भारी बारिश से पहाड़ी नालों में आई बाढ़, बलरामपुर के 17 गांवों के घरों में घुसा पानी
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बलरामपुर में मानसून की पहली भारी बारिश ने जन जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। रविवार भोर में शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही। जिले में कुल 200 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। पहाड़ों पर बारिश के चलते पहाड़ी नालों में बाढ़ आ गई है। 17 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
बारिश से पहले शहर में नालों की सफाई के नाम पर खर्च किए गए लाखों रुपये बारिश के पानी में डूब गए। घरों में पानी भर गया है। बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों ने खरीफ की मुख्य फसल धान की खेती की तैयारी शुरू कर दी है।
रविवार को अचानक मानसून सक्रिय हो गया है। भोर से ही जिले में भारी बारिश का क्रम जारी है। 200 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश के चलते पहाड़ी नाले खरझार में बाढ़ आ गई है। बाढ़ के चलते लोहेपनिया, पूरेछीटन, सुगानगर, तिवारीडीह व विजयीडीह समेत करीब 17 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।
लोगों के घरों में रख अनाज भीग गया है। कच्चे व छप्पर के घरों पर अस्तित्व का संकट मंडराने लगा है। लोग बारिश के पानी को घरों से निकालने में जुटे हैं। बारिश से महराजगंज तराई-ललिया मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया है।
ललिया थाना क्षेत्र में धौबेनिया पहाड़ी नाले में आई बाढ़ के चलते भरहापारा गांव जलमग्न हो गया है। गांव के सभी घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। गांव के लोग पानी के तेज बहाव के चलते सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन कर रहे हैं। सिरिया, नकटी, कवही, जमधरा तथा भांभर आदि पहाड़ी नालों में भी बाढ़ का प्रभाव दिख रहा है। बारिश यदि नहीं रुकी तो आने वाले दिनों में पहाड़ी नाले तटवर्ती गांवों में तबाही मचा सकते हैं।
हालात की निगरानी शुरू
तुलसीपुर-बलरामपुर मुख्य मार्ग पर आवागमन ठप
भारी बारिश के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। गांगनार चकवा गांव के पास सड़क के डिप पर पुल निर्माण होने के चलते बायपास बनाया गया था। पानी के दबाव के चलते बायपास कट गया है। तेज बहाव के चलते एक पिकप गाड़ी फंस गई है। मार्ग पर आवागमन ठप कर दिया गया है। वाहनों को बेलहा मोड़ से गौरा बिलोहा होते हुए तुलसीपुर के लिए डायवर्ट किया गया है।
भारी बारिश के चलते जिले के अधिकांश पहाड़ी नालों में उफान आ गया है। जिले में करीब 200 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। कई गांव पहाड़ी नालों की बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सभी उपजिलाधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। राप्ती नहर के निर्माण से कई जगह जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है। इन स्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। -कृष्णा करूणेश, डीएम बलरामपुर