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गोमती किनारे को हरा भरा करने की तैयारी
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:49 PM IST
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सुल्तानपुर। वेटलैंड संरक्षण के उद्देश्य से गोमती नदी के किनारे पांच किलोमीटर के क्षेत्र में हरित पट्टिका विकसित की जानी है। जिले की पांच तहसीलों के गोमती नदी से सटे तटीय क्षेत्र को पौधरोपण के लिए चिह्नित किया गया है। 15 लाख के प्रोजेक्ट में चयनित स्थलों पर भूमि की अनुकूलता के मुताबिक पौधे लगाए जाएंगे।
पर्यावरण में वेटलैंड एक ऐसी व्यवस्था है, जो धरती पर जलस्रोतों, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वेटलैंड के संरक्षण से वर्षा जल और और पक्षियों को भी सहेजने में मदद मिलेगी।
इसके लिए वन विभाग की ओर से जनपद के बल्दीराय, जयसिंहपुर, कादीपुर, सुल्तानपुर, लंभुआ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गोमती नदी के पांच किलोमीटर के तटीय परिक्षेत्र का चिह्नांकन किया गया है।
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अलग-अलग स्थानों पर भूमि की अनुकूलता के अनुरूप पीपल, नीम, चिलबिल, बबूल समेत अन्य कई प्रजातियों के पौधे रोपित किए जाएंगे। प्रथम चरण में दो किलोमीटर के क्षेत्र में पौधे रोपित किए जाएंगे।
पहला चरण पूरा होने के बाद शेष तीन किलोमीटर के क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो वेटलैंड संरक्षण के इस प्रोजेक्ट में करीब 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। स्थलों का चयन व परिक्षेत्र में होने वाले पौधरोपण के लागत की प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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पर्यावरण में वेटलैंड एक ऐसी व्यवस्था है, जो धरती पर जलस्रोतों, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वेटलैंड के संरक्षण से वर्षा जल और और पक्षियों को भी सहेजने में मदद मिलेगी।
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इसके लिए वन विभाग की ओर से जनपद के बल्दीराय, जयसिंहपुर, कादीपुर, सुल्तानपुर, लंभुआ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत गोमती नदी के पांच किलोमीटर के तटीय परिक्षेत्र का चिह्नांकन किया गया है।
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अलग-अलग स्थानों पर भूमि की अनुकूलता के अनुरूप पीपल, नीम, चिलबिल, बबूल समेत अन्य कई प्रजातियों के पौधे रोपित किए जाएंगे। प्रथम चरण में दो किलोमीटर के क्षेत्र में पौधे रोपित किए जाएंगे।
पहला चरण पूरा होने के बाद शेष तीन किलोमीटर के क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों की मानें तो वेटलैंड संरक्षण के इस प्रोजेक्ट में करीब 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। स्थलों का चयन व परिक्षेत्र में होने वाले पौधरोपण के लागत की प्रोजेक्ट रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।