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फिर भराकर ढहा स्कूल भवन
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:05 AM IST
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रायबरेली। राही विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मछेछर में पढ़ रहे 114 नौनिहालों की जिंदगी हर समय खतरे के साये में रहती है। इस विद्यालय भवन का कुछ हिस्सा पिछले साल ढह गया था तो इस बार फिर बीते सप्ताह कमरा भरभरा कर ढह गया। गनीमत रही कि यह घटना रात में घटी। अगर स्कूल संचालन की अवधि में कमरा ढहता तो कई बच्चे हताहत होते। प्रधानाध्यापक ने भवन की हालत से कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। भवन को नुकसान पहुंचा रहे मिट्टी खनन पर भी कोई अंकुश नहीं लग रहा है।
प्राथमिक विद्यालय मछेछर में किचन और कमरा ढह जाने के कारण दूसरे कमरों की दीवारें भी कमजोर हो गई हैं। बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए एक क्लास रूम को रसोई बना दिया जाता है। पठन-पाठन बाधित चल रहा है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं, जबकि छात्र-छात्राओं की संख्या 114 है। प्रधानाध्यापक कुसुम त्रिवेदी का कहना है कि स्कूल के पीछे मिट्टी खोदाई कराई गई है। इससे विद्यालय के चारो और जलभराव रहता है। पिछली बारिश में इसी जलभराव के कारण विद्यालय का कुछ हिस्सा ढहा था।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की गई थी, लेकिन सुझाव दे दिया गया कि प्रधान से सहयोग लेकर मरम्मत करा लें, लेकिन प्रधान के पास कोई बजट नहीं था। इस बार फिर जुलाई के प्रथम सप्ताह में बारिश हुई तो जलभराव हो गया। इसी कारण एक कमरा फिर भरभरा कर ढह गया।
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प्राथमिक विद्यालय मछेछर में किचन और कमरा ढह जाने के कारण दूसरे कमरों की दीवारें भी कमजोर हो गई हैं। बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए एक क्लास रूम को रसोई बना दिया जाता है। पठन-पाठन बाधित चल रहा है। विद्यालय में प्रधानाध्यापक और तीन सहायक अध्यापक तैनात हैं, जबकि छात्र-छात्राओं की संख्या 114 है। प्रधानाध्यापक कुसुम त्रिवेदी का कहना है कि स्कूल के पीछे मिट्टी खोदाई कराई गई है। इससे विद्यालय के चारो और जलभराव रहता है। पिछली बारिश में इसी जलभराव के कारण विद्यालय का कुछ हिस्सा ढहा था।
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प्रधानाध्यापक ने बताया कि अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की गई थी, लेकिन सुझाव दे दिया गया कि प्रधान से सहयोग लेकर मरम्मत करा लें, लेकिन प्रधान के पास कोई बजट नहीं था। इस बार फिर जुलाई के प्रथम सप्ताह में बारिश हुई तो जलभराव हो गया। इसी कारण एक कमरा फिर भरभरा कर ढह गया।
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