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अकीदत से निकाला सातवीं मुहर्रम का जुलूस
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:31 PM IST
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गोंडा। जिले भर में गुरुवार को सातवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। अलग-अलग मुस्लिम संगठनों व मुहर्रम कमेटियों की ओर से निकाले गए जुलूस में अलम व जुल्फिकार शामिल रहे। जुलूस में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके कुनबे के 72 साथियों को शहादत दिये जाने की याद में लोगों ने या हुसैन व या अली की सदाएं बुलंद कर अपने गम व शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की।
बताया जाता है कि 1400 साल पहले पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जांनिसारों को जालिम बादशाह यजीद व उसके लश्करों ने शहीद कर दिया था। इंसानियत व सच्चाई को जिंदा रखने के लिए हजरत इमाम हुसैन व उनके लोगों ने जालिम यजीद की बात को ठुकराकर शहादत का रास्ता चुना था। इसी को लेकर मुहर्रम मनाया जाता है। इसी को लेकर गुरुवार को शहर की मुहर्रम कमेटी की ओर से सदर इमामबाड़ा से अलम व जुल्फिकार का जुलूस निकाला गया। कमेटी के मेंहदी रजा, वली मोहम्मद, मो. आसिफ आदि की अगुवाई में निकाले गए 7वीं मुहर्रम के जुलूस में अकीदतमंदों ने शिरकत की। लोगों ने या हुसैन व या अली के नाम की सदाएं बुलंद कर अपने गम का इजहार किया। इमामबाड़ा में सुबह फातिहा हुआ, लोगों को शीरनी बांटी गई। अलग-अलग मोहल्लों में लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। लोगों ने इमाम हुसैन के नजराने में लोगों को शर्बत, पानी पिलाया। इसके अलावा जर्दा, खुर्मा आदि बांटा। जुलूस नगर के मोहल्ला नौशहरा, मेवातियान, पेरी, इमामबाड़ा, गिर्दगोंडा, घोसियाना व पटेल नगर होकर सर्कुलर रोड स्थित कर्बला पहुंचा। इसी तरह से बड़गांव मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष जान मोहम्मद, अशफाक अहमद, सलीम खां, कारी इरशाद हशमती की अगुवाई में जुलूस निकाला गया। रानी बाजार, खैराबाग, घोसियाना व साहबगंज और बड़गांव पुलिस चौकी होकर कर्बला पहुंचा। जुलूस में लोगों ने शर्बत पानी पिलाकर सेवा की। इसी तरह से सिविल लाइन मोहर्रम कमेटी की ओर से पोर्टरगंज से जुलूस उठाया गया। कारी निजाह अहम, हनीफ वारसी, इरशाद, यूनुस, इकबाल व शाहिद अली की अगुवाई में निकाले गये जुलूस में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इस जुलूस में भारत के मानचित्र की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। भारत के मानचित्र में अजमेर के ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैहिर्रहमा के दरगाह का फोटो बना था। लोगों ने इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत की याद में मातम व नारे लगाए। यह जुलूस पंत नगर, भट्ठा परेड होकर पुलिस लाइन होकर हजरत सदरुद्दीन के दरगाह स्थित इमामबाड़ा पहुंचा। यहां दरगाह के सज्जादानसीन सैय्यद सलमान वारसी ने जुलूस का स्वागत किया। लोगों ने कर्बला व इमामबाड़ा में कर्बला के सभी शहीदों के नाम फातिहा पढ़कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
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बताया जाता है कि 1400 साल पहले पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 जांनिसारों को जालिम बादशाह यजीद व उसके लश्करों ने शहीद कर दिया था। इंसानियत व सच्चाई को जिंदा रखने के लिए हजरत इमाम हुसैन व उनके लोगों ने जालिम यजीद की बात को ठुकराकर शहादत का रास्ता चुना था। इसी को लेकर मुहर्रम मनाया जाता है। इसी को लेकर गुरुवार को शहर की मुहर्रम कमेटी की ओर से सदर इमामबाड़ा से अलम व जुल्फिकार का जुलूस निकाला गया। कमेटी के मेंहदी रजा, वली मोहम्मद, मो. आसिफ आदि की अगुवाई में निकाले गए 7वीं मुहर्रम के जुलूस में अकीदतमंदों ने शिरकत की। लोगों ने या हुसैन व या अली के नाम की सदाएं बुलंद कर अपने गम का इजहार किया। इमामबाड़ा में सुबह फातिहा हुआ, लोगों को शीरनी बांटी गई। अलग-अलग मोहल्लों में लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। लोगों ने इमाम हुसैन के नजराने में लोगों को शर्बत, पानी पिलाया। इसके अलावा जर्दा, खुर्मा आदि बांटा। जुलूस नगर के मोहल्ला नौशहरा, मेवातियान, पेरी, इमामबाड़ा, गिर्दगोंडा, घोसियाना व पटेल नगर होकर सर्कुलर रोड स्थित कर्बला पहुंचा। इसी तरह से बड़गांव मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष जान मोहम्मद, अशफाक अहमद, सलीम खां, कारी इरशाद हशमती की अगुवाई में जुलूस निकाला गया। रानी बाजार, खैराबाग, घोसियाना व साहबगंज और बड़गांव पुलिस चौकी होकर कर्बला पहुंचा। जुलूस में लोगों ने शर्बत पानी पिलाकर सेवा की। इसी तरह से सिविल लाइन मोहर्रम कमेटी की ओर से पोर्टरगंज से जुलूस उठाया गया। कारी निजाह अहम, हनीफ वारसी, इरशाद, यूनुस, इकबाल व शाहिद अली की अगुवाई में निकाले गये जुलूस में बड़ी तादाद में लोग शामिल हुए। इस जुलूस में भारत के मानचित्र की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। भारत के मानचित्र में अजमेर के ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैहिर्रहमा के दरगाह का फोटो बना था। लोगों ने इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत की याद में मातम व नारे लगाए। यह जुलूस पंत नगर, भट्ठा परेड होकर पुलिस लाइन होकर हजरत सदरुद्दीन के दरगाह स्थित इमामबाड़ा पहुंचा। यहां दरगाह के सज्जादानसीन सैय्यद सलमान वारसी ने जुलूस का स्वागत किया। लोगों ने कर्बला व इमामबाड़ा में कर्बला के सभी शहीदों के नाम फातिहा पढ़कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
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