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Lucknow News: ग्रीन गैस कनेक्शन के नाम पर दो के खातों से निकाले 13.48 लाख

Sat, 03 Oct 2026 02:22 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 02:22 AM IST
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13.48 lakh withdrawn from two accounts under the pretext of a 'Green Gas' connection.
लखनऊ। साइबर जालसाजों ने अलीगंज सेक्टर एक और इंदिरानगर में रहने वाले दो लोगों को ग्रीन गैस का मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर उनके खातों से 13.48 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन और इंदिरानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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अलीगंज सेक्टर एक निवासी प्रीती गुप्ता ने बताया कि 13 सितंबर को शाम करीब पांच बजे उनके व्हाट्सएप पर कॉल आई। फोनकर्ता ने एपीके फाइल भेजकर ग्रीन गैस का मीटर अपडेट करने को कहा। ठग की बातों में आकर उन्होंने फाइल डाउनलोड कर ली और मोबाइल हैक हो गया। पीड़िता का कहना है कि अगले दिन उनके बैंक खाते से 5.48 लाख रुपये निकाल लिए। ट्रांजेक्शन के मेसेज आने पर उन्हें ठगी की जानकारी हुई। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की और फिर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि पीड़िता की रकम फ्रीज कराने की कोशिश की जा रही है।
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इसी तरह से ठगों ने 29 सितंबर की सुबह इंदिरानगर निवासी रामाश्रय सिंह को झांसे में लेकर उनका फोन हैक कर लिया और खाते से कई बार में आठ लाख रुपये निकाल लिए। इन्होंने इंदिरानगर थाने में शिकायत की। इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि मामले की तफ्तीश की जा रही है।
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ग्रीन गैस से संपर्क के ये हैं आधिकारिक माध्यम
- ग्रीन गैस कस्टमर केयर नंबर : 6390905003
- सीजीएल इंगेज एप
- ग्रीन गैस के अधिकृत कस्टमर केयर ईमेल आईडी - customercare.lko@gglonline.net
- आधिकारिक एसएमएस हेडर - GGLPNG-S

इन बातों का रखें ध्यान
पुलिस की जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी ठगी से हासिल की गई रकम का उपयोग कुछ मामलों में क्रेडिट कार्ड बिल, बिजली बिल समेत अन्य बिलों को भरने के लिए करते हैं। यदि कोई व्यक्ति आपको कम रकम या कमीशन के बदले आपका बिजली, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट व अन्य बिल जमा करने का प्रस्ताव दे तो मना कर दें। इसलिए ऐसे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार न करें। ऐसी व्यवस्था साइबर अपराध की धनराशि को खपाने का माध्यम हो सकती है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि किसी व्यक्ति ने साइबर अपराध की रकम के बारे में जानकारी या संदेह होने के बावजूद उसका उपयोग किया अथवा उसमें सहयोग किया है, तो उसकी भूमिका की जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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