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Lucknow News: पटाखों से झुलसे 200 पहुंचे अस्पताल
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लखनऊ। दिवाली पर धूम-धड़ाके के बीच पटाखों से झुलसकर करीब 200 लोग अस्पताल पहुंचे। इनमें से ज्यादातर देसी अनार व मेहताब से जले थे। दस मरीजों को हालत गंभीर होने पर भर्ती करना पड़ा।
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में दिवाली की रात व सोमवार को पटाखे से झुलसे 27 लोग पहुंचे। सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि हालत में सुधार के बाद सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में 20 से ज्यादा लोग पटाखों से झुलसकर पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सभी को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पटाखों से झुलसे 59 लोग इमरजेंसी में आए थे। इनमें एक बच्चा अनार हाथ में फटने से गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे केजीएमयू रेफर किया गया था। नौ लोगों के हाथ, चेहरे जल गए थे। शरीर के अन्य हिस्सों पर जलने की गंभीर चोटों के कारण बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था। बाकी 50 मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद लौटा दिया गया।
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लोकबंधु में 30 मरीज पहुंचे
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पटाखों से झुलसे 30 लोग इमरजेंसी में आए थे। हालत में सुधार पर घर भेज दिया गया। पटाखों से झुलसे 25 लोग बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि 10 लोगों ने पटाखे जलाने से आंखों में जलन की शिकायत बताई। दो मरीजों की हालत गंभीर थी, जिन्हें हायर सेंटर भेजा गया। दो मरीजों के हाथ, छाती, चेहरे पर चोट आई थी।
बीआरडी महानगर में 12 पहुंचे
आतिशबाजी में झुलसे 12 लोग महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष शुक्ला ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। निजी अस्पतालों में करीब 30 मरीज पहुंचे। इनमें से अधिकतर हल्के झुलसे हुए थे।
प्रमुख सचिव ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा
लखनऊ। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिवाली के दिन सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी-बर्न यूनिट व आईसीयू की व्यवस्था को परखा। उन्होंने अवकाश के दिन काम कर रहे डॉक्टरों को मिठाई देकर हौसला बढ़ाया। प्रमुख सचिव की गाड़ी दोपहर करीब तीन बजे सिविल अस्पताल पहुंची। इसकी जानकारी पर निदेशक-सीएमएस इमरजेंसी में पहुंचे। यहां निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव करीब पौने चार बजे बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। यहां व्यवस्था का जायजा लेने के साथ इमरजेंसी व वार्ड ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी लिस्ट की जांच किया। सभी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। (माई सिटी रिपोर्टर)
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केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में दिवाली की रात व सोमवार को पटाखे से झुलसे 27 लोग पहुंचे। सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि हालत में सुधार के बाद सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में 20 से ज्यादा लोग पटाखों से झुलसकर पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सभी को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।
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सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पटाखों से झुलसे 59 लोग इमरजेंसी में आए थे। इनमें एक बच्चा अनार हाथ में फटने से गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे केजीएमयू रेफर किया गया था। नौ लोगों के हाथ, चेहरे जल गए थे। शरीर के अन्य हिस्सों पर जलने की गंभीर चोटों के कारण बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया था। बाकी 50 मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद लौटा दिया गया।
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लोकबंधु में 30 मरीज पहुंचे
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि पटाखों से झुलसे 30 लोग इमरजेंसी में आए थे। हालत में सुधार पर घर भेज दिया गया। पटाखों से झुलसे 25 लोग बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि 10 लोगों ने पटाखे जलाने से आंखों में जलन की शिकायत बताई। दो मरीजों की हालत गंभीर थी, जिन्हें हायर सेंटर भेजा गया। दो मरीजों के हाथ, छाती, चेहरे पर चोट आई थी।
बीआरडी महानगर में 12 पहुंचे
आतिशबाजी में झुलसे 12 लोग महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष शुक्ला ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। निजी अस्पतालों में करीब 30 मरीज पहुंचे। इनमें से अधिकतर हल्के झुलसे हुए थे।
प्रमुख सचिव ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को परखा
लखनऊ। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिवाली के दिन सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान इमरजेंसी-बर्न यूनिट व आईसीयू की व्यवस्था को परखा। उन्होंने अवकाश के दिन काम कर रहे डॉक्टरों को मिठाई देकर हौसला बढ़ाया। प्रमुख सचिव की गाड़ी दोपहर करीब तीन बजे सिविल अस्पताल पहुंची। इसकी जानकारी पर निदेशक-सीएमएस इमरजेंसी में पहुंचे। यहां निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव करीब पौने चार बजे बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। यहां व्यवस्था का जायजा लेने के साथ इमरजेंसी व वार्ड ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व स्टाफ की ड्यूटी लिस्ट की जांच किया। सभी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। (माई सिटी रिपोर्टर)