फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   36 lakhs new connections to be distributed.

हर साल देने होंगे 36 लाख नए कनेक्शन

Thu, 02 Oct 2014 01:54 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 02 Oct 2014 01:54 AM IST
विज्ञापन
36 lakhs new connections to be distributed.

राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पहली बार टैरिफ ऑर्डर में बिजली कंपनियों के लिए सख्त परफॉर्मेंस पैरामीटर तय किए हैं। आयोग ने इसे सीधे टैरिफ से जोड़ा है। निर्धारित लक्ष्य पूरा न होने पर आयोग दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर विचार नहीं करेगा।

विज्ञापन


यही नहीं, अगर लाइन हानियों में कमी का लक्ष्य पूरा नहीं होता है तो अगले वर्ष रेग्युलेटरी सरचार्ज में खुद-ब-खुद 10 फीसदी की कमी हो जाएगी। बगैर कनेक्शन वाले लगभग सवा दो करोड़ घरों को अपने दायरे में लाने के लिए कॉर्पोरेशन को हर साल 36 लाख नए कनेक्शन देने होंगे।
विज्ञापन


ऐसा न होने पर टैरिफ प्रस्ताव में 10 फीसदी की कटौती कर दी जाएगी। विभागीय कर्मचारियों सहित प्रदेश के सभी बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं के यहां मार्च 2015 तक मीटर लगवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अनमीटर्ड श्रेणी को मान्यता नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियामक आयोग ने बिजली दरों में करीब नौ फीसदी का इजाफा करने के साथ-साथ बिजली कंपनियों पर शिकंजा भी कसा है। बिना मीटर के बिजली का इस्तेमाल करने वालों को हतोत्साहित कर मीटर लगवाने के लिए प्रेरित करने को आयोग ने अनमीटर्ड श्रेणी की दरों में भारी बढ़ोतरी की है, जबकि मीटर वाले उपभोक्ताओं की दरों में मामूली इजाफा ही किया है।

ईमानदार उपभोक्ताओ पर पड़ रहा है भार

36 lakhs new connections to be distributed.

आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा के मुताबिक, इस समय प्रदेश में आवासों की संख्या लगभग 3.29 करोड़ है जबकि बिजली के कनेक्शन 1.08 करोड़ ही हैं। लगभग 2.21 करोड़ घरों में कनेक्शन हैं ही नहीं। इनका बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। अगर ये कॉर्पोरेशन के लेजर पर आ जाएं तो शायद दरें बढ़ाने की जरूरत ही न पड़े। उल्टे दरें कम हो सकती हैं।

लाइन हानियां चार फीसदी करनी होंगी कम
टैरिफ ऑर्डर के अनुसार बिजली कंपनियों को इस साल लाइन हानियों में चार फीसदी की कमी लानी होगी। मौजूदा समय में वितरण लाइन हानियां 27.51 फीसदी हैं। इसे घटाकर 23.52 फीसदी तक लाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे कॉर्पोरेशन को करीब 2000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
 
समय से बिल भुगतान तो 0.25 फीसदी की छूट

समय पर बिजली बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को 0.25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं भुगतान में विलंब पर 1.50 प्रतिशत पेनल्टी वसूल की जाएगी।

लिया ओटीएस का लाभ तो नहीं मिलेगा फायदा

36 lakhs new connections to be distributed.

एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठाने के चक्कर में बिलों का भुगतान न करने वालों के खिलाफ सख्ती की जाएगी। लगातार तीन साल तक ओटीएस का लाभ ले चुके उपभोक्ताओं को आगे इसका फायदा नहीं दिया जाएगा।

एआरआर में 8000 करोड़ की कटौती
पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दाखिल किए गए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव में आयोग ने करीब 8000 करोड़ रुपये की कटौती की है। वर्मा ने बताया कि 38,403 करोड़ रुपये का एआरआर दाखिल किया गया था जबकि 30,207 करोड़ रुपये ही अनुमोदित किया गया है। इसी तरह दरों में औसतन 10.17 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव के मुकाबले सिर्फ 8.90 फीसदी बढ़ोतरी की मंजूरी दी है।

नई दरों से 2685 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी

बुधवार को घोषित नई बिजली दरों से कॉर्पोरेशन को 2685 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। मौजूदा दरों के अनुसार 30,187 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान था। अब 32,873 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की संभावना है। इसके अलावा कॉर्पोरेशन ने रेग्युलेटरी सरचार्ज में 16 फीसदी वृद्धि की अनुमति मांगी थी।

वर्मा का कहना है कि उपभोक्ताओं पर एकाएक बोझ न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए 20 वर्ष के लिए 2.32 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने की अनुमति दी गई है। अगर परफॉर्मेंस में सुधार नहीं होता है तो हर साल इसमें 10 फीसदी की कमी होती जाएगी।

ब्यौरे का टैरिफ से संबंध नहीं

36 lakhs new connections to be distributed.

पावर कॉर्पोरेशन द्वारा वितरण मंडलवार लाइन हानियों के आंकड़े न उपलब्ध कराए जाने के सवाल पर वर्मा ने कहा कि इसका टैरिफ से कोई संबंध नहीं है। वितरण खंडवार ब्यौरा उपलब्ध है। अधीक्षण अभियंताओं की जवाबदेही तय करने के मकसद से यह ब्यौरा मांगा गया था। टैरिफ तय करने में मंडलवार लाइन हानियों के आंकड़ों की कोई खास जरूरत नहीं थी।

बैक डेट से लागू नहीं होंगी नई दरें
वर्मा ने स्पष्ट किया कि नई दरें बैक डेट से नहीं लागू होंगी। पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराए जाने की तिथि से एक सप्ताह बाद नई दरें लागू हो जाएंगी। चालू वित्तीय वर्ष में कॉर्पोरेशन को छह महीने ही नई दरों के हिसाब से राजस्व वसूली का फायदा होगा।

वितरण संहिता में बदलाव से राहत देने की कोशिश
आयोग ने विद्युत वितरण संहिता के प्रावधानों में कई बदलाव करके उपभोक्ताओं को राहत देने की पहल की है। मसलन कनेक्शन सरेंडर करने वालों से अभी तक दो साल का फिक्स चार्ज जमा कराया जाता था। अब इसे छह माह कर दिया गया है। हाल ही में आयोग ने झुग्गी-झोपड़ी वालों के लिए कनेक्शन के संबंध में आदेश जारी किया है।

पिछले दो वर्षों के मुकाबले दरों में कम वृद्धि

36 lakhs new connections to be distributed.

चेयरमैन देशदीपक वर्मा का कहना है कि बीते दो वर्षों के मुकाबले इस बार बिजली दरों में कम बढ़ोतरी की गई है। 2012-13 और 2013-14 में दरों में कुल 24.18 फीसदी की वृद्धि हुई थी, जबकि इस बार केवल 8.90 फीसदी ही बढ़ोतरी की गई है।

रेग्युलेटरी सरचार्ज जोड़कर दो वर्षों में कुल बढ़ोतरी 27.89 फीसदी हुई थी, जबकि इस बार यह 11.22 फीसदी ही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed