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अवध विवि ने 131 महाविद्यालयों में प्रवेश पर लगाई रोक
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:48 AM IST
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अवध विवि ने 131 कॉलेजों में प्रवेश पर लगाई रोक, 70 कॉलेजों को नोटिस
फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को अपने अधीन चल रहे 201 महाविद्यालयों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए शिक्षकों का डाटा सत्यापित करने वाले 131 महाविद्यालयों के में प्रवेश पर रोक लगा दी है। साथ ही महाविद्यालय अखिल भारतीय उच्चतर सेवा सर्वेक्षण में भाग न लेने के आरोपी 70 महाविद्यालयों को नोटिस जारी किया है। यह कॉलेज फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच जिले के हैं। छात्र हित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने नोटिस अपनी वेबसाइट पर सोमवार देर शाम को डाल दी है।
कुलपति के निर्देश कुलसचिव डॉ. एसएन शुक्ला की ओर से जारी आदेश में 70 कॉलेजों को एक सप्ताह के अंदर डीएसएफ प्रारूप की सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें 38 महाविद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने दोनों प्रक्रिया में भाग नहीं लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शाम को 131 कॉलेजों की लॉगिंग आईडी ब्लॉक कर दी गई है। इससे अब आरोपी कॉलेज अपने महाविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित नहीं कर सकेंगे।
अवध विश्वविद्यालय ने नवंबर 2017 के माह में अपने सभी संबद्ध 623 महाविद्यालयों से शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किए जाने के साथ सत्यापित कराए जाने का आदेश जारी किया था। इसमें 171 महाविद्यालयों ने पहले चरण में न तो शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किया था न ही सत्यापन प्रक्रिया में भाग लिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई बार 171 महाविद्यालयों को नोटिस दिया। इसमें पहले पांच, फिर 23 व पिछले तीन दिनों में 17 महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों की ऑनलाइन फीडिंग व सत्यापित किए जाने का प्रपत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा है। अभी भी शेष 131 महाविद्यालयों ने कोई रूचि नहीं दिखाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को सभी 131 महाविद्यालयों की लॉगिंन आईडी को ब्लाक कर दिया है। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 70 अन्य महाविद्यालयों पर कार्रवाई की है। इन महाविद्यालयों ने अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण में भाग नहीं लिया था। इसके लिए भी महाविद्यालयों को कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई है। महाविद्यालयों को इस प्रक्रिया में अपने कॉलेजों के भवन, शिक्षकों का डाटा, लाइब्रेरी सहित विभिन्न प्रकार के उपकरणों को ऑनलाइन करने के साथ उसका सत्यापन भी कराया जाना था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन 70 महाविद्यालयों को एक सप्ताह का समय दिया है कि अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण की वेबसाइट पर मांगे गए समस्त बिंदुओं को पूर्ण करें।
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फिलहाल बिना प्राचार्य वाले कॉलेजों पर कार्रवाई नहीं
- अवध विश्वविद्यालय ने फिलहाल बिना प्राचार्य वाले महाविद्यालयों पर कार्रवाई नहीं की है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह प्रक्रिया बहुत हद तक प्रशासनिक कार्यों में बाधक नहीं है। महाविद्यालयों में सर्वाधिक सीनियर शिक्षकों से कार्य लिया जा सकता है। हालांकि प्राचार्य अनुमोदन प्रक्रिया को भी जल्द भी किए जाने का दावा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अफसरों की ओर से किया गया है। बता दें कि मौजूदा समय में 145 से अधिक महाविद्यालयों में प्राचार्य पद बिना अनुमोदन के हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन वेरीफिकेशन न कराने वाले व अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण में भाग नहीं लेने वाले 131 महाविद्यालयों की कॉलेज आईडी सोमवार को ब्लाक कर दी गई है। साथ ही एआईएसएचई के मानक को न पूरा करने वाले 70 महाविद्यालयों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर डाल दी गई है।
