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40 करोड़ से बनवाए जाएंगे 36 हजार प्रसाधन
Updated Tue, 19 Jun 2018 11:32 PM IST
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अंबेडकरनगर। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत लगभग 36 हजार शौचालयों के निर्माण के लिए शासन से जिले को 40 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके सापेक्ष 283 ग्राम पंचायतों में 21 हजार 311 शौचालयों के निर्माण के लिए 15 करोड़ की राशि संबंधित पात्रों के खाते में भेज दी गई। इसके अलावा 140 ग्राम पंचायतों के उन पात्रों के खाते में भी 10 करोड़ रुपये भेज दिए गए, जहां प्रथम किस्त के रूप में छह हजार रुपये की धनराशि पूर्व में भेज दी गई थी। राशि का अभाव होने से निर्माण कार्य रुका पड़ा था। इसके अलावा शेष 15 करोड़ रुपये पात्रों के खाते में भेजने के लिए 180 राजस्व गांवों में सत्यापन का कार्य शुरू हो गया है। सत्यापन का कार्य पूर्ण होते ही उनके खाते में राशि भेज दी जाएगी।
जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे पात्रों के घर में शौचालय का निर्माण कराया जाना है, जिनके घर प्रसाधन कक्ष नहीं हैं। योजना के तहत बीते दिनों शौचालय निर्माण की गति उस समय धीमी पड़ गई थी, जब आवश्यक धनराशि जिले को नहीं उपलब्ध हो सकी थी। इस बीच बीते दिनों शासन से जिले को लगभग 36 हजार शौचालय निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। शासन से धनराशि उपलब्ध होने के साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय तत्काल हरकत में आ गया। शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से प्रारंभ हो सके, इसके लिए पात्रों के खाते में धनराशि भेजनी प्रारंभ कर दी गई।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 283 ग्राम पंचायतों में 21 हजार 311 शौचालयों के निर्माण के लिए चयनित पात्रों के खाते में 15 करोड़ रुपये की राशि भेज दी गई। इन पात्रों का सत्यापन का कार्य गत दिवस ही पूरा हुआ था। 140 ग्राम पंचायतों के ऐसे पात्र, जिनके शौचालय का निर्माण कार्य दूसरी किस्त के अभाव में नहीं पूर्ण हो सका था, उसे पूरा कराने के लिए उनके खाते में 10 करोड़ रुपये की राशि भेज दी गई। 180 राजस्व गांवों में शौचालय निर्माण के लिए पात्रों के चयन के लिए सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन का कार्य पूर्ण होते ही चयनित पात्रों के खाते में शेष बची 15 करोड़ रुपये की राशि भेज दी जाएगी।
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दो अक्तूबर तक जिला होना है ओडीएफ
शासन के निर्देशानुसार आगामी दो अक्तूबर तक जिले को ओडीएफ होना है। पंचायती राज अधिकारी कार्यालय के अनुसार अब तक मात्र 456 राजस्व गांवों को ही ओडीएफ किया जा सका है। बताते चलें कि जिले में कुल 1622 राजस्व गांव हैं। ऐसे में 1166 राजस्व गांवों को अभी भी ओडीएफ कराया जाना शेष है। अब जबकि निर्धारित समय पूरा होने पर में तीन माह का समय शेष रह गया है, तो ऐसे में निर्धारित समय में जिले को ओडीएफ किया जा सकेगा, यह एक बड़ी चुनौती होगी।
80 करोड़ की और जरूरत
जिले को ओडीएफ करने के लिए अभी भी लगभग 80 करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता है। इसके लिए शासन को अवगत करा दिया गया है। यदि धनराशि उपलब्ध होती है, तो निर्धारित समय पर जिले को ओडीएफ कर दिया जाएगा।
- मयाशंकर मिश्र, जिला पंचायतराज अधिकारी
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जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन योजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे पात्रों के घर में शौचालय का निर्माण कराया जाना है, जिनके घर प्रसाधन कक्ष नहीं हैं। योजना के तहत बीते दिनों शौचालय निर्माण की गति उस समय धीमी पड़ गई थी, जब आवश्यक धनराशि जिले को नहीं उपलब्ध हो सकी थी। इस बीच बीते दिनों शासन से जिले को लगभग 36 हजार शौचालय निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए। शासन से धनराशि उपलब्ध होने के साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय तत्काल हरकत में आ गया। शौचालय निर्माण का कार्य तेजी से प्रारंभ हो सके, इसके लिए पात्रों के खाते में धनराशि भेजनी प्रारंभ कर दी गई।
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स्वच्छ भारत मिशन योजना के जिला समन्वयक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि 283 ग्राम पंचायतों में 21 हजार 311 शौचालयों के निर्माण के लिए चयनित पात्रों के खाते में 15 करोड़ रुपये की राशि भेज दी गई। इन पात्रों का सत्यापन का कार्य गत दिवस ही पूरा हुआ था। 140 ग्राम पंचायतों के ऐसे पात्र, जिनके शौचालय का निर्माण कार्य दूसरी किस्त के अभाव में नहीं पूर्ण हो सका था, उसे पूरा कराने के लिए उनके खाते में 10 करोड़ रुपये की राशि भेज दी गई। 180 राजस्व गांवों में शौचालय निर्माण के लिए पात्रों के चयन के लिए सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन का कार्य पूर्ण होते ही चयनित पात्रों के खाते में शेष बची 15 करोड़ रुपये की राशि भेज दी जाएगी।
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दो अक्तूबर तक जिला होना है ओडीएफ
शासन के निर्देशानुसार आगामी दो अक्तूबर तक जिले को ओडीएफ होना है। पंचायती राज अधिकारी कार्यालय के अनुसार अब तक मात्र 456 राजस्व गांवों को ही ओडीएफ किया जा सका है। बताते चलें कि जिले में कुल 1622 राजस्व गांव हैं। ऐसे में 1166 राजस्व गांवों को अभी भी ओडीएफ कराया जाना शेष है। अब जबकि निर्धारित समय पूरा होने पर में तीन माह का समय शेष रह गया है, तो ऐसे में निर्धारित समय में जिले को ओडीएफ किया जा सकेगा, यह एक बड़ी चुनौती होगी।
80 करोड़ की और जरूरत
जिले को ओडीएफ करने के लिए अभी भी लगभग 80 करोड़ रुपये की राशि की आवश्यकता है। इसके लिए शासन को अवगत करा दिया गया है। यदि धनराशि उपलब्ध होती है, तो निर्धारित समय पर जिले को ओडीएफ कर दिया जाएगा।
- मयाशंकर मिश्र, जिला पंचायतराज अधिकारी