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बिजली चोरी में घरेलू उपभोक्ता ही आते कार्रवाई की जद में

Thu, 07 Jun 2018 12:16 AM IST
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:16 AM IST
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बिजली चोरी में घरेलू उपभोक्ता ही आते कार्रवाई की जद में
बिजली चोरी में घरेलू उपभोक्ता ही आते कार्रवाई की जद में
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अंबेडकरनगर। जिले में विद्युत चोरी रोकने की कार्रवाई गति नहीं पकड़ पा रही है। इसमें न सिर्फ आवश्यक संसाधनों की अनुपलब्धता जिम्मेदार बनी है, बल्कि अधिकारियों का उदासीन रवैया भी सरकार की मंशा को फलीभूत नहीं कर पा रहा है।


इसके चलते ही बड़े पैमाने पर विद्युत चोरी हो रही है। कार्रवाई के नाम पर बीते वर्ष कॉर्पोरेशन की टीमों ने छापेमारी कर करीब 400 लोगों को विद्युत चोरी करते पकड़ा था। जबकि इस वर्ष अब तक 150 लोगों पर विद्युत चोरी करने पर कार्रवाई हुई है।
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इसमें भी बड़े उद्योग-धंधे व ज्यादा खपत वाले उपभोक्ता आमतौर पर कार्रवाई की जद से बाहर ही हैं। इस वर्ष भी अब तक ऐेसे किसी बड़े मामले में कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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गौरतलब है कि प्रदेश की सत्ता में आने के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विद्युत व्यवस्था को पटरी पर लाने को प्रयासरत हैं। विद्युत व्यवस्था बेहतर करने के साथ ही उनका ध्यान राजस्व में वृद्धि को लेकर भी है।


इसके चलते विद्युत चोरी रोकने को लेकर उनका सख्त आदेश है। इसके बावजूद जिले में इन आदेशों का कोई खास असर देखने को नहीं मिलता। पावर कॉर्पोरेशन विद्युत चोरी रोकने को लेकर गंभीर नहीं है।


ग्रामीण क्षेत्रों में ही छापेमारी कर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है। कभी विद्युत चोरी के सहारे बड़े व लघु उद्योग धंधे संचालित करने वालों पर शिकंजा कसने की जरूरत नहीं समझी जाती।


विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते वर्ष में पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने लगभग 400 लोगों पर विद्युत चोरी की कार्रवाई की। इनमें ज्यादातर कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्र के लोगों पर हुई।


मौजूदा वर्ष में एक जनवरी से 31 मई तक विभाग ने सिर्फ 150 लोगों को विद्युत चोरी करते पकड़ा है। इनमें भी अधिकांशत: घरेलू विद्युत उपभोक्ता ही हैं।


इसके चलते समय-समय पर विभाग की कार्रवाई को लेकर सवालिया निशान भी खड़े होते हैं। लोगों का कहना है कि, विभाग सिर्फ आम उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने में तेजी दिखाता है, जो लोग बड़े पैमाने पर विद्युत चोरी करते हैं, उनके विरुद्घ कोई कार्रवाई नहीं की जाती।


यदि विभाग पारदर्शी ढंग से मामले में सख्त कार्रवाई करे तो विद्युत चोरी पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है।


अधिशाषी अधिकारी विद्युत एके यादव का कहना है कि, विद्युत चोरी रोकने के लिए जिले में सात टीमें गठित हैं। एसडीओ के नेतृत्व में होने वाली इस छापेमारी में 10 से 12 सदस्य शामिल होते हैं।



छापेमारी में संबंधित थाने की पुलिस टीम का भी सहयोग लिया जाता है। सप्ताह में तीन दिन छापेमारी अभियान चलता है।


छापेमारी के दौरान कई अड़चनें भी आती हैं। विद्युत चोरी करने वाले लोग खुद तो भाग जाते हैं और परिवार की महिलाओं को आगे कर देते हैं। इससे टीम को कार्रवाई करने में दिक्कत होती है।
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