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Lucknow News: महिला व दर्जी को डिजिटल अरेस्ट रखकर 1.27 लाख वसूले
Tue, 22 Oct 2024 06:39 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 22 Oct 2024 06:39 PM IST
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लखनऊ। साइबर ठगों ने दर्जी व एक महिला को तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा फिर उनसे 1.27 लाख रुपये वसूल लिए। पीड़ितों ने गाजीपुर और दुबग्गा थाने में केस दर्ज कराया है।
दुबग्गा के शाहपुर भमरौली निवासी युवक दर्जी है। उनके मुताबिक 18 सितंबर को अंजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच का दरोगा बोल रहा है। तुम्हारे मोबाइल में अश्लील फिल्में चल रही थीं। इसकी शिकायत मिली है। उसने कहा कि तुम्हें गिरफ्तार करने फोर्स घर आ रही है। इस तरह झांसे में लेकर ठग ने उन्हें दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
उसने आगे कहा कि तुम्हें बचाने के लिए हमारे साहब को एक पेपर पर हस्ताक्षर करने हैं। अगर तुम कुछ रकम दो तो बच जाओगे। इस पर दर्जी ने तीन हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, पर ठग नहीं माना। पीड़ित ने दोबारा 97 हजार रुपये भेजे। बाद में उनको ठगी का अहसास हुआ।
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उधर, इंदिरानगर सेक्टर-नौ पटेलनगर निवासी शिखा श्रीवास्तव के मुताबिक, 16 अगस्त को उन्हें अनजान नंबर से कॉल आई। मोबाइल पर मुंबई पुलिस लिखा दर्शा रहा था। कॉल रिसीव करते ही युवक ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि आपका नाम जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के मनी लॉन्डि्रंग के मामले में आया है। आपके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
व्हाट्सएप पर भेजे सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर
जालसाज ने झांसे में लेने के लिए पीड़िता के व्हाट्सएप पर मामले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर, ईडी और आरबीआई से जुड़े कुछ दस्तावेज भेजे। इस तरह पीड़िता को एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए रकम देने का दबाव डाला। मानसिक प्रताड़ना से बचने के लिए शिखा ने ठग के खाते में 27 हजार ट्रांसफर कर दिए।
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दुबग्गा के शाहपुर भमरौली निवासी युवक दर्जी है। उनके मुताबिक 18 सितंबर को अंजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने कहा कि वह क्राइम ब्रांच का दरोगा बोल रहा है। तुम्हारे मोबाइल में अश्लील फिल्में चल रही थीं। इसकी शिकायत मिली है। उसने कहा कि तुम्हें गिरफ्तार करने फोर्स घर आ रही है। इस तरह झांसे में लेकर ठग ने उन्हें दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
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उसने आगे कहा कि तुम्हें बचाने के लिए हमारे साहब को एक पेपर पर हस्ताक्षर करने हैं। अगर तुम कुछ रकम दो तो बच जाओगे। इस पर दर्जी ने तीन हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए, पर ठग नहीं माना। पीड़ित ने दोबारा 97 हजार रुपये भेजे। बाद में उनको ठगी का अहसास हुआ।
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उधर, इंदिरानगर सेक्टर-नौ पटेलनगर निवासी शिखा श्रीवास्तव के मुताबिक, 16 अगस्त को उन्हें अनजान नंबर से कॉल आई। मोबाइल पर मुंबई पुलिस लिखा दर्शा रहा था। कॉल रिसीव करते ही युवक ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि आपका नाम जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के मनी लॉन्डि्रंग के मामले में आया है। आपके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
व्हाट्सएप पर भेजे सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर
जालसाज ने झांसे में लेने के लिए पीड़िता के व्हाट्सएप पर मामले से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर, ईडी और आरबीआई से जुड़े कुछ दस्तावेज भेजे। इस तरह पीड़िता को एक घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। फिर गिरफ्तारी से बचने के लिए रकम देने का दबाव डाला। मानसिक प्रताड़ना से बचने के लिए शिखा ने ठग के खाते में 27 हजार ट्रांसफर कर दिए।