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कोरोना कर्फ्यू में भी बिक गईं 2400 से अधिक भू, भवन संपत्तियां

Tue, 15 Jun 2021 02:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jun 2021 02:12 AM IST
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2400 Properties sold out during corona curfew
कोरोना कर्फ्यू में यूं तो राजधानी में अधिकांश गतिविधियां थम गई थीं, लेकिन भू और भवन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त व रजिस्ट्री चलती रही।
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महामारी के बीच भी विभिन्न कार्यालयों में 2442 संपत्तियों के बैनामे यानी रजिस्ट्री हुईं। हालांकि आम दिनों के मुकाबले रजिस्ट्री होने की रफ्तार धीमी थी।
एक दिन में जहां एक कार्यालय में सौ या उससे अधिक रजिस्ट्री हो जाती थीं, वहां अधिकतम तीस रजिस्ट्री की अनुमति दी गई। यही नहीं, ऑनलाइन स्लॉट देकर रजिस्ट्री के लिए अलग-अलग समय पर लोगों को ऑफिस बुलाया गया और रजिस्ट्री की गई।
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व्यवस्था के लिहाज से राजधानी के शहरी क्षेत्र में पांच जोन में अलग-अलग क्षेत्र की भू, भवन संपत्तियों की रजिस्ट्री होती हैं।
साथ ही बीकेटी, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर व मलिहाबाद तहसीलों में भी रजिस्ट्री या निबंधन कार्य होता है। इन जगहों पर कोरोना कर्फ्यू के दौरान रजिस्ट्री कार्य चलता रहा।
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हालांकि, रोजाना तीस रजिस्ट्री की अनुमति थी और कई जगह इससे कम भी रजिस्ट्री हुईं। एआईजी स्टांप सतीश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए ही रोजाना अधिकतम 30 रजिस्ट्री की अनुमति कर्फ्यू के दौरान दी गई थी। बाकी अन्य कार्य बंद थे।
जून में बढ़ी रफ्तार, 60 बैनामे रोजाना की मिली छूट
कर्फ्यू से पहले रजिस्ट्री की रफ्तार कुछ ठीक थी और अप्रैल में 6815 रजिस्ट्री हुई थीं। बाद में कर्फ्यू के दौरान संख्या में गिरावट आई और संक्रमण घटने व कर्फ्यू हटने के साथ ही संपत्तियों की रजिस्ट्री यानी बैनामे की रफ्तार जून में फिर बढ़ने लगी है। यही नहीं, अब रोजाना 60 बैनामे करने की छूट है। रजिस्ट्री कार्यालय में इस समय भीड़ बढ़ गई है। इससे सोशल डिस्टेंसिंग भी टूट रही है।
नकल, मुआयना और तलाश भी शुरू
कर्फ्यू काल में रजिस्ट्री भले ही हो रही थीं, लेकिन निबंधन कार्यालय से जुड़े कई अन्य कार्य बंद थे। अब नकल यानी रजिस्ट्री की कॉपी फिर निर्धारित शुल्क देकर निकलने लगी है। इसके साथ ही मुआयना यानी स्थलीय जांच और तलाश यानी भार मुक्ति प्रमाण पत्र दिए जाने का काम भी निबंधन कार्यालयों से शुरू हो गया है।

फायदे में रहा बीता वित्तीय वर्ष
कोरोना संकट पिछले वर्ष भी था। कई महीने बहुत सी गतिविधियां ठप रही थीं, लेकिन स्टांप बिक्री के लिहाज से देखा जाए तो बीता वित्तीय वर्ष मुनाफे वाला रहा। लखनऊ में 2019-20 में जहां लगभग 15.58 अरब की राजस्व प्राप्ति हुई थी, वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 21.67 अरब की राजस्व प्राप्ति हुई।
वर्ष 2021 की आय बता रही जिले में रजिस्ट्री की रफ्तार
जनवरी - 1.46 अरब
फरवरी - 1.70 अरब
मार्च - 1.84 अरब
अप्रैल - 77 करोड़
मई - 27.28 करोड़
जून (10 तारीख तक)- 26 करोड़
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