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अमेठी में जल्द बनेगा फायर स्टेशन, तत्काल मिलेगी मदद
Updated Tue, 22 May 2018 11:32 PM IST
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अमेठी में जल्द बनेगा फायर स्टेशन, तत्काल मिलेगी मदद
अमेठी। लंबे इंतजार के बाद में जिला मुख्यालय पर फायर स्टेशन बनेगा। यह शहर के पचेहरी वार्ड में बनाया जाएगा। शासन ने फायर स्टेशन निर्माण के लिए चार करोड़ 39 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत करने के साथ ही 1.50 करोड़ की पहली किस्त आवंटित कर दी है।
बजट मिलने के बाद जलनिगम की निर्माण संस्था सीएंडडीएस ने मंगलवार से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। फायर स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने मई 2019 की मियाद तय की है।
दमकल केंद्र बनने से शहर के लोगों को आग लगने की स्थिति में तत्काल मदद मिल सकेगी। आग से होने वाली घटनाओं पर काबू पाने के लिए शासन ने कई माह पूर्व गौरीगंज में फायर स्टेशन खोलने की स्वीकृति दी थी।
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इसके साथ पद सजृन की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग के अपर पुलिस महानिरीक्षक/संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निशुल्क भूमि आवंटित करने की मांग की थी।
जिला प्रशासन ने गौरीगंज शहर क्षेत्र के पचेहरी वार्ड में सरकारी भूमि चिह्नित कर खतौनी में फायर स्टेशन का नाम दर्ज करवा दिया था।
भूमि मिलने के बाद विभाग ने लोक निर्माण विभाग से निर्माण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाते हुए धनावंटन की मांग की थी।
शासन ने जलनिगम की निर्माण संस्था सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था नामित करने के साथ ही चार करोड़ 39 लाख 60 हजार रुपये की स्वीकृति करते हुए 1.50 करोड़ की पहली किस्त कार्यदायी संस्था के खाते में ट्रांसफर कर दिया।
कार्यदायी संस्था ने मंगलवार से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मई 2019 की मियाद तय की गई है।
फायर स्टेशन बनने का फायदा गौरीगंज क्षेत्र की पांच लाख आबादी को मिलेगा। आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण के साथ इससे होने वाली क्षति पर अंकुश लग सकेगा।
अभी तक गौरीगंज क्षेत्र के गांवों में आग लगने पर अमेठी, मुसाफिरखाना व जायस फायर स्टेशन की मदद लेनी पड़ती थी।
जिलाधिकारी शकुंतला गौतम ने बताया फायर स्टेशन मेें सीएफओ कार्यालय के लिए दो कक्ष के साथ ही मीटिंग हॉल, कंट्रोल रूम, स्टोरेज, स्टॉफ रूम, डायनिंग हॉल, आरक्षी बैरक व पार्किंग के साथ 290 मीटर बांउड्रीवॉल का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त परिसर में 500 किलोलीटर का अंडर ग्रांउड रिसोर्स सिस्टम बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि फायर स्टेशन निर्माण की नियमित निगरानी के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा एसडीएम की टीम गठित की गई। टीम को प्रति सप्ताह निर्माण कार्य की जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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अमेठी। लंबे इंतजार के बाद में जिला मुख्यालय पर फायर स्टेशन बनेगा। यह शहर के पचेहरी वार्ड में बनाया जाएगा। शासन ने फायर स्टेशन निर्माण के लिए चार करोड़ 39 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत करने के साथ ही 1.50 करोड़ की पहली किस्त आवंटित कर दी है।
बजट मिलने के बाद जलनिगम की निर्माण संस्था सीएंडडीएस ने मंगलवार से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। फायर स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने मई 2019 की मियाद तय की है।
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दमकल केंद्र बनने से शहर के लोगों को आग लगने की स्थिति में तत्काल मदद मिल सकेगी। आग से होने वाली घटनाओं पर काबू पाने के लिए शासन ने कई माह पूर्व गौरीगंज में फायर स्टेशन खोलने की स्वीकृति दी थी।
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इसके साथ पद सजृन की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग के अपर पुलिस महानिरीक्षक/संयुक्त सचिव ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर निशुल्क भूमि आवंटित करने की मांग की थी।
जिला प्रशासन ने गौरीगंज शहर क्षेत्र के पचेहरी वार्ड में सरकारी भूमि चिह्नित कर खतौनी में फायर स्टेशन का नाम दर्ज करवा दिया था।
भूमि मिलने के बाद विभाग ने लोक निर्माण विभाग से निर्माण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाते हुए धनावंटन की मांग की थी।
शासन ने जलनिगम की निर्माण संस्था सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था नामित करने के साथ ही चार करोड़ 39 लाख 60 हजार रुपये की स्वीकृति करते हुए 1.50 करोड़ की पहली किस्त कार्यदायी संस्था के खाते में ट्रांसफर कर दिया।
कार्यदायी संस्था ने मंगलवार से निर्माण कार्य शुरू कर दिया। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मई 2019 की मियाद तय की गई है।
फायर स्टेशन बनने का फायदा गौरीगंज क्षेत्र की पांच लाख आबादी को मिलेगा। आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण के साथ इससे होने वाली क्षति पर अंकुश लग सकेगा।
अभी तक गौरीगंज क्षेत्र के गांवों में आग लगने पर अमेठी, मुसाफिरखाना व जायस फायर स्टेशन की मदद लेनी पड़ती थी।
जिलाधिकारी शकुंतला गौतम ने बताया फायर स्टेशन मेें सीएफओ कार्यालय के लिए दो कक्ष के साथ ही मीटिंग हॉल, कंट्रोल रूम, स्टोरेज, स्टॉफ रूम, डायनिंग हॉल, आरक्षी बैरक व पार्किंग के साथ 290 मीटर बांउड्रीवॉल का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त परिसर में 500 किलोलीटर का अंडर ग्रांउड रिसोर्स सिस्टम बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि फायर स्टेशन निर्माण की नियमित निगरानी के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा एसडीएम की टीम गठित की गई। टीम को प्रति सप्ताह निर्माण कार्य की जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।