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UP News: यूपी में 10 हजार बाल श्रमिकों की हुई पहचान, 12 हजार से अधिक बच्चों को मिला शिक्षा का मौका

Tue, 20 May 2025 02:05 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 20 May 2025 02:05 PM IST
सार

यूपी में 10 हजार बाल श्रमिकों की पहचान की गई। जबकि, 12 हजार से अधिक बच्चों को शिक्षा का मौका मिल चुका है। साल 2027 तक प्रदेश को बालश्रम से मुक्त करने की तैयारी है। 

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10 thousand child laborers identified in UP more than 12 thousand children got opportunity to get education
बाल श्रम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार साल 2027 तक प्रदेश को बालश्रम से मुक्त करने की तैयारी में है। इसके लिए जागरुकता से लेकर शिक्षा और पुनर्वासन तक, हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून को प्रदेश में विशेष जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने का भी प्रस्ताव है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरुकता अभियान को धार दी जाएगी।

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प्रदेश से बालश्रम को खत्म करने के लिए सरकार की ओर से 10336 बाल श्रमिकों की पहचान की जा चुकी है। वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक 12426 बाल श्रमिकों का शैक्षिक पुनर्वासन कराया गया है। इसके अलावा 1089 परिवारों को आर्थिक मदद भी दी गई है। योगी सरकार द्वारा संचालित ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ के अंतर्गत 2000 कामकाजी बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाकर आर्थिक सहायता भी दिलाई गई। 
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श्रम कल्याण परिषद के माध्यम से संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आठ कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके लिए सरकार ने 40 करोड़ रुपये की कॉर्पस निधि उपलब्ध कराई है। वर्ष 2024-25 में अब तक 309 श्रमिकों को 1.32 करोड़ रुपये की सहायता देकर राहत पहुंचाई जा चुकी है।

बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सरकार की सख्ती

बाल श्रम को खत्म करने के साथ ही सरकार ने बंधुआ मजदूरी के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए हैं। वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक कुल 1408 बंधुआ श्रमिकों का पुनर्वासन कर उन्हें 1817.21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

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