यूपी के 23 शहरों में दूर होगी पेयजल की किल्लत, केंद्र से मिली मंजूरी
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उत्तर प्रदेश के 23 शहरों में पेयजल की किल्लत को दूर करने के लिए 32 परियोजनाओं को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अमृत योजना के तहत चलने वाली इन परियोजनाओं पर केंद्र व राज्य सरकार 21736.44 लाख रुपये खर्च करेगी। जल निगम जल्द ही इन परियोजनाओं पर काम शुरू करेगा।
बता दें, जल निगम ने पहले चरण में 23 शहरों के लिए इन परियोजनाओं को स्टेट एनुअल एक्शन प्लान के अंतर्गत तैयार किया गया था। इसे मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति से पिछले महीने मंजूरी मिलने के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अपेक्स कमेटी को भेजा गया था। वहां से भी परियोजनाओें को मंजूरी मिल गई है। जिन 23 शहरों के लिए पेयजल की 32 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उनमें से 8 शहर नगर निगम वाले हैं।
इनमें वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, अयोध्या, वृंदावन-मथुरा, झांसी और शाहजहांपुर के लिए दो-दो परियोजना स्वीकृत की गई है। जबकि मेरठ के लिए एक परियोजना मंजूर की गई है। अन्य 17 परियोजनाएं नगर पालिका परिषद वाले शहरों के लिए स्वीकृत हुई हैं।
परियोजनाओं की लागत की हिस्सेदारी आबादी के हिसाब से तय
परियोजनाओं की लागत की हिस्सेदारी शहरों की आबादी के आधार पर तय की गई है। 10 लाख से अधिक आबादी बाले शहरों से जुड़ी परियोजनाओं की लागत का एक तिहाई धन केंद्र और दो तिहाई धन राज्य सरकार देगी। जबकि 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों की परियोजना की लागत का 50-50 फीसदी धन दोनों सरकारें देंगी।
परियोजना के तहत ये काम होंगे
परियोजना के तहत उन घरों को पेयजल कनेक्शन दिया जाएगा, जहां वर्तमान में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरों की पुरानी पाइपलाइन बदलने के साथ ही पानी सप्लाई की व्यवस्था का विस्तार भी किया जाएगा। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से नई पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी।
इन शहरों के लिए स्वीकृत हुई योजना
अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, अयोध्या, वृंदावन-मथुरा, झांसी, शाहजहांपुर, मेरठ, खुर्जा, सोनभद्र, अमरोहा, हरदोई, जौनपुर, मुगलसराय, गाजीपुर, आजमगढ़, बुलंदशहर, शिकोहाबाद, संभल, चंदौसी व मिर्जापुर।