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प्रसव के लिए एएनएम व दाई ने वसूली 1500 रुपये
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:46 PM IST
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रुपईडीह (गोंडा)। सीएचसी में प्रसव के लिए आई एक महिला से एएनएम व दाई ने मिलकर डेढ़ हजार रुपये वसूल लिए। महिला के परिवारीजनों ने जब बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदने में असमर्थता जताई तो उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने से मना कर दिया गया। इतना ही नहीं सरकार की ओर से बतौर प्रोत्साहन जेएसवाई में मिलने वाली रकम के लिए भी महिला से कोई फॉर्म नहीं भराया गया। मामले की शिकायत महिला के परिवारीजनों ने सीएमओ को पत्र देकर की है। मामले की जांच के लिए सीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया है।
मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह का है। ग्राम पंचायत मंगलनगर तेली पुरवा में रहने वाले बच्चाराम चौरसिया ने 13 नवंबर को अपनी पत्नी मंजू देवी को रात करीब साढ़े 10 बजे 102 एंबुलेंस से ले जाकर पीएचसी रुपईडीह में भर्ती कराया था, जहां उसे एक बच्चा पैदा हुआ। बच्चाराम के मुताबिक डिलीवरी के लिए एएनएम ने उससे एक हजार रुपएये तो दाई ने जबरन मिलकर 500 वसूल लिए। यही नहीं इसके बाद भी उसे बाहर से दवा लेने के लिए दवाइयों की लिस्ट थमा दी गई। इस पर जब उसने पैसा न होने पर दवा खरीदने में असमर्थता जताई तो उसे बजाए अस्पताल से डिस्चार्ज करने के भर्ती रखा गया। यहां तक कि सरकार की ओर से जेएसवाई का फार्म भी उससे नहीं भरवाया गया, जिससे कि उसे सरकारी प्रोत्साहन राशि मिल सके। प्रसूता के पति बच्चाराम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष शुक्ल से मामले की शिकायत करते हुए इस संबंध में शिकायतीपत्र सीएमओ को भी दिया है। जिस पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को जांच कर मामले की रिपोर्ट मांगी है।
लड़के पर दो तो लड़की होने पर होती डेढ़ हजार की वसूली
व्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत पाठक ने पीएचसी रुपईडीह में डिलीवरी के
लिए कार्यरत स्टाफ पर लड़का होने पर दो हजार तो लड़की होने पर डेढ़ हजार रुपये की परिवारीजनों से अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत सीएमओ से की है। व्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष का आरोप है कि पैसा न देने पर मरीज को परेशान किया जाता है।
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मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुपईडीह का है। ग्राम पंचायत मंगलनगर तेली पुरवा में रहने वाले बच्चाराम चौरसिया ने 13 नवंबर को अपनी पत्नी मंजू देवी को रात करीब साढ़े 10 बजे 102 एंबुलेंस से ले जाकर पीएचसी रुपईडीह में भर्ती कराया था, जहां उसे एक बच्चा पैदा हुआ। बच्चाराम के मुताबिक डिलीवरी के लिए एएनएम ने उससे एक हजार रुपएये तो दाई ने जबरन मिलकर 500 वसूल लिए। यही नहीं इसके बाद भी उसे बाहर से दवा लेने के लिए दवाइयों की लिस्ट थमा दी गई। इस पर जब उसने पैसा न होने पर दवा खरीदने में असमर्थता जताई तो उसे बजाए अस्पताल से डिस्चार्ज करने के भर्ती रखा गया। यहां तक कि सरकार की ओर से जेएसवाई का फार्म भी उससे नहीं भरवाया गया, जिससे कि उसे सरकारी प्रोत्साहन राशि मिल सके। प्रसूता के पति बच्चाराम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष शुक्ल से मामले की शिकायत करते हुए इस संबंध में शिकायतीपत्र सीएमओ को भी दिया है। जिस पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को जांच कर मामले की रिपोर्ट मांगी है।
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लड़के पर दो तो लड़की होने पर होती डेढ़ हजार की वसूली
व्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष श्रीकांत पाठक ने पीएचसी रुपईडीह में डिलीवरी के
लिए कार्यरत स्टाफ पर लड़का होने पर दो हजार तो लड़की होने पर डेढ़ हजार रुपये की परिवारीजनों से अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत सीएमओ से की है। व्यापार मंडल के ब्लॉक अध्यक्ष का आरोप है कि पैसा न देने पर मरीज को परेशान किया जाता है।
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