West UP News Live: बिजनाैर में छात्रा हादसे में घायल, आप कार्यकर्ताओं ने सब्जी बेचकर जताया फैसले का विरोध
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Sat, 20 Jul 2024 01:01 PM IST
Dimple Sirohi
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 20 Jul 2024 01:01 PM IST
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आप कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
लाइव अपडेट
12:48 PM, 20-Jul-2024
कांवड़ यात्रा को लेकर फैसले का विरोध जताते हुए मेरठ में कमिश्नरी पर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सब्जियां बेचीं।
11:51 AM, 20-Jul-2024
बिजनाैर में बेकाबू प्राइवेट बस की टक्कर से कक्षा दस की छात्रा
बिजनाैर जनपद के बेकाबू प्राइवेट बस की टक्कर से कक्षा दस की छात्रा शगुन गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा को बस के नीचे से बाहर खींच लिया जिससे उसकी जान बच गई। बाद में छात्रा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराया गया।
क्षेत्र के ग्राम भोगली निवासी प्रमोद कुमार की पुत्री(14) शगुन नगीना के दयानंद वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा दस में पढ़ती है। रोजाना की तरह वह शनिवार की सुबह करीब नौ बजे साइकिल से कॉलेज आ रही थी। तभी बढ़ापुर मार्ग पर स्थित एक मदरसे के पास तेज गति से आ रही एक प्राइवेट बस ने छात्रा की साइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वह गिरकर बस के नीचे आ गई।
आसपास खड़े लोगों ने छात्रा को तुरंत बस के नीचे से निकालकर अस्पताल भिजवाया जिससे उसकी जान बच गई। घायल छात्रा का नगीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराया गया। पुलिस आरोपी बस चालक को चिन्हित करने में लगी है।
क्षेत्र के ग्राम भोगली निवासी प्रमोद कुमार की पुत्री(14) शगुन नगीना के दयानंद वैदिक कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा दस में पढ़ती है। रोजाना की तरह वह शनिवार की सुबह करीब नौ बजे साइकिल से कॉलेज आ रही थी। तभी बढ़ापुर मार्ग पर स्थित एक मदरसे के पास तेज गति से आ रही एक प्राइवेट बस ने छात्रा की साइकिल को टक्कर मार दी, जिससे वह गिरकर बस के नीचे आ गई।
आसपास खड़े लोगों ने छात्रा को तुरंत बस के नीचे से निकालकर अस्पताल भिजवाया जिससे उसकी जान बच गई। घायल छात्रा का नगीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराया गया। पुलिस आरोपी बस चालक को चिन्हित करने में लगी है।
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11:07 AM, 20-Jul-2024
West UP News Live: बिजनाैर में छात्रा हादसे में घायल, आप कार्यकर्ताओं ने सब्जी बेचकर जताया फैसले का विरोध
101 गैर जमानती वारंट के मामले में 53 दिन से जेल में बंद विधायक रफीक अंसारी की हाईकोर्ट से जमानत हो गई है लेकिन अब भड़काऊ बयान वाले मुकदमे में भी उनको जमानत लेनी होगी। इस मामले में न्यायालय में उनके खिलाफ रिमांड बन चुका है।
2022 के विधानसभा चुनाव में शहर सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रफीक अंसारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। चुनावी सभा में रफीक बोल रहे थे कि भाजपा सरकार पर टिप्पणी की थी। कहा था कि मेरठ का मुसलमान कभी डरा नहीं है, डरेगा भी नहीं। पांच साल सरकार मुसलमानों को दबाने का काम कर रही है। इस मामले में नौचंदी थाना पुलिस ने रफीक अंसारी के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी।
नौचंदी पुलिस ने धार्मिक भावना भड़काने वाले मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट ने 309 सीआरपीसी में रिमांड बनाकर विधायक को जेल से बुलाया था। यानी, अब इस मामले में रफीक अंसारी पर न्यायालय में मुकदमा चलेगा। ऐसे में इस मुकदमे में भी विधायक को जमानत करानी पड़ेगी।
हिस्टीशीटर रहे हैं रफीक अंसारी
मेरठ के नौचंदी थाने के हिस्ट्रीशीटर रहे रफीक अंसारी 32 साल पहले जब बवाल हुआ तब वे पार्षद थे। सपा के टिकट पर वे लगातार तीन बार पार्षद चुने गए। 2012 में सपा के टिकट पर मेरठ सीट से विधायक का चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सामने हार गए। चुनाव हारने के बाद भी रफीक को सपा सरकार में हथकरघा एवं पर्यटन विभाग में दर्जा प्राप्त मंत्री बनाया गया।
2017 में अंसारी ने फिर से लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सामने चुनाव लड़ा और उन्हें हराकर पहली बार विधायक बने। 2022 में कमल दत्त शर्मा को हराकर दोबारा विधायक बने। इस दौरान 101 गैर जमानती वारंट जारी हुए लेकिन रफीक अंसारी उन्हें अनदेखा करते रहे।
2022 के विधानसभा चुनाव में शहर सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रफीक अंसारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। चुनावी सभा में रफीक बोल रहे थे कि भाजपा सरकार पर टिप्पणी की थी। कहा था कि मेरठ का मुसलमान कभी डरा नहीं है, डरेगा भी नहीं। पांच साल सरकार मुसलमानों को दबाने का काम कर रही है। इस मामले में नौचंदी थाना पुलिस ने रफीक अंसारी के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने के मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी।
नौचंदी पुलिस ने धार्मिक भावना भड़काने वाले मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट ने 309 सीआरपीसी में रिमांड बनाकर विधायक को जेल से बुलाया था। यानी, अब इस मामले में रफीक अंसारी पर न्यायालय में मुकदमा चलेगा। ऐसे में इस मुकदमे में भी विधायक को जमानत करानी पड़ेगी।
हिस्टीशीटर रहे हैं रफीक अंसारी
मेरठ के नौचंदी थाने के हिस्ट्रीशीटर रहे रफीक अंसारी 32 साल पहले जब बवाल हुआ तब वे पार्षद थे। सपा के टिकट पर वे लगातार तीन बार पार्षद चुने गए। 2012 में सपा के टिकट पर मेरठ सीट से विधायक का चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सामने हार गए। चुनाव हारने के बाद भी रफीक को सपा सरकार में हथकरघा एवं पर्यटन विभाग में दर्जा प्राप्त मंत्री बनाया गया।
2017 में अंसारी ने फिर से लक्ष्मीकांत वाजपेयी के सामने चुनाव लड़ा और उन्हें हराकर पहली बार विधायक बने। 2022 में कमल दत्त शर्मा को हराकर दोबारा विधायक बने। इस दौरान 101 गैर जमानती वारंट जारी हुए लेकिन रफीक अंसारी उन्हें अनदेखा करते रहे।