- प्रो. एसएन शुक्ला, प्रभारी कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय
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फैजाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को अपने अधीन चल रहे 201 महाविद्यालयों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए शिक्षकों का डाटा सत्यापित करने वाले 131 महाविद्यालयों के में प्रवेश पर रोक लगा दी है। साथ ही महाविद्यालय अखिल भारतीय उच्चतर सेवा सर्वेक्षण में भाग न लेने के आरोपी 70 महाविद्यालयों को नोटिस जारी किया है। यह कॉलेज फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच जिले के हैं। छात्र हित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने नोटिस अपनी वेबसाइट पर सोमवार देर शाम को डाल दी है।
कुलपति के निर्देश कुलसचिव डॉ. एसएन शुक्ला की ओर से जारी आदेश में 70 कॉलेजों को एक सप्ताह के अंदर डीएसएफ प्रारूप की सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें 38 महाविद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने दोनों प्रक्रिया में भाग नहीं लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शाम को 131 कॉलेजों की लॉगिंग आईडी ब्लॉक कर दी गई है। इससे अब आरोपी कॉलेज अपने महाविद्यालय में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया संचालित नहीं कर सकेंगे।
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अवध विश्वविद्यालय ने नवंबर 2017 के माह में अपने सभी संबद्ध 623 महाविद्यालयों से शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किए जाने के साथ सत्यापित कराए जाने का आदेश जारी किया था। इसमें 171 महाविद्यालयों ने पहले चरण में न तो शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन किया था न ही सत्यापन प्रक्रिया में भाग लिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई बार 171 महाविद्यालयों को नोटिस दिया। इसमें पहले पांच, फिर 23 व पिछले तीन दिनों में 17 महाविद्यालयों ने अपने शिक्षकों की ऑनलाइन फीडिंग व सत्यापित किए जाने का प्रपत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा है। अभी भी शेष 131 महाविद्यालयों ने कोई रूचि नहीं दिखाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को सभी 131 महाविद्यालयों की लॉगिंन आईडी को ब्लाक कर दिया है। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 70 अन्य महाविद्यालयों पर कार्रवाई की है। इन महाविद्यालयों ने अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण में भाग नहीं लिया था। इसके लिए भी महाविद्यालयों को कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी की गई है। महाविद्यालयों को इस प्रक्रिया में अपने कॉलेजों के भवन, शिक्षकों का डाटा, लाइब्रेरी सहित विभिन्न प्रकार के उपकरणों को ऑनलाइन करने के साथ उसका सत्यापन भी कराया जाना था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन 70 महाविद्यालयों को एक सप्ताह का समय दिया है कि अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण की वेबसाइट पर मांगे गए समस्त बिंदुओं को पूर्ण करें।
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फिलहाल बिना प्राचार्य वाले कॉलेजों पर कार्रवाई नहीं
- अवध विश्वविद्यालय ने फिलहाल बिना प्राचार्य वाले महाविद्यालयों पर कार्रवाई नहीं की है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह प्रक्रिया बहुत हद तक प्रशासनिक कार्यों में बाधक नहीं है। महाविद्यालयों में सर्वाधिक सीनियर शिक्षकों से कार्य लिया जा सकता है। हालांकि प्राचार्य अनुमोदन प्रक्रिया को भी जल्द भी किए जाने का दावा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अफसरों की ओर से किया गया है। बता दें कि मौजूदा समय में 145 से अधिक महाविद्यालयों में प्राचार्य पद बिना अनुमोदन के हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन वेरीफिकेशन न कराने वाले व अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण में भाग नहीं लेने वाले 131 महाविद्यालयों की कॉलेज आईडी सोमवार को ब्लाक कर दी गई है। साथ ही एआईएसएचई के मानक को न पूरा करने वाले 70 महाविद्यालयों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। प्रवेश प्रतिबंधित महाविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाइट पर डाल दी गई है।
- प्रो. एसएन शुक्ला, प्रभारी कुलसचिव, अवध विश्वविद्यालय