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राष्ट्रपति का वाराणसी दौरा: आयुषी तिवारी को दिया अतुल माहेश्वरी स्मृति स्वर्ण पदक, दीक्षांत के बाद लखनऊ रवाना

Mon, 11 Dec 2023 04:25 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Mon, 11 Dec 2023 04:25 PM IST
खास बातें

President Draupadi Murmu Varanasi Visit: राष्ट्रपति दीक्षांत समारोह के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पहुंचीं। एमए पत्रकारिता में सर्वाधिक अंक पाने पर आयुषी तिवारी को राष्ट्रपति ने श्री अतुल माहेश्वरी स्मृति स्वर्ण पदक दिया। 

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President Draupadi Murmu LIVE in Varanasi Governor welcomed at the airport
वाराणसी में राष्ट्रपति - फोटो : संवाद

लाइव अपडेट

04:11 PM, 11-Dec-2023
शहर से सड़क मार्ग द्वारा राष्ट्रपति द्रौपी मुर्मू और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एयरपोर्ट पर पहुंची। एयरपोर्ट से शाम 3:58 बजे वायुसेना के विशेष विमान से एक साथ लखनऊ के लिए उड़ान भरी।
02:55 PM, 11-Dec-2023
वाराणसी में राष्ट्रपति - फोटो : संवाद
राष्ट्रपति दीक्षांत समारोह के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पहुंच गई हैं। यहां महामहिम ने 16 मेधावियों को अपने हाथों से मेडल दिए। 
एमए पत्रकारिता में सर्वाधिक अंक पाने पर आयुषी तिवारी को राष्ट्रपति ने श्री अतुल माहेश्वरी स्मृति स्वर्ण पदक दिया। समारोह में राज्यपाल ने संबोधन दिया। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी और राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा काशी विद्यापीठ का सामाजिक और शैक्षिक योगदान अमूल्य है।

राष्ट्रपति के संबोधन की बड़ी बातें
राष्ट्रपति ने कलश में पानी डालकर दीक्षांत समारोह की शुरुआत की। राज्यपाल के संबोधन के बाद महामहिम ने सभी विद्यार्थियों, उनके शिक्षकों और परिजनों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा, बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आना अपने आप में सौभाग्य की बात है। काशी का अभिप्राय है सदैव प्रकाशमान रहने और सदैव प्रकाशित रखने वाला ज्योतिपुंज। पिछले महीने काशी में देव दीपावली का पर्व भव्यता से मनाया गया। मुझे बताया गया है कि उस पर्व को 72 देशों के प्रतिनिधियों ने हमारे देशवासियों के साथ यहां मनाया। हिन्दी माध्यम में उच्च-स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए बाबू शिव प्रसाद गुप्त जी ने काशी विद्यापीठ की अपनी परिकल्पना की चर्चा महात्मा गांधी से की थी और गांधीजी ने उसे सहर्ष अनुमोदन प्रदान किया था। हमारे देश की स्वाधीनता के 26 वर्ष पूर्व, गांधीजी की परिकल्पना के अनुसार आत्म-निर्भरता तथा स्वराज के लक्ष्यों के साथ, इस विद्यापीठ की यात्रा शुरू हुई थी। ब्रिटिश शासन की सहायता और नियंत्रण से दूर रहते हुए, भारतीयों द्वारा पूर्णत: भारतीय संसाधनों से निर्मित, काशी विद्यापीठ का नामकरण ‘महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ’ करने के पीछे हमारे स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की भावना निहित है। उन आदर्शों पर चलना तथा अमृत-काल के दौरान देश की प्रगति में प्रभावी योगदान देना यहां के विद्यार्थियों द्वारा विद्यापीठ के राष्ट्र-निर्माता संस्थापकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का ध्येय वाक्य है विद्ययाऽमृतमश्नुते...। यह ध्येय वाक्य ईशा-वास्य उपनिषद से लिया गया है। ईश उपनिषद में यह बोध कराया गया है कि व्यावहारिक ज्ञान और आध्यात्मिक ज्ञान एक दूसरे के संपूरक हैं। व्यावहारिक ज्ञान से अर्थ, धर्म और कामनाओं की सिद्धि होती है। विद्या पर आधारित आध्यात्मिक ज्ञान से अमरता यानी मोक्ष की प्राप्ति होती है।
चिर-नवीन की परिधि में विज्ञान तथा व्यावहारिक ज्ञान की आधुनिकतम धाराएं समाहित हैं। आप सभी विद्यार्थियों को चिर-पुराण और चिर-नवीन के समन्वय को अपनी शिक्षा, आचरण और जीवन में उतारना है। तब आप राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, भारतीय परम्पराओं से जुड़े रह कर इक्कीसवीं सदी के आधुनिक विश्व में सफलताएं अर्जित करेंगे।

