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NH Highway: नहीं मिली जमीन, पीडब्ल्यूडी की 11 परियोजनाएं फंसीं, केंद्र ने 9313 करोड़ किए थे मंजूर
Tue, 14 Jun 2022 10:54 AM IST
ishwar ashish
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
अजीत बिसारिया, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 14 Jun 2022 10:54 AM IST
सार
केंद्र सरकार ने बीते वित्त वर्ष में 11 परियोजनाओं के लिए 9313 करोड़ रुपये मंजूर किए थे पर जमीन न मिलने के कारण ये सभी प्रोजेक्ट फंस गए हैं। जमीन अधिग्रहण न होने से टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जमीन न मिलने से पीडब्ल्यूडी की 11 बड़ी परियोजनाएं फंस गई हैं। केंद्र सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में ही इन परियोजनाओं के लिए 9313 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इन पर काम राज्य लोक निर्माण विभाग की नेशनल हाईवे (एनएच) विंग को करना है। मगर, जमीन का पेंच फंसने से काम शुरू होना तो दूर, अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है।
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लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक के चलते इन स्वीकृत परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) का चौड़ीकरण के साथ मोटाई बढ़ाना भी जरूरी हो गया है, ताकि यातायात सुगम हो सके। राष्ट्रीय राजमार्गों के 300 करोड़ रुपये से ऊपर के सभी टेंडर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) फाइनल करता है।
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पीडब्ल्यूडी सूत्रों के मुताबिक, टेंडर तभी फाइनल होता है जब संबंधित परियोजना के लिए जरूरी 90 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत कर ली जाती है। इन परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं मिली है, इसलिए मोर्थ टेंडर की तिथियों को लगातार आगे खिसकाता जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि जमीन न मिलने से एनएच की कुछ परियोजनाओं को शुरू करने में दिक्कतें आ रही हैं। सभी पक्षों से संपर्क कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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इन परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी
प्रयागराज खंड : एनएच-731 (ए) के लिए 698 करोड़, 1157 करोड़, 1141.67 करोड़ के तीन पैकेज।
गोरखपुर : एनएच-730 के लिए 509.65 करोड़ रुपये
देवरिया : एनएच-227 (ए) के लिए 974.19 करोड़।
वाराणसी : एनएच-731 (बी) के लिए 640.18 करोड़ व 917.19 करोड़ के दो पैकेज।
रायबरेली : रिंग रोड के लिए 1273.72 करोड़
बस्ती : 84 कोसी परिक्रमा मार्ग (एनएच-227 बी) के पैकेज एक व तीन के लिए क्रमश: 912.50 करोड़ और 587.97 करोड़।
कानपुर खंड : एनएच-330 डी पर सीतापुर से कुरैन सेक्शन के बीच 505.73 करोड़ की लागत से पेव्ड शोल्ड के साथ दो लेन सड़क बनाने के लिए मंजूरी।