फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   जुलाई में ही दो लाख बच्चों को मिल जाएंगी नई किताबें

जुलाई में ही दो लाख बच्चों को मिल जाएंगी नई किताबें

Tue, 01 May 2018 10:16 PM IST
Updated Tue, 01 May 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
जुलाई में ही दो लाख बच्चों को मिल जाएंगी नई किताबें
अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जल्द किताबें उपलब्ध कराने की प्रक्रिया विभाग ने शुरू कर दी है। विगत वर्षों की भांति इस बार ग्रीष्म अवकाश के बाद विद्यालय खुलने पर बच्चों को पुस्तकों के लिए न इंतजार करना पड़े, इसके लिए विभाग ने बच्चों के अनुमोदन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। साथ ही शासन को आवश्यक पुस्तकों की रिपोर्ट भी प्रेषित कर दी है। इससे उम्मीद है कि पढ़ाई शुरू होने पर मौजूदा अनुमोदन के मुताबिक दो लाख 10 हजार नौनिहालों को नई पुस्तकों से पढ़ने का मौका मिलेगा।
विज्ञापन

परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करायी जाती हैं। साथ ही कई अन्य सुविधाओं का लाभ भी बच्चों को नि:शुल्क दिया जाता है। परंतु हर बार योजना का तीव्र संचालन न होने के चलते बच्चों को लाभ मिलने में काफी विलंब हो जाता है। जुलाई में पढ़ाई तो शुरू हो जाती है, लेकिन बच्चों को नई पुस्तकें मिल पाने में सितंबर व अक्तूबर तक इंतजार करना पड़ता है। इससे बच्चों को पढ़ाई में भी खासी दिक्कत होती है। बच्चों की इस समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस बार सख्त कदम उठाया है। जुलाई में पढ़ाई का दौर शुरू हो और बच्चों के हाथों में नई पुस्तकें हों, इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू हो गई हैं। शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 1352 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब दो लाख 10 हजार बच्चों का अनुमोदन तैयार कर लिया है और यह रिपोर्ट भी शासन को प्रेषित कर दी है।
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों के मुताबिक शासन से जल्द ही क्रय आदेश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद पुस्तकों की आपूर्ति के लिए संबंधित प्रेस जनपदवार आवंटित कर दिए जाएंगे। जून के अंतिम सप्ताह तक जिले में पुस्तकों के आने की उम्मीद है। इसके बाद दोबारा छात्र-छात्राओं की संख्या व पुस्तकों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी प्रधानाध्यापकों को छात्र संख्या के अनुरूप आवश्यक पुस्तकों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे जुलाई के प्रथम सप्ताह में बच्चों को पुस्तकें उपलब्ध करायी जा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन



इन पुस्तकों की है आवश्यकता
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित कक्षाओं के लिए पुस्तकों का निर्धारण कर लिया गया है। कक्षा एक में कलरव, कक्षा दो में कलरव व गिनतारा, कक्षा तीन में कलरव, गिनतारा, परिवेश, रैनबो, कक्षा 4 व 5 में कलरव, गिनतारा, परिवेश, रैनबो व परख आदि पुस्तकें शामिल हैं। कक्षा 6, 7 व 8 में मंजरी, गणित, रैनबो, आओ सीखें विज्ञान, पृथ्वी और जीवन, इतिहास एवं नागरिक जीवन, वर्तिका, खेल और स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्काउट गाइड, महान व्यक्तित्व पुस्तक मिलेगी।



तेजी से चल रही आवश्यक प्रक्रिया
बच्चों को समय से पुस्तकें उपलब्ध हों, इसके लिए शासन गंभीर है। शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया तेजी से चल रही है। मौजूदा शिक्षा सत्र के बच्चों को जुलाई के प्रथम सप्ताह में नई पुस्तकें मिल सकें, इसके लिए अनुमोदन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट जिला प्रशासन के अलावा शासन को भी प्रेषित कर दी गई है।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed