Kotputli Borewell Accident Live:बोरवेल में चेतना अब 120 फीट नीचे, पाइलिंग मशीन मंगाई गई, परिवार वाले नाराज
Borewell Accident in Rajasthan Kotputli Live: कोटपूतली जिले में 700 फीट गहरे बोरवेल में सोमवार से फंसी 3 वर्षीय चेतना का रेसक्यू ऑपरेशन जारी है। अब वो 120 फीट पर है। पहले उसकी स्थिति 150 फीट नीचे थी। चेतना के परिवार वाले प्रशासन के काम से नाराज हैं।
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प्रशासन का कहना है कि बच्ची को बचाने के अन्य साधनों पर विचार किया गया। इसके बाद पाइलिंग मशीन मंगवाई गई है। मशीन से बोरवेल के पैरलल में बोरिंग की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ बच्ची को एल हुक में फंसाकर ऊपर लाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अब करीब 30 फीट तक बच्ची ऊपर आ चुकी है। यानि बोरवेल में उसकी स्थिति अब 120 फीट पर है। दूसरी तरफ प्रशासन के काम करने के तरीके से चेतना के परिवार वाले नाराज है। उसके दादा ने मीडिया को बताया कि 28 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। बच्ची को निकाला नहीं गया है। जमीन खोदने के लिए मशीन लाने की बात हो रही है। पर अभी तक मशीन नहीं दिख रही है।
15 फीट ऊपर की तरफ आई चेतना
कोटपूतली में सोमवार दोपहर 2 बजे से बोरवेल में फंसी हुई चेतना को 15 फीट ऊपर की तरफ खींचने में सफलता मिली है। हालांकि ये सफलता चार बार के प्रयास के बाद सामने आई है। बोरवेल 700 फीट गहरा है। इसमें चेतना पहले 150 फीट नीचे थी। रेस्क्यू ऑपरेशन में रिंग रॉड और अंब्रेला तकनीक से बच्ची को ऊपर की तरफ खींचा गया। इससे उसकी स्थिति 135 फीट हो गई है।
नए कैमरे के लिए केबल लगाई जा रही है। कैमरे को बोरवेल में सेट करने के दौरान उसके अंदर मिट्टी जाने से वापस बाहर निकालकर साफ किया गया। इसके बाद वापस सेट करने का प्रयास किया जा रहा है।
एसडीएम बृजेश चौधरी ने बताया कि चेतना को सकुशल बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। बच्ची जिस स्थिति में अटकी हुई है। उसके नीचे थोड़ा दलदल और गीली मिट्टी है, जिससे कुछ दिक्कत आ रही है। बच्ची के नीचे की तरफ रिंग लग गई है। जिसकी मदद से उसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बच्ची को ऑक्सीजन पाइपलाइन की मदद से लगातार दी जा रही है।
18 घंटे से बोरवेल में भूखी प्यासी 3 साल की चेतना को बाहर निकलने के प्रयास और तेज हो गया है। बता दें बोरवेल 700 फीट है और चेतना 150 फीट पर फंसी हुई है। जल्द ही दूसरा प्रयास शुरू होगा। जगह कम होने के कारण खाद्य सामग्री नीचे भेजने में प्रशासन फेल हो गया। रिंग रॉड और अंब्रेला टेक्नोलॉजी से बच्ची को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। देर रात करीब 1 बजे पहला प्रयास असफल रहा। रिंग बच्ची के कपड़ों में फंसने के बाद बच्ची को बाहर निकाला जाएगा।
घटनास्थल पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ है। सभी लोग बच्ची के सकुशल बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम लगातार बच्ची को बाहर निकालने का प्रयास कर रही है। वहीं जिला प्रशासन और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बांदीकुई व दौसा में बोरवेल में गिरने वालों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाले तीन युवकों को भी एसडीआरएफ की टीम अपने साथ लेकर पहुंची है। टीम में शामिल जगमाल, नाथूराम व बलराम को बोरवेल में गिरी मोटर बाहर निकालने का अनुभव है। इन्होंने लोहे की रिंग बनाकर सरियों की सहायता से रिंग को नीचे बोरवेल में उतारा है।