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आग बुझाने के चक्कर में जिंदा जला काश्तकार
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:17 AM IST
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मछरेहटा (सीतापुर)। थाना क्षेत्र के बेहड़ा खालसा गांव में रविवार को आग बुझाने के चक्कर में एक किसान जिंदा जल गया। वह आग बुझाते समय घिर गया था। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मछरेहटा थाना क्षेत्र के बेहड़ा खालसा गांव निवासी रघुवर (60) का खेत गांव के बाहर है। इन दिनों उसने खेत में गन्ने की फसल लगा रखी है। रविवार को रघुवर खेत में काम कर रहा था। इसी बीच अचानक गन्ने की फसल में किसी तरह आग लग गई। यह देखते ही रघुवर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगा। इसी बीच चली तेज हवा से आग भड़क उठी। देखते ही देखते रघुवर आग से घिर गया। अपने को लपटों से घिरा देख किसान ने मदद की पुकार लगाई। चीख सुनकर पड़ोस खेतों में काम कर रहे गांव के लोग मदद को पहुंचे, लेकिन आग की लपटें इस कदर तेज थी कि लोग किसान के करीब नहीं पहुंच पाए। ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक किसान बुरी तरह से झुलस चुका था। परिवारीजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के संबंध में उपनिरीक्षक कैलाश यादव ने बताया कि रघुवर गन्ने के खेत में लगी आग को बुझाने के चक्कर में झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इधर, किसान के पुत्र बनवारी ने भी पुलिस को बताया कि उसका पिता गन्ने में लगी आग को बुझाने के चक्कर में जिंदा ही आग में जल गया।
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मछरेहटा थाना क्षेत्र के बेहड़ा खालसा गांव निवासी रघुवर (60) का खेत गांव के बाहर है। इन दिनों उसने खेत में गन्ने की फसल लगा रखी है। रविवार को रघुवर खेत में काम कर रहा था। इसी बीच अचानक गन्ने की फसल में किसी तरह आग लग गई। यह देखते ही रघुवर आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगा। इसी बीच चली तेज हवा से आग भड़क उठी। देखते ही देखते रघुवर आग से घिर गया। अपने को लपटों से घिरा देख किसान ने मदद की पुकार लगाई। चीख सुनकर पड़ोस खेतों में काम कर रहे गांव के लोग मदद को पहुंचे, लेकिन आग की लपटें इस कदर तेज थी कि लोग किसान के करीब नहीं पहुंच पाए। ग्रामीणों ने करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक किसान बुरी तरह से झुलस चुका था। परिवारीजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच किसान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के संबंध में उपनिरीक्षक कैलाश यादव ने बताया कि रघुवर गन्ने के खेत में लगी आग को बुझाने के चक्कर में झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इधर, किसान के पुत्र बनवारी ने भी पुलिस को बताया कि उसका पिता गन्ने में लगी आग को बुझाने के चक्कर में जिंदा ही आग में जल गया।
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