रायबरेली का दावा मजबूत, 13वें स्मार्ट सिटी पर फैसला
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मुख्य सचिव आलोक रंजन की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली राज्य उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक में स्मार्ट सिटी के लिए तेरहवें शहर के नाम पर मुहर लग सकती है।
तेरहवें शहर के लिए रायबरेली और मेरठ दौड़ में हैं। जानकारों की मानें तो रायबरेली का पलड़ा भारी लग रहा है। इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
पहला यह कि नगर विकास मंत्री आजम खां के धुर राजनीतिक विरोधी मेरठ से ही हैं। इसी के चलते मेरठ की पहले भी उपेक्षा होती रहती है। दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते रायबरेली की उम्मीद ज्यादा है।
प्रदेश सरकार ने भेजा था 14 शहरों का प्रस्ताव
केंद्र सरकार देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना चाहती है। यूपी के हिस्से में 13 शहर आए हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र को 14 शहरों का प्रस्ताव भेजा था। इसमें रायबरेली को ए और मेरठ को बी कर दिया गया था।
केंद्र ने 12 शहरों का नाम फाइनल करते हुए 13वें शहर पर यूपी को निर्णय करने के लिए अधिकृत कर दिया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पहले 15 सितंबर को उच्चाधिकार संचालन समिति की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन इसे अचानक 11 सितंबर को कर दिया गया।
भाजपा ने इसका विरोध करते हुए मुख्य सचिव और सचिव नगर विकास श्रीप्रकाश सिंह से आपत्ति जताई थी। इसके बाद बैठक 21 सितंबर को कर दी गई।