फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

MSME For Bharat: वन मंत्री ने कहा- सरकार ने दिया सुरक्षित माहौल, उद्यमी बोले- एमएसएमई को सशक्त बनाना जरूरी

Fri, 12 Sep 2025 07:34 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 12 Sep 2025 07:34 PM IST
खास बातें

MSME For Bharat Conclave In Bareilly: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। रोजगार सृजन, उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने में इनकी अहम भूमिका है। देश में नवाचार से औद्योगिक विकास और संभावित चुनौतियों पर मंथन के लिए शुक्रवार को बरेली के अर्बन हाट ऑडिटोरियम में अमर उजाला की ओर से एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। 

विज्ञापन
MSME for India Conclave to speed up MSME and developments in Bareilly
वन मंत्री डॉ अरुण कुमार - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

07:12 PM, 12-Sep-2025
अमर उजाला का सार्थक मकसद- राजीव सिंघल 
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सिंघल ने कहा कि इंडस्ट्री कॉमर्स से जुड़ी है। अमर उजाला का सार्थक मकसद है कि औद्योगिक विकास पर मंथन का सिलसिला शुरू किया। स्थानीय मुद्दे जो उठते हैं उनकी समयसीमा बनाई जाए। एयरपोर्ट से उड़ान बढ़ाई जाएं। वहां पहुंचने वाली रोड दुरुस्त की जाए। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए कलर कोडिंग की बात कही लेकिन हुआ नहीं। समस्या का समाधान होना चाहिए तभी कार्यक्रम सफल होगा। कथनी और करनी में अंतर है। सीवर लाइन का काम खत्म ही नहीं हो रहा। बिजनेस बढ़ाने के लिए छोटी बातों पर ध्यान देना होगा।
07:07 PM, 12-Sep-2025
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि बरेली शहर जैसी सुविधा और छोटे शहर जैसी सहूलियत। जुलूस बहुत ज्यादा होते हैं, इनका प्रबंधन होना चाहिए और उसके सदुपयोग पर विचार करना चाहिए। क्योंकि बड़ी आबादी बाहर से आती है जो आर्थिक सहयोग करते हैं।
 
