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नाराज शिक्षामित्रों ने घेरी कोतवाली
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:16 PM IST
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सुल्तानपुर। धरना प्रदर्शन के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से लगाई गई होर्डिंग में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष समेत नौ नामजद व 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज होने से नाराज सैकड़ों शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को सड़क पर उतर पड़े। कुछ शिक्षामित्रों ने एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। शिक्षामित्रों ने कोतवाली का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों का आरोप था कि जिन लोगों ने होर्डिंग फाड़ी है, वे शरारतीतत्व थे।
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद 1800 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। एसडीएम ने शिक्षामित्रों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के आह्वान पर शिक्षामित्रों ने कैबिनेट में 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के प्रस्ताव के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया था।
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प्रदर्शन में शामिल शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन में लगे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सरकारी योजनाओं से संबंधित होर्डिंग को तोड़ दिया था। उसके बाद सीएम योगी आदित्य नाथ का पुतला फूंका था।
कोतवाली में तैनात दरोगा निर्भय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, महामंत्री प्रदीप यादव, कोषाध्यक्ष भारत यादव, वरिष्ठ अध्यक्ष व संरक्षक रामशिरोमणि वर्मा, संरक्षक गिरजेश कुमार पांडेय, संपूर्णानंद पांडेय, प्रमोद कुमार दूूबे, पवन कुमार, विनीत सिंह व 60 अज्ञात के खिलाफ धारा लोक संपत्ति क्षति निवारण व (7) क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पदाधिकारियों के खिलाफ हुए एफआईआर से नाराज सैकड़ों शिक्षामित्र बृहस्पतिवार दोपहर तिकोनिया पार्क में एकत्र होकर कोतवाली पहुंच गए। इस दौरान कई शिक्षामित्रों ने कोतवाली के पास ही एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ शिक्षामित्रों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
इसके बाद कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षामित्रों की मांग थी कि तत्काल एफआईआर को निरस्त किया जाए। नगर कोतवाल एसके मिश्रा ने शिक्षामित्रों को काफी समझाया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। कोतवाल ने इसकी सूचना एसडीएम प्रमोद पांडेय व सीओ सिटी श्यामदेव को दी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, बृजेश पांडेय, प्रदीप यादव, पवन कुमार, सारिका सिंह, पूनम मिश्रा, जानकी देवी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। एसडीएम व सीओ सिटी ने कोतवाली पहुंचकर शिक्षामित्रों के पदाधिकारियों से वार्ता की। पदाधिकारियों ने कोतवाल को एक लिखित ज्ञापन दिया।
इसमें कहा गया है कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी शिक्षामित्र ने सरकारी होर्डिंग नहीं फाड़ी है। यह शरारतीतत्वों का काम था। सीओ ने आश्वासन दिया कि जांच में शिक्षामित्र निर्दोष पाए जाएंगे तो उन्हें क्लीन चिट दी जाएगी। तब जाकर शिक्षामित्र मानें। कोतवाली में 1800 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। एसडीएम सदर ने गिरफ्तार किए गए सभी शिक्षामित्रों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
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पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज होने से नाराज सैकड़ों शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को सड़क पर उतर पड़े। कुछ शिक्षामित्रों ने एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। शिक्षामित्रों ने कोतवाली का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों का आरोप था कि जिन लोगों ने होर्डिंग फाड़ी है, वे शरारतीतत्व थे।
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करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद 1800 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। एसडीएम ने शिक्षामित्रों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के आह्वान पर शिक्षामित्रों ने कैबिनेट में 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के प्रस्ताव के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया था।
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प्रदर्शन में शामिल शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट व विकास भवन में लगे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सरकारी योजनाओं से संबंधित होर्डिंग को तोड़ दिया था। उसके बाद सीएम योगी आदित्य नाथ का पुतला फूंका था।
कोतवाली में तैनात दरोगा निर्भय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, महामंत्री प्रदीप यादव, कोषाध्यक्ष भारत यादव, वरिष्ठ अध्यक्ष व संरक्षक रामशिरोमणि वर्मा, संरक्षक गिरजेश कुमार पांडेय, संपूर्णानंद पांडेय, प्रमोद कुमार दूूबे, पवन कुमार, विनीत सिंह व 60 अज्ञात के खिलाफ धारा लोक संपत्ति क्षति निवारण व (7) क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पदाधिकारियों के खिलाफ हुए एफआईआर से नाराज सैकड़ों शिक्षामित्र बृहस्पतिवार दोपहर तिकोनिया पार्क में एकत्र होकर कोतवाली पहुंच गए। इस दौरान कई शिक्षामित्रों ने कोतवाली के पास ही एक कार को क्षतिग्रस्त कर दिया। कुछ शिक्षामित्रों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
इसके बाद कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। शिक्षामित्रों की मांग थी कि तत्काल एफआईआर को निरस्त किया जाए। नगर कोतवाल एसके मिश्रा ने शिक्षामित्रों को काफी समझाया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। कोतवाल ने इसकी सूचना एसडीएम प्रमोद पांडेय व सीओ सिटी श्यामदेव को दी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष दिनेश चंद्रा, बृजेश पांडेय, प्रदीप यादव, पवन कुमार, सारिका सिंह, पूनम मिश्रा, जानकी देवी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। एसडीएम व सीओ सिटी ने कोतवाली पहुंचकर शिक्षामित्रों के पदाधिकारियों से वार्ता की। पदाधिकारियों ने कोतवाल को एक लिखित ज्ञापन दिया।
इसमें कहा गया है कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी शिक्षामित्र ने सरकारी होर्डिंग नहीं फाड़ी है। यह शरारतीतत्वों का काम था। सीओ ने आश्वासन दिया कि जांच में शिक्षामित्र निर्दोष पाए जाएंगे तो उन्हें क्लीन चिट दी जाएगी। तब जाकर शिक्षामित्र मानें। कोतवाली में 1800 शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी। एसडीएम सदर ने गिरफ्तार किए गए सभी शिक्षामित्रों को निजी मुचलके पर छोड़ दिया।