 
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12:47 PM, 11-Dec-2023
काशी विद्यापीठ पहुंचीं महामहिम द्रौपदी मुर्मू - फोटो : संवाद
राष्ट्रपति ने कहा कि दो भारत रत्नों का इस संस्थान से जुड़ना महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की गौरवशाली विरासत का प्रमाण है। भारत रत्न डॉ. भगवान दास इस विद्यापीठ के पहले कुलपति थे और पूर्व प्रधान मंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री इस संस्था के पहले बैच के छात्र थे। उन्होंने कहा कि इस संस्थान के विद्यार्थियों से अपेक्षा है कि वे शास्त्री जी के जीवन मूल्यों को अपने आचरण में अपनायें।

राष्ट्रपति ने कहा कि इस विद्यापीठ की यात्रा हमारे देश की आजादी से 26 साल पहले गांधीजी की परिकल्पना के अनुसार आत्मनिर्भरता और स्वराज के लक्ष्यों के साथ शुरू हुई थी। असहयोग आंदोलन से जन्मी संस्था के रूप में यह विश्वविद्यालय हमारे महान स्वतंत्रता संग्राम का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सभी छात्र स्वतंत्रता संग्राम के हमारे राष्ट्रीय आदर्शों के ध्वजवाहक हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि काशी विद्यापीठ का नाम महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ रखने के पीछे का उद्देश्य हमारे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों के प्रति सम्मान व्यक्त करना है। उन आदर्शों पर चलकर अमृत काल में देश की प्रगति में प्रभावी योगदान देना ही विद्यापीठ के राष्ट्र-निर्माण संस्थापकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राष्ट्रपति ने कहा कि वाराणसी प्राचीन काल से ही भारतीय ज्ञान परंपरा का केंद्र रहा है। आज भी इस शहर की संस्थाएँ आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों और शिक्षकों से ज्ञान के केंद्र की परंपरा को बनाए रखते हुए अपने संस्थान के गौरव को समृद्ध करते रहने का आग्रह किया।
12:11 PM, 11-Dec-2023
एयरपोर्ट पर राज्यपाल ने किया स्वागत - फोटो : संवाद
वायुसेना के विशेष विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार को सुबह 11:11 बजे वायुसेना के विशेष विमान से एयरपोर्ट पर पहुंचीं। राष्ट्रपति के आगमन के पूर्व फ्लीट सुबह 9:10 बजे एयरपोर्ट पर पहुंचा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल राष्ट्रपति की अगवानी के लिए राजकीय विमान से सुबह 10:45 बजे एयरपोर्ट पर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद सुबह 11:28 बजे शहर स्थित काशी विद्यापीठ में दीक्षांत समारोह के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ,सांसद बी पी सरोज ,आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु ,श्रम मंत्री अनिल राजभर ,मेयर अशोक तिवारी ,विधायक रविंदर जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ,ज़िलाध्यक्ष हंसराजविश्वकर्मा ,ज़िलाधिकारी ,पुलिस आयुक्त सहित ज़िले के आला अधिकारियों ने अगवानी की ।
11:42 AM, 11-Dec-2023
एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति - फोटो : एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति व राज्यपाल सुबह 11:28 बजे एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन के मद्देनजर जिले में हाई अलर्ट है। पुलिस की ओर से बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर शहर तक चप्पे-चप्पे पर चौकसी बरती जा रही है। एडीजी सिक्योरिटी रघुबीर लाल और पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिये।
11:14 AM, 11-Dec-2023

वाराणसी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू: महामहिम ने बताया क्यों रखा गया महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ नाम?

President Draupadi Murmu Varanasi Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मेधावियों को मेडल देने वाराणसी पहुंचीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वायुसेना के विशेष विमान से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचीं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महामहिम की अगवानी की। दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद वे सर्किट हाउस गईं। 
राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में 16 मेधावियों को अपने हाथों से मेडल दिया। करीब 55 मिनट तक समारोह में शामिल होने के बाद वे सर्किट हाउस गईं। यहां विश्राम और भोजन के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुईं। राष्ट्रपति के आगमन से पहले प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे रहे। उनके रूट और आयोजन स्थल की पुख्ता सुरक्षा की गई। 
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