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अस्पताल से डॉक्टर व कर्मचारी नदारद, मरीज परेशान
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:32 PM IST
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फैजाबाद। अयोध्या स्थित दस बेड के राजकीय तुलसी महिला चिकित्सालय में हर कदम पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। आलम यह है कि न तो अस्पताल में समय पर डॉक्टर पहुंचते हैं और न ही कर्मचारी। जिससे मरीजों को इलाज की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। शनिवार को भी दस बजे तक एक भी कर्मचारी अस्पताल में मौजूद नहीं था, जबकि मरीज घंटों बैठे डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
अयोध्या स्थित दस बेड के राजकीय तुलसी महिला चिकित्सालय में आए दिन डॉक्टरों की मनमानी देखने को मिल रही है। शनिवार को अस्पताल में दस बजे तक न तो प्रभारी चिकित्सक मिलीं न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मी। अस्पताल परिसर में निवास करने वाले दो फार्मासिस्ट ही अस्पताल में मौजूद रहे। सभी वार्ड, प्रसूता कक्ष, टीकाकरण कक्ष, प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में ताला लटका रहा, जबकि दर्जनों मरीज डॉक्टर का घंटों इंतजार करते रहे। एक स्वीपर बिट्टो एक कमरे में सफाई करती नजर आई। जिसने बताया कि डॉक्टर प्रतिदिन 11 बजे तक आती हैं। यहीं रहने वाले दो फार्मासिस्ट द्वारा अस्पताल प्रतिदिन खुलवाया जाता है।
अस्पताल में प्रभारी चिकित्साधिकारी के रूप में डॉ. रीना सिंह के अलावा दो फार्मासिस्ट ज्ञानप्रकाश दूबे व मांडवी दूबे, मन्नू देवी वार्ड आया, माला सहित चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व ओटी अटेंडेंट शैलेंद्र तैनात हैं। इन सब पर प्रतिमाह करीब लाखों रुपये वेतन के रूप में खर्च हो रहे हैं, लेकिन समय से अस्पताल न पहुंचने की वजह व बेहतर संसाधनों के अभाव में अब यहां मरीज भी आने से कतराते हैं। यहां प्रतिदिन बमुश्किल 30 से 35 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सीजेरियन प्रसव की कोई व्यवस्था यहां नहीं है। नार्मल प्रसव भी प्रतिमाह बमुश्किल 10 तक होता है। अधिकांश मरीज इन स्वास्थ्यकर्मियों की गैर मौजूदगी में बैरंग लौट जाते हैं।
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-डॉ. रीना सिंह की दो दिन ड्यूटी नारी निकेतन पर रहती है। इसके अलावा भी यदि वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच रही हैं तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद
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अयोध्या स्थित दस बेड के राजकीय तुलसी महिला चिकित्सालय में आए दिन डॉक्टरों की मनमानी देखने को मिल रही है। शनिवार को अस्पताल में दस बजे तक न तो प्रभारी चिकित्सक मिलीं न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मी। अस्पताल परिसर में निवास करने वाले दो फार्मासिस्ट ही अस्पताल में मौजूद रहे। सभी वार्ड, प्रसूता कक्ष, टीकाकरण कक्ष, प्रभारी चिकित्साधिकारी के कक्ष में ताला लटका रहा, जबकि दर्जनों मरीज डॉक्टर का घंटों इंतजार करते रहे। एक स्वीपर बिट्टो एक कमरे में सफाई करती नजर आई। जिसने बताया कि डॉक्टर प्रतिदिन 11 बजे तक आती हैं। यहीं रहने वाले दो फार्मासिस्ट द्वारा अस्पताल प्रतिदिन खुलवाया जाता है।
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अस्पताल में प्रभारी चिकित्साधिकारी के रूप में डॉ. रीना सिंह के अलावा दो फार्मासिस्ट ज्ञानप्रकाश दूबे व मांडवी दूबे, मन्नू देवी वार्ड आया, माला सहित चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व ओटी अटेंडेंट शैलेंद्र तैनात हैं। इन सब पर प्रतिमाह करीब लाखों रुपये वेतन के रूप में खर्च हो रहे हैं, लेकिन समय से अस्पताल न पहुंचने की वजह व बेहतर संसाधनों के अभाव में अब यहां मरीज भी आने से कतराते हैं। यहां प्रतिदिन बमुश्किल 30 से 35 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। सीजेरियन प्रसव की कोई व्यवस्था यहां नहीं है। नार्मल प्रसव भी प्रतिमाह बमुश्किल 10 तक होता है। अधिकांश मरीज इन स्वास्थ्यकर्मियों की गैर मौजूदगी में बैरंग लौट जाते हैं।
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-डॉ. रीना सिंह की दो दिन ड्यूटी नारी निकेतन पर रहती है। इसके अलावा भी यदि वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच रही हैं तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ अशोक कुमार गुप्ता, सीएमओ फैजाबाद