शिक्षामित्रों के शिक्षक बनने में आई एक बड़ी मुसीबत
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दूसरे चरण में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 91,104 शिक्षा मित्रों में सभी को शिक्षक बनाने के लिए प्रदेश के 16 जिलों में पद कम पड़ गए हैं। प्रदेशभर में अब तक 73,000 शिक्षा मित्रों को समायोजित करते हुए शिक्षक बनाया जा चुका है।
सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान शिक्षा मित्रों के समायोजन के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि प्रदेश के 16 जिले ऐसे हैं जहां शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाने के लिए पद कम पड़ रहे हैं।
सचिव ने इस पर इनके समायोजन के संबंध में सुझाव मांगे है।सरकार शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण देकर प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बना रही है।
पहले चरण में 58,826 शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाया जा चुका है। दूसरे चरण में 91,104 शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है और अब इनको सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया चल रही है।
इन जिलों में कम पड़ रहे हैं शिक्षकों के पद
सचिव बेसिक शिक्षा ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारियों से शिक्षा मित्रों केसमायोजन के बारे में जानकारी मांगी।
उन्हें बताया गया कि प्रदेश के 16 जिलों अंबेडकरनगर,आजमगढ़,बहराइच,बलरामपुर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, कानपुर नगर, लखनऊ, महोबा, मुजफ्फरनगर, हापुड़, शामली, सहारनपुर, श्रावस्ती, वाराणसी और कानपुर देहात ने शिक्षा मित्रों को समायोजित करने के लिए शिक्षकों के पद कम पड़ रहे हैं।शासन बेसिक शिक्षा अधिकारियों के सुझाव पर इनको समायोजित करने के लिए विकल्पों पर विचार करेगी।
शिक्षकों के बढ़ेंगे 22 हजार पद
सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2011 के बाद खुले प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 22,000 पद बढ़ने वाले हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री को मंजूरी के लिए भेज दिया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद इन पदों को बढ़ाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। शिक्षा मित्रों को इन बढ़ने हुए पदों पर भी समायोजित किया जाएगा।