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अवसादग्रस्त शिक्षामित्र ने लगा ली फांसी

Mon, 09 Jul 2018 11:48 PM IST
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:48 PM IST
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अवसादग्रस्त शिक्षामित्र ने लगा ली फांसी
महराजगंज (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के पूरे डीहा मजरा बेखरा गांव में सोमवार को सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने से दुखी एक शिक्षामित्र ने खुदकुशी कर ली। घर में छत की कुंडी से रस्सी के सहारे उसका शव लटका पाया गया। शिक्षामित्र के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि शिक्षक बनने का ख्वाब पूरा न होने के चलते उसका बेटा अवसाद में था। इसी वजह से उसने जान दे दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे डीहा मजरा बेखरा गांव निवासी अनिल कुमार (27) पुत्र रामेश्वर अमावां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल कुसिहा में शिक्षामित्र के पद पर तैनात था। सोमवार को परिवारीजन खेत में धान की रोपाई करा रहे थे। सुबह अनिल सोकर उठा तो उसकी मां कौशल्या ने उससे खेत जाने को कहा। इस पर अनिल ने कुछ देर बाद खेत जाने की बात कही। इसके बाद अनिल खेत पर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद परिवारीजन घर पहुंचे तो अनिल का शव कमरे में छत के कुंडे से फांसी पर लटका मिला। यह देख परिवारीजन दंग रह गए। सूचना के बाद कोतवाल राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पिता रामेश्वर ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा शिक्षामित्र था। सहायक अध्यापक पद पर समायोजन न होने की वजह से एक साल से अनिल अवसाद में था। शिक्षक न बन पाने से आहत होकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सीओ महराजगंज गोपीनाथ सोनी ने बताया कि अवसाद के चलते शिक्षामित्र ने फांसी लगाई है। तहरीर पर खुदकुशी किए जाने का केस लिख लिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।
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अंदर ही अंदर महसूस कर रहा था घुटन
सहायक अध्यापक न बन पाने की वजह से शिक्षामित्र अनिल कुमार को अंदर ही अंदर घुटन महसूस होती थी। बताया जाता है कि उसके साथी शिक्षक बन गए थे, लेकिन उसकी यह हसरत पूरी नहीं हो पाई थी। वह एक साल से अवसाद में चल गया था। बताया जाता है कि उसे अवसाद से दूर करने के लिए उसका इलाज कराया जा रहा था, लेकिन उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शिक्षामित्र की मौत के बाद परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां कौशल्या, पिता रामेश्वर के आंसू नहीं थम रहे हैं। पिता रामेश्वर पोस्टमैन हैं, जो महराजगंज उप डाकघर में तैनात हैं। रोते-रोते पोस्टमैन ने बताया कि बेटे को कई बार समझाया कि परेशान मत हो। सब ठीक हो जाएगा, लेकिन सहायक अध्यापक न बन पाने की वजह से वह गुमसुम रहता था। अनिल अपने पीछे पत्नी रोशनी के अलावा डेढ़ वर्षीय बच्चे को छोड़ गया है।
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