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भाजपा विधायक के बेटे की हत्या मामले में पांच को दस-दस साल की सजा, जुर्माना भी लगा

Fri, 19 Jan 2018 02:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा Updated Fri, 19 Jan 2018 02:00 AM IST
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10 years jail in murder of bjp mla son.
न्यायालय के बाहर तैनात सुरक्षा - फोटो : amar ujala

गोंडा के शहर के आईटीआई रोड स्थित आरएन पांडेय हॉस्पिटल में गाड़ी पार्किंग को लेकर फायरिंग में भाजपा विधायक बावन सिंह के पुत्र डॉ. गौरव सिंह उर्फ सोनू की गैर इरादतन हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने हास्पिटल के निदेशक डॉ. राजेश पांडेय के रिश्तेदार समेत पांच अभियुक्तों को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं,

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प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विनय सिंह के मुताबिक करनैलगंज क्षेत्र के गद्दौपुर गांव निवासी भाजपा विधायक बावन सिंह के पुत्र वैभव सिंह उर्फ मोनू ने 08 मई 2012 को नगर कोतवाली में डॉ. राजेश पांडेय पुत्र रामनरेश पांडेय निवासी धनुही थाना परसपुर, चंद्रमोहन मिश्र पुत्र रामदेव मिश्र निवासी उमरा थाना कौड़िया, विश्वास पांडेय पुत्र कैलाशनाथ पांडेय निवासी पिपराघाट थाना उतरौला बलरामपुर, पवन मिश्र पुत्र देवमणि मिश्र निवासी बख्तावर पुरावा परसपुर, सुरेश कुमार पांडेय उर्फ बबलू पुत्र सूबेदार पांडेय निवासी अचकवापुर विलखैहा थाना महराजगंज फैजाबाद, अवधेश तिवारी पुत्र स्व. रामबरन तिवारी निवासी मलखानपुर मिहोरिया थाना महराजगंज के खिलाफ जानलेवा हमले व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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जिसमें कहा गया कि 08 मई 2012 को वैभव सिंह अपने बड़े भाई डॉ. गौरव सिंह व चालक मोहन सिंह व चाचा विष्णु प्रताप सिंह के साथ स्कार्पियो गाड़ी से आरएन पांडेय नर्सिंगहोम में भर्ती अपने परिचित को देखने गया था। नर्सिंगहोम में गाड़ी रुकी तो सशस्त्र सिक्योरिटी गार्ड बबलू उर्फ सुरेश व अवधेश तिवारी वहां आ गए और अभद्रता करते हुए गाड़ी बाहर खड़ी कर पैदल जाने के लिए कहने लगे। इसी बीच डॉ. राजेश पांडेय ने गार्ड को केबिन में बुलाया। वहां बात हो रही थी, अंदर डॉक्टर समेत चंद्रमोहन मिश्र, विश्वास पांडेय, पवन मिश्र मौजूद थे।
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सिक्योरिटी गार्ड बबलू व अवधेश तिवारी भी पीछे से आ गए। इस बीच डॉ. राजेश पांडेय ने धमकी दी तो डॉ. गौरव ने विरोध किया। इसी बीच डॉ. राजेश के कहने पर सभी डॉ. गौरव को पीटने लगे। सिक्योरिटी गार्ड बबलू व अवधेश तिवारी बंदूक की बट से मारने लगे। तभी डॉ. राजेश ने गार्ड अवधेश की बंदूक छीनकर गौरव सिंह के सीने पर फायर कर दिया। गोली लगने से डॉ. गौरव सिंह घायल होकर गिर गए। ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाते समय रास्ते में डॉ. गौरव की मौत हो गई।

भाजपा विधायक के बेटे को सात साल की कैद

10 years jail in murder of bjp mla son.
सजा होने के बाद पुलिस की गाड़ी में बैठकर जेल जाते विधायक पुत्र वैभव सिंह। - फोटो : amar ujala

गोंडा के आरएन पांडेय हॉस्पिटल में डॉ. राजेश पांडेय एवं सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला करने व अंग-भंग करने के मामले में कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह के बेटे वैभव सिंह उर्फ मोनू को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट महेश नौटियाल ने सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों सजाएं एकसाथ चलेंगी। वहीं, अदालत ने विधायक के भाई समेत तीन अभियुक्तों को दोषमुक्त किया है। दो दिन पहले अदालत ने मोनू को मामले में दोषी करार दिया था। सजा सुनाने के बाद मोनू को कड़ी सुरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है।

प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता विनय सिंह के मुताबिक, 09 मई 2012 को आरएन पांडेय हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड निकट आईटीआई कचहरी रोड के निदेशक डॉ. राजेश पांडेय ने कोतवाली नगर में करनैलगंज क्षेत्र के गद्दौपुर गांव निवासी वैभव सिंह उर्फ मोनू पुत्र भाजपा विधायक बावन सिंह, अजीत सिंह पुत्र अजय प्रताप सिंह, राणा प्रताप सिंह पुत्र हनुमान बख्श सिंह, विजय प्रताप सिंह उर्फ तिरपन सिंह पुत्र श्रीराम सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी।

जिसमें कहा कि, 08 मई 2012 की दोपहर वह अपने हास्पिटल में मरीज देख रहे थे, तभी हल्की आवाज सुनाई पड़ी। इसी बीच वैभव सिंह व उसके भाई डॉ. गौरव सिंह पुत्र बावन सिंह अपने साथियों संग सिक्योरिटी गार्ड अवधेश तिवारी के पीछे-पीछे असलहा लहराते हुए पहुंचे तो गार्ड उनके केबिन के सामने खड़ा हो गया। तभी गौरव ने केबिन के गेट का शीशा तोड़कर अवधेश पर फायर कर दिया। दूसरे सिक्योरिटी गार्ड सुरेश कुमार पांडेय ने केबिन के अंदर जाने से रोका तो वैभव सिंह ने उसके सिर में गोली मार दी। इससे सुरेश की बायीं आंख व सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर गिर गया।

इसी बीच सिक्योरिटी गार्ड अवधेश तिवारी ने आत्मरक्षार्थ अपनी बंदूक से फायर कर दिया। इससे गौरव सिंह को गोली लग गई। इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाते वक्त डॉ. गौरव की मौत हो गई थी। झगड़े की वजह डॉ. गौरव सिंह का हॉस्पिटल के गेट पर वाहन खड़ा करना था, जिसे सिक्योरिटी गार्ड ने वहां से हटाने को कहा था।

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