{"_id":"5afdc7a14f1c1bd8408b6333","slug":"191526581153-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खनन से बने तालाब में डूबकर युवक की मौत, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खनन से बने तालाब में डूबकर युवक की मौत, हंगामा
Updated Fri, 18 May 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खनन से बने गड्ढे में डूबकर युवक की मौत, हंगामा
सीतापुर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में चौका नदी के किनारे अवैध खनन से बने तालाब में नहाते वक्त गुरुवार दोपहर एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
बताते हैं कि खनन के कारण नदी में काफी गहरे तालाब बन गए हैं, जिसमें नहाते समय युवक डूब गया। सूचना पाकर पुलिस ने शव तालाब से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मगर घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र के ग्रामीण भड़क गए। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण खनन स्थल पर पहुंच गए और जमकर हंगामा करने के साथ ही खनन करने वाले लोगों की बैरकों में तोड़फोड़ की।
ग्रामीणों का आरोप था कि, मानक के विपरीत खनन के चलते ही नदी किनारे गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें डूबकर युवक की जान चली गई।
बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ा। विवाद बढ़ता देख सेवता विधायक ज्ञान तिवारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
विज्ञापन
थानगांव थाना क्षेत्र के ग्राम खैरी निवासी सतीश कुमार (28) गुरुवार दोपहर बाइक से रेउसा थाना क्षेत्र में चौका नदी के धनावां घाट पर गया था। बताते हैं कि नदी तो पूरी सूखी पड़ी है।
मगर धनावां घाट पर रेत का खनन होने की वजह से गहरे-गहरे तालाब बन गए हैं। इन तालाबों में काफी पानी भरा है। बताया जा रहा है कि वहां पहुंचकर सतीश नदी के किनारे तालाब में नहाने लगा।
इसी दौरान वह गहराई में जाकर डूब गया। सतीश को तैरना नहीं आता था, इस वजह से डूबने से उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव पानी से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, घटना की जानकारी पाकर सैकड़ों ग्रामीण खनन स्थल पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। हंगामा इस कदर बढ़ा कि भीड़ ने वहां बनी खनन कर्मियों की बैरकों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप था कि, खनन मानक के विपरीत किया गया है। मजदूरों की जगह जेसीबी, पोकलैंड मशीनों से चौका नदी को खोदकर गहरा कर दिया गया।
इससे नदी के किनारों पर गहरे-गहरं गड्ढे हो गए हैं, जिसके चलते हादसा हुआ है। खनन को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने भी अनदेखी की है। सूचना मिलते ही रेउसा, थानगांव, तंबौर, सकरन आदि थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ा। मामले की जानकारी पाकर सेवता विधायक ज्ञान तिवारी मौके पर पहुंच गए। विधायक ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। वहीं, विधायक ने भी इस खनन को लेकर सवाल उठाए।
विधायक ने कहा कि, खनन मानक को दरकिनार कर किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासन को पत्र भी लिखा जा चुका है। मगर जिम्मेदारों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। समाचार लिखे जाने तक मौके पर गहमागहमी का माहौल था।
विज्ञापन
सीतापुर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में चौका नदी के किनारे अवैध खनन से बने तालाब में नहाते वक्त गुरुवार दोपहर एक युवक की डूबकर मौत हो गई।
बताते हैं कि खनन के कारण नदी में काफी गहरे तालाब बन गए हैं, जिसमें नहाते समय युवक डूब गया। सूचना पाकर पुलिस ने शव तालाब से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मगर घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र के ग्रामीण भड़क गए। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण खनन स्थल पर पहुंच गए और जमकर हंगामा करने के साथ ही खनन करने वाले लोगों की बैरकों में तोड़फोड़ की।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप था कि, मानक के विपरीत खनन के चलते ही नदी किनारे गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें डूबकर युवक की जान चली गई।
बवाल बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ा। विवाद बढ़ता देख सेवता विधायक ज्ञान तिवारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
विज्ञापन
थानगांव थाना क्षेत्र के ग्राम खैरी निवासी सतीश कुमार (28) गुरुवार दोपहर बाइक से रेउसा थाना क्षेत्र में चौका नदी के धनावां घाट पर गया था। बताते हैं कि नदी तो पूरी सूखी पड़ी है।
मगर धनावां घाट पर रेत का खनन होने की वजह से गहरे-गहरे तालाब बन गए हैं। इन तालाबों में काफी पानी भरा है। बताया जा रहा है कि वहां पहुंचकर सतीश नदी के किनारे तालाब में नहाने लगा।
इसी दौरान वह गहराई में जाकर डूब गया। सतीश को तैरना नहीं आता था, इस वजह से डूबने से उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव पानी से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, घटना की जानकारी पाकर सैकड़ों ग्रामीण खनन स्थल पर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। हंगामा इस कदर बढ़ा कि भीड़ ने वहां बनी खनन कर्मियों की बैरकों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप था कि, खनन मानक के विपरीत किया गया है। मजदूरों की जगह जेसीबी, पोकलैंड मशीनों से चौका नदी को खोदकर गहरा कर दिया गया।
इससे नदी के किनारों पर गहरे-गहरं गड्ढे हो गए हैं, जिसके चलते हादसा हुआ है। खनन को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने भी अनदेखी की है। सूचना मिलते ही रेउसा, थानगांव, तंबौर, सकरन आदि थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस ने लाठियां भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ा। मामले की जानकारी पाकर सेवता विधायक ज्ञान तिवारी मौके पर पहुंच गए। विधायक ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। वहीं, विधायक ने भी इस खनन को लेकर सवाल उठाए।
विधायक ने कहा कि, खनन मानक को दरकिनार कर किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासन को पत्र भी लिखा जा चुका है। मगर जिम्मेदारों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। समाचार लिखे जाने तक मौके पर गहमागहमी का माहौल था।