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Lucknow News: 100 में 100...कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप की प्रोन्नति परीक्षा पर उठे सवाल
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लखनऊ। उत्तर रेलवे के कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप की प्रोन्नति परीक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षार्थियों को दिए गए मॉडल क्वेश्चन बैंक से सभी प्रश्न पूछे जाने और दो परीक्षार्थियों को 100 में 100 अंक मिलने पर भारतीय रेलवे मजदूर संघ (बीआरएमएस) ने धांधली का आरोप लगाया है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के आलमबाग स्थित कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप में जूनियर इंजीनियर/ मैकेनिकल पद पर प्रमोशन के लिए 22 सितंबर को प्रोन्नति परीक्षा आयोजित की गई। बीआरएमएस के महासचिव मंगेश एम देशपांडे का आरोप है कि अधिकारियों ने परीक्षा में धांधली की है। इससे पूरी परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई है।
देशपांडे का कहना है कि परिणाम को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए। इससे प्रोन्नति परीक्षा का लाभ उन रेलकर्मियों को मिल सकेगा, जो इसके लिए पात्र हैं। उन्होंने बताया कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से पूरी परीक्षा में हुई धांधली की शिकायत की गई है।
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भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आरोप
-महासचिव ने बताया कि परीक्षा में बैठने वाले रेलकर्मियों को मॉडल क्वेश्चन बैंक पहले ही इश्यू कर दिए गए थे। खास बात है कि लिखित परीक्षा में पूछे गए सभी 110 सवाल इसी क्वेश्चन बैंक से आए।
-वर्कशॉप के अफसरों ने दो अभ्यर्थियों को 100 में 100, छह को 99 और छह को 97 अंक दे दिए गए। ऐसा कैसे हो सकता है कि कई अभ्यर्थियों के समान अंक आएं।
-अभ्यर्थियों को कोई आंसर-की नहीं दी गई। यह सब इसलिए किया गया ताकि आपत्तियां न उठाई जा सकें।
- 22 सितंबर को लिखित परीक्षा हुई और दो दिन बाद 24 सितंबर को रिजल्ट घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं, रिजल्ट घोषित होते ही जिनका चयन हुआ, उनको तुरंत सुपरवाइजरी ट्रेनिंग सेंटर के लिए रिलीव कर दिया गया।
डीआरएम बोले, गड़बड़ी नहीं हुई
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होती है। ऐसे में 100 में 100 अंक मिलना, मॉडल क्वेश्चन बैंक पहले से देना, यह सब कोई नई बात नहीं है। संघ की ओर से उठाए गए सभी सवाल बेबुनियाद हैं।
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उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के आलमबाग स्थित कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप में जूनियर इंजीनियर/ मैकेनिकल पद पर प्रमोशन के लिए 22 सितंबर को प्रोन्नति परीक्षा आयोजित की गई। बीआरएमएस के महासचिव मंगेश एम देशपांडे का आरोप है कि अधिकारियों ने परीक्षा में धांधली की है। इससे पूरी परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई है।
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देशपांडे का कहना है कि परिणाम को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए। इससे प्रोन्नति परीक्षा का लाभ उन रेलकर्मियों को मिल सकेगा, जो इसके लिए पात्र हैं। उन्होंने बताया कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से पूरी परीक्षा में हुई धांधली की शिकायत की गई है।
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भारतीय रेलवे मजदूर संघ के आरोप
-महासचिव ने बताया कि परीक्षा में बैठने वाले रेलकर्मियों को मॉडल क्वेश्चन बैंक पहले ही इश्यू कर दिए गए थे। खास बात है कि लिखित परीक्षा में पूछे गए सभी 110 सवाल इसी क्वेश्चन बैंक से आए।
-वर्कशॉप के अफसरों ने दो अभ्यर्थियों को 100 में 100, छह को 99 और छह को 97 अंक दे दिए गए। ऐसा कैसे हो सकता है कि कई अभ्यर्थियों के समान अंक आएं।
-अभ्यर्थियों को कोई आंसर-की नहीं दी गई। यह सब इसलिए किया गया ताकि आपत्तियां न उठाई जा सकें।
- 22 सितंबर को लिखित परीक्षा हुई और दो दिन बाद 24 सितंबर को रिजल्ट घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं, रिजल्ट घोषित होते ही जिनका चयन हुआ, उनको तुरंत सुपरवाइजरी ट्रेनिंग सेंटर के लिए रिलीव कर दिया गया।
डीआरएम बोले, गड़बड़ी नहीं हुई
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होती है। ऐसे में 100 में 100 अंक मिलना, मॉडल क्वेश्चन बैंक पहले से देना, यह सब कोई नई बात नहीं है। संघ की ओर से उठाए गए सभी सवाल बेबुनियाद हैं।