विज्ञापन
07:06 PM, 12-Sep-2025
उद्यमी को प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलता- मयूर धीरवानी
आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने कहा कि एमएसएमई को सही से चलाएं तो देश विकसित बनेगा। सबसे पहले उद्योग लगाना और उसे चलना दोनों अलग अलग मामले हैं। जमीन न होना बड़ी समस्या है। विकास शुल्क ज्यादा है। उद्यमी को प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलता। मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही। बिजली निगम को पूंजी दे सरकार ताकि वे सुविधा दे सकें। जर्जर लाइन जड़ से बदली जाएं। लोकल अथॉरिटी को सवाल उठाने होंगे। फंड उपलब्ध कराया जाए जिससे बिजली की समस्या थमे।  करार का आंकड़ा बताता है कि उद्योग स्थापना में अड़चन है। इन्वेस्ट यूपी में एक नोडल होना चाहिए। जो समस्याओं का समाधान कर सके। टीम बने और संचालन तक सहयोग करें। 
06:59 PM, 12-Sep-2025
सरकारी योजनाओं पर बैंक लगा रहे पलीता- अजय शुक्ला 
भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष अजय शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र में बिजली की समस्या है। फीडर अलग बना उससे थोड़ी राहत मिली। सुरमा बरेली की धरोहर है। इतने आर्टिजंस (कुशल कारीगर) है जिले में लेकिन उनकी कद्र नहीं हो रही। अर्बन हाट में इन्हें भी जगह मिलनी चाहिए। सरकार ने गूगल सर्वे किया तो प्रदूषण विभाग के लोग भोजीपुरा पहुंचे। ऐसे उद्यमी के यहां पहुंचकर उसे पीड़ित किया। इंस्पेक्टर राज की कमी जीएसटी वाले पूरी कर रहे हैं। पीएम, सीएम योजना की स्कीम अच्छी है लेकिन बैंक इसे पलीता लगा रहे हैं। जो फार्म रिजेक्ट हो रहे हैं इसे दिखवाना चाहिए। बड़ा मुद्दा ये है कि एक फैक्टरी आरएंडी की व्यवस्था थम सके।
06:53 PM, 12-Sep-2025
रजत मेहरोत्रा ने रखे अपने विचार 
फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र के सचिव रजत मेहरोत्रा ने कहा कि फरीदपुर में निजी औद्योगिक क्षेत्र है। जबकि सुविधाएं वहां नहीं है।  इज ऑफ डूइंग बिजनेस का लाभ नहीं मिल रहा। कोई नई इंडस्ट्री लगाना मुश्किल है। सिंगल विंडो से जरूरी दस्तावेज एनओसी मिले। उद्योग बंधु की बैठक में मुद्दे नहीं सुलझ रहे। प्रोपर निगरानी होनी चाहिए। उद्यमी तमाम कार्य करते हैं पर विभागों में कोई इज्जत नहीं मिलती। 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य है। माइक्रो इंडस्ट्री को लार्ज बनना कठिन है। बिजली नहीं मिल रही। इंडस्ट्री फीडर से बाहर के कनेक्शन हो रहे हैं। नया फीडर लगना चाहिए। एफएमपीपी सरचार्ज लगा है, जिस पर अंकुश लगना चाहिए। 
06:42 PM, 12-Sep-2025
बरेली भी हो रही विकसित- अशोक गोयल 
अशोक गोयल ने कहा कि साल 1982 में माइक्रो यूनिट लगाई और मीडियम तक आ चुका हूं। विश्वस्तरीय लग्जरी आइटम गद्दे बनाता हूं। जो पूरे देश में पहुंच रहे हैं। भारत ही नहीं बरेली भी विकसित हो रहा है। उपलब्ध संसाधन में कैसे विकास करेंगे यह सोचना होगा। बरेली में रह रहे हैं, वे इसी में अपना विकास कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
06:40 PM, 12-Sep-2025
उद्यमी को मिले सरकार की नीति का लाभ 
उन्होंने कहा कि नए उद्योग का एक हजार दिन तक निरीक्षण नहीं होगा लेकिन इसका लाभ एक भी उद्यमी को नहीं मिला। इंडस्ट्रियलिस्ट की पीड़ा सब रजिस्ट्रार से है। यूपीसीडा के प्रयास, उपायुक्त अब इनके आगे फेल हो जाते हैं। उत्पीड़न करते हैं। सोलर एनर्जी लगवाने पर छह छह माह बिल में एडजस्ट नहीं हो रहा। एबिटी मीटर नहीं लगे। जो बिल पहले था वही आज भी है। ऊपर से बैंक को ब्याज भी देना पड़ रहा है। सरकार की नीति का लाभ उद्यमी को मिले इसकी निगरानी होनी चाहिए।
06:39 PM, 12-Sep-2025
कॉन्क्लेव के मंच पर उद्यमी व अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
आईटीआई की निगरानी जरूरी- एके सिंह 
एसके सिंह ने कहा कि आर्टिजंस (कौशल) का जिला है। इसे उभारना होगा। इनके पास मूलभूत सुविधा नहीं है। जबकि इनके उत्पाद दुनिया में पहुंच रहे हैं। उन्हें सुविधा देनी होगी। क्वालिटी स्किल्ड लेबर आईटीआई से मिलेगी लेकिन उससे भी अच्छे लोग नहीं मिल रहे हैं। इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर नहीं मिलते। आईटीआई की निगरानी जरूरी है। सरकार के जियो का क्रियान्वयन सही तरीके से होना जरूरी है। 
 
06:33 PM, 12-Sep-2025
'विशेषज्ञ लोगों से संवाद का मौका मिले'
रामा श्यामा पेपर्स के डायरेक्टर डॉ. अभिनव अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने एमएसएमई के लिए काम किया है। पॉलिसीज में कंसल्टेंट की जरूरत है। युवा उद्यम करना चाहते हैं। संसाधन है लेकिन सफलता मिलेगी या नहीं, इसका असमंजस है। विशेषज्ञ लोगों से संवाद का मौका मिले, तभी विचार को धरातल पर उतारा जा सके। एआई का प्रयोग कैसे करें। स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएं। प्लाईवुड के सामने टिंबर न मिलने पर एक्सपोर्ट कर रहे हैं। जीएसटी में प्लाईवुड 18 प्रतिशत पर ही है। जो स्टार्टअप करना चाहते हैं उनके लिए मॉड्यूलर फर्नीचर का स्कोप है। देश में इंडस्ट्री के विकास के लिए चल रही रेल सेवा से बरेली भी कनेक्ट हो सके, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। इंसेंटिव पॉलिसी में पुरानी इंडस्ट्री को भी जोड़ना होगा। 
06:27 PM, 12-Sep-2025
डॉ मनीष ने कहा कि सरकार काम कर रही है लेकिन जो मंशा है उसे पूरी करने के लिए बेहद प्रयास करना होगा। जब तक प्रति व्यक्ति आय नहीं बढ़ेगी तब तक विकास बेकार है। सौ करोड़ के प्लांट पर पांच करोड़ की सब्सिडी का कोई मतलब नहीं। रोजगार नहीं है। एजुकेशन, आरएनडी पर काम करना होगा। विदेश में यूनिवर्सिटी सरकार नहीं बल्कि दक्ष व्यक्ति चला रहा है। क्लस्टर फूड टेस्ट लैब बनानी चाहिए ताकि माल की गुणवत्ता पता चल सके। क्वालिटी बढ़ानी है तो ग्रीन टेक्नोलॉजी पर काम करना होगा।
Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed