फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   110 courts to be established to solve family issues.

न्यायिक व्यवस्था में सुधार के लिए उठा रहे हैं कदम, बनाएंगे 110 पारिवारिक अदालतें: सीएम योगी

Sun, 12 Nov 2017 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 12 Nov 2017 11:07 AM IST
विज्ञापन
110 courts to be established to solve family issues.
जजों के साथ सीएम योगी - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार समाज के सभी तबकों को मानवीय गरिमा के अनुकूल जीवन जीने की परिस्थितियां उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यायिक व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। योगी शनिवार को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में मुख्य न्यायाधीशों के 18वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में 110 पारिवारिक अदालतों की स्थापना करेगी। ये अदालतें मौजूदा पारिवारिक अदालतों के अतिरिक्त होंगी, जो पारिवारिक और वैवाहिक विवादों के करीब ढाई लाख लंबित मुकदमों के निपटारे में मदद करेंगी। महिलाओं के प्रति अपराध और उत्पीड़न के मामलों के निपटारे के लिए 100 अतिरिक्त अदालतें भी बनाई जा रही हैं। उन्होंने सभी न्यायाधीशों व अतिथियों का यूपी सरकार और प्रदेश के 22 करोड़ नागरिकों की ओर से स्वागत किया और सम्मेलन की मेजबानी को लखनऊ के लिए सम्मान बताया।
विज्ञापन


योगी ने कहा कि भारत ने हमेशा मानवता की पैरोकारी की है। शांति व सदभाव को बढ़ाने का काम किया है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51 भी विश्व शांति को बढ़ावा देने की बात करता है। दुनिया भर के बच्चों, महिलाओं और भावी पीढ़ी को सुरक्षा, शांति, स्वच्छ पर्यावरण मुहैया करवाना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ी को आदर्श परिस्थितियां मिल सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में मिली 30 स्थानों की छलांग का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार इसमें और सुधार के लिए काम करेगी। केंद्र ने जुलाई 2017 में जीएसटी लगाया था, यूपी सरकार इसे सफलता से लागू कर रही है।

मंडल मुख्यालयों पर खुलेंगी वाणिज्यिक अदालतें

110 courts to be established to solve family issues.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य - फोटो : amar ujala

सीएम ने कहा कि सभी मंडल मुख्यालयों पर वाणिज्यिक अदालतें बनाई जा रही हैं। इन्हें ‘स्मार्ट कोर्ट्स’ कहा जाएगा। इनमें ई-फाइलिंग की सुविधा होगी। इन अदालतों में निर्माण एवं संबंधित प्रोजेक्ट्स, फ्रेंचाइजी, जॉइंट वेंचर, प्रबंधन व कंसल्टेंसी से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा। पहले चरण में 13 शहरों में स्मार्ट कोर्ट खोले जाएंगे।

1100 अनुपयोगी कानून खत्म होंगे
सीएम ने बताया कि सरकार ने 1100 अनुपयोगी कानून चिह्नित किए हैं। इन्हें खत्म करके न्याय प्रणाली आधुनिक बनाई जा रही है। इसके लिए विधि आयोग भी बनाया गया है। वहीं, मुकदमों के तेजी से निपटारे के लिए सत्र न्यायालयों की कार्य अवधि में 30 मिनट प्रतिदिन की वृद्धि की गई है।

निचली अदालतों में बड़ी संख्या में मोटर व्हीकल एक्ट, म्यूनिसिपल बोर्ड एक्ट, एक्साइज एक्ट आदि के छोटे-छोटे मुकदमे लंबित हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट बनाकर इन्हें सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है।

ताजमहल प्रेम की निशानी : त्रिवेदी
ताजमहल को लेकर भाजपा नेताओं की अलग-अलग बयानबाजी के बीच पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सम्मेलन में करीब 60 देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष ताज की शान में कसीदे पढ़े। कहा, ताजमहलप्रेम के नाम पर समर्पित स्मारक है, दुनिया में ऐसा दूसरा स्मारक नहीं मिल सकता। उन्होंने इसे यूपी के लिए बेहद खास बताया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed