैक पर हुई परीक्षा में 36 फीसदी यानी 17 आवेदक फेल हो गए। 30 पास हुए। फेल होने वालों में छह चारपहिया और 11 दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं। खास बात यह रही कि सोमवार के लिए 372 आवेदकों ने स्लॉट बुक कराया था लेकिन सिर्फ 47 ही टेस्ट देने पहुंचे।
परिवहन विभाग की ओर से काकोरी के उदितखेड़ा में निजी प्रत्यायन ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर (एडीटीसी) शुरू किया गया है। छह बीघे में बने सेंटर में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का सेंसरयुक्त ट्रैक पर टेस्ट होगा। ट्रांसपोर्टनगर एआरटीओ के 300 और देवा रोड एआरटीओ के 72 आवेदकों ने सोमवार के लिए स्लॉट बुक कराया था। सोमवार सुबह दोनों एआरटीओ कार्यालयों में बायोमेट्रिक कराने के लिए आवेदकों की भीड़ रही। इसके बाद उन्हें ड्राइविंग टेस्ट के लिए उदितखेड़ा स्थित सेंटर पहुंचना था। पहुंचे 47 आवेदकों में 22 चारपहिया और 25 दोपहिया वाहन चालक थे। इनमें 16 चारपहिया और 14 दोपहिया चालक पास हुए। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था नई है। धीरे-धीरे आवेदकों की संख्या बढ़ेगी और प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
टोकन दिखाने पर खुलेगा ट्रैक
सेंटर संचालक प्रमोद सिंह ने बताया कि केंद्र पहुंचने वाले आवेदकों की पहले गेट पर एंट्री की जाती है। इसके बाद उन्हें ड्राइविंग ट्रैक का ड्रोन से बनाया गया वीडियो दिखाया जाता है। सवालों के जवाब देने के साथ सिम्युलेटर की सुविधा भी दी जाती है। इसके बाद डिजिटल टोकन दिया जाता है। टोकन दिखाने पर ट्रैक का बैरियर खुलता है। हर टेस्ट के दौरान भी इसे दिखाना होता है।
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जरा सी चूक पर सेंसर पकड़ लेगा
ट्रैक पूरी तरह सेंसरयुक्त है। दोपहिया वाहन चालकों को आठ के आकार में वाहन चलाना होगा। पैर नीचे पट्टी पर लगते ही सेंसर सक्रिय हो जाएगा और आवेदक फेल हो जाएगा। इसी तरह चारपहिया वाहन चालकों को ग्रेडिएंट और पुल पर चढ़ाई के दौरान निर्धारित स्थान पर वाहन रोकना होगा। रिवर्सिंग में दोनों पट्टियों से पहिये बाहर जाने पर भी टेस्ट में फेल माना जाएगा।
सात दिन बाद दोबारा मौका
टेस्ट में फेल आवेदकों को सात दिन बाद दोबारा मौका मिलेगा। इसके लिए नया स्लॉट लेना होगा। दूसरी बार भी फेल होने पर टेस्टिंग सेंटर में ड्राइविंग सीखकर प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा।
ये हैं ड्राइविंग टेस्ट
टेस्ट हेवी मोटर व्हीकल लाइट मोटर व्हीकल
पैरलल पार्किंग 60 सेकंड 45 सेकंड
8 ट्रैक (आठ बनाना) 75 सेकंड 45 सेकंड
ग्रेडिएंट (चढ़ान) 60 सेकंड 45 सेकंड
रिवर्स एस (रिवर्सिंग) 120 सेकंड 50 सेकंड
(नोट: दो पहिया वाहन चालकों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए 90 सेकंड मिलेंगे।)
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परिवहन विभाग की ओर से काकोरी के उदितखेड़ा में निजी प्रत्यायन ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर (एडीटीसी) शुरू किया गया है। छह बीघे में बने सेंटर में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का सेंसरयुक्त ट्रैक पर टेस्ट होगा। ट्रांसपोर्टनगर एआरटीओ के 300 और देवा रोड एआरटीओ के 72 आवेदकों ने सोमवार के लिए स्लॉट बुक कराया था। सोमवार सुबह दोनों एआरटीओ कार्यालयों में बायोमेट्रिक कराने के लिए आवेदकों की भीड़ रही। इसके बाद उन्हें ड्राइविंग टेस्ट के लिए उदितखेड़ा स्थित सेंटर पहुंचना था। पहुंचे 47 आवेदकों में 22 चारपहिया और 25 दोपहिया वाहन चालक थे। इनमें 16 चारपहिया और 14 दोपहिया चालक पास हुए। परिवहन अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था नई है। धीरे-धीरे आवेदकों की संख्या बढ़ेगी और प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
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टोकन दिखाने पर खुलेगा ट्रैक
सेंटर संचालक प्रमोद सिंह ने बताया कि केंद्र पहुंचने वाले आवेदकों की पहले गेट पर एंट्री की जाती है। इसके बाद उन्हें ड्राइविंग ट्रैक का ड्रोन से बनाया गया वीडियो दिखाया जाता है। सवालों के जवाब देने के साथ सिम्युलेटर की सुविधा भी दी जाती है। इसके बाद डिजिटल टोकन दिया जाता है। टोकन दिखाने पर ट्रैक का बैरियर खुलता है। हर टेस्ट के दौरान भी इसे दिखाना होता है।
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जरा सी चूक पर सेंसर पकड़ लेगा
ट्रैक पूरी तरह सेंसरयुक्त है। दोपहिया वाहन चालकों को आठ के आकार में वाहन चलाना होगा। पैर नीचे पट्टी पर लगते ही सेंसर सक्रिय हो जाएगा और आवेदक फेल हो जाएगा। इसी तरह चारपहिया वाहन चालकों को ग्रेडिएंट और पुल पर चढ़ाई के दौरान निर्धारित स्थान पर वाहन रोकना होगा। रिवर्सिंग में दोनों पट्टियों से पहिये बाहर जाने पर भी टेस्ट में फेल माना जाएगा।
सात दिन बाद दोबारा मौका
टेस्ट में फेल आवेदकों को सात दिन बाद दोबारा मौका मिलेगा। इसके लिए नया स्लॉट लेना होगा। दूसरी बार भी फेल होने पर टेस्टिंग सेंटर में ड्राइविंग सीखकर प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा।
ये हैं ड्राइविंग टेस्ट
टेस्ट हेवी मोटर व्हीकल लाइट मोटर व्हीकल
पैरलल पार्किंग 60 सेकंड 45 सेकंड
8 ट्रैक (आठ बनाना) 75 सेकंड 45 सेकंड
ग्रेडिएंट (चढ़ान) 60 सेकंड 45 सेकंड
रिवर्स एस (रिवर्सिंग) 120 सेकंड 50 सेकंड
(नोट: दो पहिया वाहन चालकों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए 90 सेकंड मिलेंगे।)

काकोरी के उदितखेड़ा में निजी प्रत्यायन ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर।