{"_id":"5b37b7a94f1c1b13358b98fb","slug":"121530378153-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश की फुहारों से मौसम हुआ सुहाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश की फुहारों से मौसम हुआ सुहाना
Updated Sat, 30 Jun 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से परेशान लोगों को शनिवार को थोड़ी राहत मिल गई। जिले में घने बादल छाये रहे। दोपहर में बारिश की जो फुहारें पड़ी तो मौसम सुहाना हो गया। हल्की बरसात होने के चलते उमस भी बढ़ गई। लोगों का कहना है कि जब तक तेज बारिश नहीं होगी तब तक न तो किसानों को फायदा मिलेगा और न ही उमस दूर होगी। बारिश न होने से किसानों को धान की नर्सरी लगाने व खरीफ के फसलों की बोआई करने की तैयारी करने में भी दिक्कतें आ रही है।
किसानों का कहना है कि जब तक तेज बारिश नहीं होगी, खेतों में पानी नहीं जमेगा तब तक खरीफ की फसलें नहीं बोई जा सकती है। बरसात लेट होने से मक्का, धान, उड़द, अरहर व अन्य खरीफ की फसलों की बोआई करने में देरी लग सकती है। किसानों का आरोप है कि जिले में सिंचाई के संसाधनों की कमी होने के चलते लाभप्रद फसलों की बोआई नहीं कर पा रहे है। जिले के किसान मानसून पर निर्भर है। प्रशासन की तरफ से संसाधन उपलब्ध न कराए जाने के चलते उन्हें मानसून के सहारे रहना पड़ता है। लोगों को उम्मीद है कि शीघ्र ही तेज बारिश होगी और खेती किसानी का दौर शुरु हो जाएगा।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि जब तक तेज बारिश नहीं होगी, खेतों में पानी नहीं जमेगा तब तक खरीफ की फसलें नहीं बोई जा सकती है। बरसात लेट होने से मक्का, धान, उड़द, अरहर व अन्य खरीफ की फसलों की बोआई करने में देरी लग सकती है। किसानों का आरोप है कि जिले में सिंचाई के संसाधनों की कमी होने के चलते लाभप्रद फसलों की बोआई नहीं कर पा रहे है। जिले के किसान मानसून पर निर्भर है। प्रशासन की तरफ से संसाधन उपलब्ध न कराए जाने के चलते उन्हें मानसून के सहारे रहना पड़ता है। लोगों को उम्मीद है कि शीघ्र ही तेज बारिश होगी और खेती किसानी का दौर शुरु हो जाएगा।
विज्ञापन