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बाढ़ प्रभावित गांव व तटबंघों का डीएम ने किया दौरा
Updated Wed, 07 Jun 2017 01:35 AM IST
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बाढ़ प्रभावित गांवों व तटबंधों का डीएम ने किया दौरा
श्रावस्ती। डीएम ने सोमवार देर शाम बाढ़ प्रभावित गांवों व तटबंधों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ इकाई को कटान से बचाव के लिए कई निर्देश दिए। जबकि एसडीएम को बाढ़ राहत समय से पहुंचाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है।
डीएम दीपक मीणा ने सोमवार शाम लगभग प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित रहने वाले गांव अमवा, मनिकापुर, तिलकपुर, मजगवां का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बाढ़ खंड के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता व सभी एसडीएम मौजूद थे। बाढ़ आने के पूर्व ही राप्ती नदी अमवा गांव के निकट बह रही है। ऐसे ही गिलौला ब्लॉक का शिवराजपुर गांव राप्ती से मात्र सात मीटर दूर ही है। बाढ़ से गांव का अस्तित्व समाप्त न हो जाए इसके लिए डीएम ने बाढ़ नियंत्रक टीम को तत्काल बचाव कार्य का निर्देश दिया है। इसी के बाद डीएम ने जमुनहा क्षेत्र के गणेशपुर भागढ़ सहित कई अन्य गांवों के साथ तिलपुर तटबंध, संतलिया तटबंध का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ये पाया गया कि यदि इस बार बाढ़ आई तो कई गांव इससे प्रभावित होंगे। संभव है कि गांव कट भी जाएं। ऐसे में सभी इकाइयों को 25 जून तक का मौका दिया गया है कि वह कटान से बचाव का कार्य पूरा कर लें। वहीं, एसडीएम इकौना, भिनगा व जमुनहा में बाढ़ के दौरान गांवों में राहत सामग्री भेजने और स्थायी व अस्थायी कैंपों की स्थापना करने का निर्देश दिया है। 15 जून से पहले बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सभी बाढ़ चौकी, आपदा राहत केंद्र की स्थापना सुनिश्चित करने को कहा है। इस दौरान सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बाढ़ खंड के अधिकारी मौजूद रहे।
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श्रावस्ती। डीएम ने सोमवार देर शाम बाढ़ प्रभावित गांवों व तटबंधों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ इकाई को कटान से बचाव के लिए कई निर्देश दिए। जबकि एसडीएम को बाढ़ राहत समय से पहुंचाने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा है।
डीएम दीपक मीणा ने सोमवार शाम लगभग प्रतिवर्ष बाढ़ से प्रभावित रहने वाले गांव अमवा, मनिकापुर, तिलकपुर, मजगवां का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बाढ़ खंड के साथ ही लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता व सभी एसडीएम मौजूद थे। बाढ़ आने के पूर्व ही राप्ती नदी अमवा गांव के निकट बह रही है। ऐसे ही गिलौला ब्लॉक का शिवराजपुर गांव राप्ती से मात्र सात मीटर दूर ही है। बाढ़ से गांव का अस्तित्व समाप्त न हो जाए इसके लिए डीएम ने बाढ़ नियंत्रक टीम को तत्काल बचाव कार्य का निर्देश दिया है। इसी के बाद डीएम ने जमुनहा क्षेत्र के गणेशपुर भागढ़ सहित कई अन्य गांवों के साथ तिलपुर तटबंध, संतलिया तटबंध का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ये पाया गया कि यदि इस बार बाढ़ आई तो कई गांव इससे प्रभावित होंगे। संभव है कि गांव कट भी जाएं। ऐसे में सभी इकाइयों को 25 जून तक का मौका दिया गया है कि वह कटान से बचाव का कार्य पूरा कर लें। वहीं, एसडीएम इकौना, भिनगा व जमुनहा में बाढ़ के दौरान गांवों में राहत सामग्री भेजने और स्थायी व अस्थायी कैंपों की स्थापना करने का निर्देश दिया है। 15 जून से पहले बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सभी बाढ़ चौकी, आपदा राहत केंद्र की स्थापना सुनिश्चित करने को कहा है। इस दौरान सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बाढ़ खंड के अधिकारी मौजूद रहे।
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