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Lucknow News: शहर में 280 इमारतें जर्जर, बारिश में बन सकती हैं खतरा

Fri, 10 Jul 2026 02:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 02:48 AM IST
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280 buildings in the city are dilapidated; they could pose a danger during the rains
निशातगंज ​स्थित जर्जर भवन जिसे दिया गया है नोटिस।  - फोटो : संवाद
लखनऊ। शहर में करीब 280 जर्जर इमारतें हैं। इनकी मरम्मत न तो इनमें रहने वाले करा रहे हैं और न उससे बाहर निकल रहे हैं। बारिश में ये इमारतें कभी भी ढह सकती हैं। जानमाल का बड़ा नुकसान हो सकता है। प्रशासन भी ऐसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचा रहा है। जानमाल की सुरक्षा के नाम पर अभी सिर्फ इन जर्जर भवनों की सूची बनाकर नोटिस भेजने की औपचारिकता भर की गई है।
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बड़े शहरों में हादसों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी जर्जर और खतरनाक इमारतों पर चिंता जताई है। इस मामले में लखनऊ सहित कई अन्य शहरों के नगर निगम और विकास प्राधिकरणों से कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है। जानकारों के अनुसार, बारिश शुरू हो गई है। प्रशासन यदि जल्द नहीं चेता तो शहर के सबसे पुराने और भीड़भाड़ वाले अमीनाबाद, मौलवीगंज, यहियागंज, हजरतगंज और चौक बाजारों में स्थित जर्जर इमारतें बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
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सुबह से रात तक इन बाजारों में भीड़भाड़ रहती है। सुबह-शाम स्थिति यह होती है कि पैदल चलना भी मुश्किल होता है। ऐसे बाजारों और चौराहों पर कई इमारतें ढहने की कगार पर खड़ी हैं। किस पल ये भरभराकर मलबे में तब्दील हो जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता। खास ये है कि खतरनाक हो चुकी इन इमारतों में शोरूम और दुकानें खुली हुई हैं। दुकानदार जान हथेली पर रखकर इनमें बैठते हैं और ग्राहकों को भी खतरे में डालते हैं। ज्यादातर इमारतों में किरायेदारी को लेकर कानूनी विवाद चल रहा है। यही वजह है कि न तो भवन स्वामी इमारत की मरम्मत करा रहे हैं और न किरायेदार दुकान खाली कर रहे हैं।
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मरम्मत के लिए जारी किया गया है नोटिस
नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि बारिश से पहले ही जर्जर इमारतों के सर्वे का काम करके मरम्मत कराने के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। जहां पर खतरा होता है और भवनस्वामी वहां पर खुद जर्जर हिस्से को नहीं तोड़ता है तो ऐसे में वहां पर जनहित को देखते हुए नगर निगम उस हिस्से को गिराता है। अमीनाबाद में पहले ऐसे हिस्से को गिराया जा चुका है जो सड़क की तरफ गिर रहा था।


खतरनाक बिल्डिंगों के खिलाफ चल रहा है अभियान
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि जो भवन अग्नि सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं उनकी जांच कराई गई है। नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई भी की जा रही है। लोगों को जागरूक भी किया गया है। हाल में 122 होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट को सुरक्षा व निर्माण के मानक पूरे न होने पर चिह्नित किया गया था जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। कोचिंग व अन्य प्रतिष्ठानों को सील किया गया और फिर वहां पर सुरक्षा के उपाय कराए गए।

निशातगंज स्थित जर्जर भवन जिसे दिया गया है नोटिस। 

निशातगंज स्थित जर्जर भवन जिसे दिया गया है नोटिस। - फोटो : संवाद

निशातगंज स्थित जर्जर भवन जिसे दिया गया है नोटिस। 

निशातगंज स्थित जर्जर भवन जिसे दिया गया है नोटिस। - फोटो : संवाद

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