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परीक्षा दे रहा था छात्र, बना दिया मनरेगा मजदूर
Updated Thu, 03 May 2018 11:16 PM IST
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गोंडा। मनरेगा से सरकारी धन को हड़पने का गजब खेल चल रहा है। मुजेहना ब्लॉक की ग्राम पंचायत रैगांव में मनरेगा में सरकारी धनराशि को हड़पने का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। इस गांव की महिला ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलकर इंटरमीडिएट के एक छात्र को मनरेगा मजदूर बना दिया। बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्र ने मजदूरी भी की और 2275 रुपये का भुगतान भी लिया। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि उसी अवधि में छात्र इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुआ और फर्स्ट डिवीजन पास भी हो गया। मनरेगा में फर्जीवाड़ा का यह प्रकरण सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। उपायुक्त मनरेगा ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मुजेहना ब्लॉक की ग्राम पंचायत रैंगांव में वित्तीय वर्ष 2017-18 में तालाब के सुंदरीकरण का काम स्वीकृत कराया गया था। मजदूरों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तालाब की खोदाई का काम मनरेगा के श्रमिकों से कराने का नियम है। इसमें अपने चहेतों लोगों को मनरेगा श्रमिक बनाकर सरकारी धन को हड़पने के लिए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलकर खेल किया। दोनों ने मिलीभगत कर गांव के ही रहने वाले इंटरमीडिएट के एक छात्र को मनरेगा का श्रमिक बना दिया। तालाब खोदाई के लिए जारी कराए गए मस्टर रोल के मुताबिक बीती 24 फरवरी से नौ मार्च तक छात्र ने मनरेगा में तालाब खोदाई के लिए फावड़ा चलाया और मजदूरी की। बाकायदा अभिलेखों में उसकी हाजिरी भरी गई और 13 दिन की मजदूरी के रूप में उसे 2275 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव यह भूल गए कि इसी अवधि में छात्र की बोर्ड परीक्षा भी चल रही थी और वह परीक्षा में शामिल भी हो रहा था। छात्र ने 24 व 27 फरवरी को इंटरमीडिएट का अंग्रेजी का तथा 5 व 7 मार्च को जीव विज्ञान का पेपर द्वितीय पाली में दिया है। वहां पर उसकी मौजूदगी का प्रमाण भी है। इसके बावजूद फर्जीवाड़ा करने वाले ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने इन तारीखों में भी उसे मनरेगा के उपस्थिति रजिस्टर में मौजूद दर्शा दिया और मजदूरी का भुगतान कर दिया। हाल ही में घोषित किए गए नतीजों में छात्र प्रथम श्रेणी में पास भी हो गया है। मनरेगा में इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद विकास खंड के अफसरों में खलबली मच गई है। खंड विकास अधिकारी पन्नालाल से जब इस विषय में बात की गई तो वह अपने मातहतों को बचाने के फेर में इसकी जानकारी होने से ही इन्कार कर गए।
एक ही समय में कोई भी दो स्थानों पर मौजूद हीं रह सकता। परीक्षा के समय अगर किसी छात्र को मजदूरी करते दिखाया गया और उसे मजदूरी का भुगतान किया गया है तो यह बेहद गंभीर मामला है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- हरीशचंद्र राम प्रजापति, डिप्टी कमिश्नर, श्रम एवं रोजगार
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मुजेहना ब्लॉक की ग्राम पंचायत रैंगांव में वित्तीय वर्ष 2017-18 में तालाब के सुंदरीकरण का काम स्वीकृत कराया गया था। मजदूरों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के लिए तालाब की खोदाई का काम मनरेगा के श्रमिकों से कराने का नियम है। इसमें अपने चहेतों लोगों को मनरेगा श्रमिक बनाकर सरकारी धन को हड़पने के लिए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने मिलकर खेल किया। दोनों ने मिलीभगत कर गांव के ही रहने वाले इंटरमीडिएट के एक छात्र को मनरेगा का श्रमिक बना दिया। तालाब खोदाई के लिए जारी कराए गए मस्टर रोल के मुताबिक बीती 24 फरवरी से नौ मार्च तक छात्र ने मनरेगा में तालाब खोदाई के लिए फावड़ा चलाया और मजदूरी की। बाकायदा अभिलेखों में उसकी हाजिरी भरी गई और 13 दिन की मजदूरी के रूप में उसे 2275 रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। इस फर्जीवाड़े में ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव यह भूल गए कि इसी अवधि में छात्र की बोर्ड परीक्षा भी चल रही थी और वह परीक्षा में शामिल भी हो रहा था। छात्र ने 24 व 27 फरवरी को इंटरमीडिएट का अंग्रेजी का तथा 5 व 7 मार्च को जीव विज्ञान का पेपर द्वितीय पाली में दिया है। वहां पर उसकी मौजूदगी का प्रमाण भी है। इसके बावजूद फर्जीवाड़ा करने वाले ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव ने इन तारीखों में भी उसे मनरेगा के उपस्थिति रजिस्टर में मौजूद दर्शा दिया और मजदूरी का भुगतान कर दिया। हाल ही में घोषित किए गए नतीजों में छात्र प्रथम श्रेणी में पास भी हो गया है। मनरेगा में इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद विकास खंड के अफसरों में खलबली मच गई है। खंड विकास अधिकारी पन्नालाल से जब इस विषय में बात की गई तो वह अपने मातहतों को बचाने के फेर में इसकी जानकारी होने से ही इन्कार कर गए।
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एक ही समय में कोई भी दो स्थानों पर मौजूद हीं रह सकता। परीक्षा के समय अगर किसी छात्र को मजदूरी करते दिखाया गया और उसे मजदूरी का भुगतान किया गया है तो यह बेहद गंभीर मामला है। इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- हरीशचंद्र राम प्रजापति, डिप्टी कमिश्नर, श्रम एवं रोजगार