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कैसे बनेगी प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2014 08:52 AM IST
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चार राज्यों (दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़) के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का असर उत्तर प्रदेश पर भी पड़ गया है।
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यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी घोषित होने से पहले ही एक बार फिर बदली जा रही है। दोबारा हो रही इस कवायद में अभी कुछ समय और लगना तय है।
इस समय ज्यादातर दल लोकसभा चुनाव के रण में कूदने को तैयार हैं। वहीं, कांग्रेस अपनी टीम ही नहीं जोड़ पा रही है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री को पद संभाले करीब डेढ़ साल हो गया है।
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लेकिन वे आज तक अपनी टीम नहीं बना पाए हैं। हालत यह है कि कांग्रेस की टॉप (प्रदेश कार्यकारिणी) व बॉटम (बूथ लेवल कमेटियां) दोनों की जरूरी टीमें अभी तक आकार नहीं ले पाई हैं।
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सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी लगभग तैयार हो गई थी। इस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुहर भी लग गई थी। बस औपचारिक ऐलान होना बाकी था।
बाद में तय हुआ कि चार राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद इसे घोषित किया जाएगा। लेकिन जब परिणाम आए तो कांग्रेस के पैरों तले जमीन खिसक गई।
दरअसल, केंद्र में सरकार बनाने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। इस सच्चाई को कांग्रेसी भी जानते हैं। इसलिए चार राज्यों के परिणाम आने के बाद एक बार फिर कांग्रेसी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए दूसरी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
इसी के तहत प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में भी एक बार फिर बदलाव होने जा रहा है।