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130 ग्राम पंचायतों में नहीं शुरू हो सका मौजूदा वितीय वर्ष में काम

Updated Mon, 05 Jun 2017 05:03 PM IST
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130 ग्राम पंचायतों में नहीं शुरू हुए मनरेगा के काम
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मौजूदा वित्तीय वर्ष में अप्रैल व मई के लक्ष्य के नजदीक पहुंच ठिठक गया कार्य
37 प्रतिशत महिलाओं तो 49 प्रतिशत एससी कार्डधारकों को ही मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष के दो माह बीतने के बावजूद अब तक 930 के सापेक्ष 130 ग्राम पंचायतों में कार्य नहीं प्रारंभ हो सका है। अप्रैल व मई में छह करोड़ रुपये योजना के तहत खर्च करने का लक्ष्य था लेकिन पांच करोड़ 83 लाख रुपये ही खर्च हो सके। इतना ही नहीं, अनुसूचित जाति के जाबकार्ड धारकों को लक्ष्य के सापेक्ष 49 प्रतिशत जबकि महिला जाबकार्ड धारकों को मात्र 37 प्रतिशत ही काम दिया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2016-17 में योजना के तहत बजट 49 करोड़ दो लाख 38 हजार 900 रुपये के सापेक्ष 46 करोड़ 51 लाख 46 हजार रुपये ही खर्च किए जा सके थे।
शासन के तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद जिले में मनरेगा गति नहीं पकड़ पा रही। न तो जाबकार्ड धारकों को 100 दिन का कार्य मिल पा रहा है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान ही किया जा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष का दो माह बीत चुका है लेकिन 930 के सापेक्ष अब तक 130 ग्राम पंचायतों में योजना के तहत काम ही नहीं शुरू हो सका है। गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 में जिले को योजना के तहत 62 करोड़ 23 लाख रुपये खर्च किए जाने का बजट प्राप्त हुआ है। साथ ही 21 लाख 43 हजार मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य भी दिया गया है जो कि विगत वर्ष के सापेक्ष लगभग चार लाख मानव दिवस अधिक है। विगत वर्ष 16 लाख 90 हजार 479 मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य दिया गया था।

योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को लेकर संबंधित अधिकारियों की गंभीरता का आलम यह कि चालू वित्तीय वर्ष के प्रारंभिक दो माह में छह करोड़ खर्च करने का लक्ष्य था लेकिन पांच करोड़ 83 लाख रुपये ही खर्च किया जा सका। इसके अलावा अनुसूचित जाति के मनरेगा मजदूरों को लक्ष्य के सापेक्ष 49 प्रतिशत जबकि महिलाओं को लक्ष्य के सापेक्ष 37 प्रतिशत ही काम दिया जा सका। जिले की 930 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 800 ग्राम पंचायतों में ही योजना के तहत कार्य चल रहा है जबकि 130 ग्राम पंचायतों में अब तक काम नहीं शुरू हो सका। और तो और विगत वर्ष योजना के तहत खर्च करने के लिए आई धनराशि 49 करोड़ दो लाख 38 हजार 900 रुपये के सापेक्ष 46 करोड़ 51 लाख 46 हजार रुपये ही खर्च किए जा सके थे। ऐसा तब था जब 16 लाख 90 हजार 479 मानव दिवस के सापेक्ष 17 लाख दो हजार 68 मानव दिवस का सृजन किया गया था। मनरेगा उपायुक्त गिरीश चंद्र पाठक ने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में योजना के तहत कार्य नहीं शुरू हो सका है, वहां के ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही योजना के तहत कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

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