{"_id":"62fa06bb6eec1057ac63d1b6","slug":"120-crore-will-be-transferred-to-students-account-in-uttar-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: दो लाख छात्रों को इसी सप्ताह होगी केंद्र के हिस्से की शुल्क भरपाई, खाते में भेजे जाएंगे 120 करोड़ रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: दो लाख छात्रों को इसी सप्ताह होगी केंद्र के हिस्से की शुल्क भरपाई, खाते में भेजे जाएंगे 120 करोड़ रुपये
Mon, 15 Aug 2022 02:11 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 15 Aug 2022 02:11 PM IST
सार
पिछले वित्त वर्ष में प्रक्रियागत दिक्कतों के चलते अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति व शुल्क भरपाई का हिस्सा नहीं मिल पाया था। अब जल्द ही इस राशि का भुगतान किया जाएगा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के दो लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई का केंद्र सरकार का हिस्सा इसी सप्ताह मिल जाएगा। पिछले वित्त वर्ष में प्रक्रियागत दिक्कतों के चलते यह राशि नहीं मिल पाई थी। इन छात्रों को करीब 120 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं।
विज्ञापन
अनुसूचित जाति के 2.5 लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले परिवारों को इस योजना का लाभ मिलता है। कुल राशि में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार का होता है। लेकिन पिछले वित्त वर्ष के केंद्रांश का अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। इसकी वजह पीएफएमएस से दोबारा डाटा वेरिफिकेशन लेने में आई दिक्कतें बताई जाती हैं। इससे इस वर्ग के विद्यार्थियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह के साथ बताया कि भुगतान में आ रही दिक्कतों का समाधान कर लिया गया है। उम्मीद है कि 16-17 अगस्त से ही छात्रों के खातों में राशि पहुंचना शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
अगले साल यह दिक्कत न आए, इसके लिए यह तय किया गया है कि राज्य सरकार के 40 प्रतिशत वाले भुगतान बिल पर ही केंद्र सरकार भी भुगतान कर देगी। केंद्र सरकार के छात्रवृत्ति पोर्टल पर नए सिरे से डाटा की जांच नहीं कराई जाएगी।