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60 लोगों से डेढ़ करोड़ रुपये ठगे
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लखनऊ। रिटायर्ड सचिवालय व रेलवे कर्मचारियों को निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर 60 लोगों से जालसाजों ने डेढ़ करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ितो को स्टॉक ट्रेडिंग फर्म ने 60 प्रतिशत सालाना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। पीड़ितों ने हुसैनगंज थाने में फर्म संचालकों पर केस दर्ज कराया है।
प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्ण वीर सिंह के मुताबिक, लालकुंआ छितवापुर निवासी मो. अहमद की दोस्ती कल्याणपुर के मो. अदीब से थी। वह सेफटैग फर्म के साथ स्टॉक ट्रेडिंग करने का दावा करता था। अदीब ने मो. अहमद की मुलाकात फर्म संचालक कामरान सिद्दीकी और मेराजुल हसन से कराई थी। इस दौरान मो. अहमद को बताया गया था कि फर्म की स्कीम में निवेश करने पर सालाना 60 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। भरोसा हासिल करने के लिए ठगों ने फर्जी तरीके से बनाए गए अकाउंट भी दिखाए थे जिसके कारण मो. अहमद ठगों की बातों पर विश्वास कर बैठे। सेफटैग फर्म की स्कीम के बारे में मो. अहमद ने रिटायर सचिवालय कर्मी मुख्तार अहमद और रेलवे से रिटायर कुद्दूस को बताई थी। कई अन्य परिचितों को भी फर्म के साथ जोड़ा था।
मो. अहमद के मुताबिक, करीब डेढ़ करोड़ रुपये का निवेश कराया गया था लेकिन किसी भी व्यक्ति को फर्म ने ब्याज नहीं दिया। पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे, फिर रुपये देने से मना कर दिया। इस बीच मो. अहमद पर उनके परिचित रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे। डीसीपी मध्य जोन से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी थी। उनके निर्देश पर हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक कृष्णवीर सिंह के मुताबिक मो. अहमद की तहरीर पर अदीब, मो. कामरान सिद्दीकी और मेराजुल हसन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्रभारी निरीक्षक हुसैनगंज कृष्ण वीर सिंह के मुताबिक, लालकुंआ छितवापुर निवासी मो. अहमद की दोस्ती कल्याणपुर के मो. अदीब से थी। वह सेफटैग फर्म के साथ स्टॉक ट्रेडिंग करने का दावा करता था। अदीब ने मो. अहमद की मुलाकात फर्म संचालक कामरान सिद्दीकी और मेराजुल हसन से कराई थी। इस दौरान मो. अहमद को बताया गया था कि फर्म की स्कीम में निवेश करने पर सालाना 60 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। भरोसा हासिल करने के लिए ठगों ने फर्जी तरीके से बनाए गए अकाउंट भी दिखाए थे जिसके कारण मो. अहमद ठगों की बातों पर विश्वास कर बैठे। सेफटैग फर्म की स्कीम के बारे में मो. अहमद ने रिटायर सचिवालय कर्मी मुख्तार अहमद और रेलवे से रिटायर कुद्दूस को बताई थी। कई अन्य परिचितों को भी फर्म के साथ जोड़ा था।
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मो. अहमद के मुताबिक, करीब डेढ़ करोड़ रुपये का निवेश कराया गया था लेकिन किसी भी व्यक्ति को फर्म ने ब्याज नहीं दिया। पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे, फिर रुपये देने से मना कर दिया। इस बीच मो. अहमद पर उनके परिचित रुपये लौटाने का दबाव बनाने लगे। डीसीपी मध्य जोन से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी थी। उनके निर्देश पर हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रभारी निरीक्षक कृष्णवीर सिंह के मुताबिक मो. अहमद की तहरीर पर अदीब, मो. कामरान सिद्दीकी और मेराजुल हसन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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