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राजस्थान: प्रमोद डेरेवाला की बड़ी उपलब्धि, लगातार तीसरी बार वर्ल्ड ज्वैलरी कन्फेडरेशन के उपाध्यक्ष बने
Thu, 10 Sep 2026 08:43 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 10 Sep 2026 08:43 PM IST
सार
जयपुर के कारोबारी प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला लगातार तीसरी बार वर्ल्ड ज्वैलरी कन्फेडरेशन (सीआईबीजेओ) के उपाध्यक्ष चुने गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से वैश्विक आभूषण क्षेत्र में भारतीय प्रतिनिधित्व को मजबूती मिली है।
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कारोबारी प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जयपुर के कारोबारी प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाते हुए वर्ल्ड ज्वैलरी कन्फेडरेशन (सीआईबीजेओ) के उपाध्यक्ष पद पर लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। वैश्विक आभूषण संगठन सीआईबीजेओ के सदस्यों ने प्रमोद अग्रवाल को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी फिर से सौंपी है।
भारतीय प्रतिनिधित्व को मिली नई बुलंदी
प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला की इस उपलब्धि ने वैश्विक आभूषण क्षेत्र में भारतीय प्रतिनिधित्व को नई बुलंदी दी है। उनका नया कार्यकाल संस्था के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। उपाध्यक्ष पद की चयन प्रक्रिया में उन्होंने एक बार फिर सदस्यों का विश्वास हासिल किया है। जयपुर से संबंध रखने वाले प्रमोद अग्रवाल भारतीय आभूषण उद्योग के हितों और अंतरराष्ट्रीय नीतियों के समन्वय में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय नीतियों में भारत की आवाज
सीआईबीजेओ में प्रमोद अग्रवाल की भूमिका भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के हितों को वैश्विक मंच पर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगातार तीसरी बार उपाध्यक्ष चुने जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उद्योग की भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।
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व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़ा देश का प्रभाव
प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला का पुनर्निर्वाचन केवल उनकी व्यक्तिगत साख और संगठन में स्वीकार्यता को नहीं दर्शाता, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के रत्न एवं आभूषण व्यापार के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। सीआईबीजेओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन में भारत के प्रतिनिधि को लगातार तीसरी बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना देश के लिए भी अहम उपलब्धि है।
वैश्विक मंच पर भारतीय उद्योग को मिलेगा लाभ
सीआईबीजेओ में लगातार तीसरी बार प्रमोद अग्रवाल की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्धारण और आभूषण उद्योग से जुड़े विषयों पर भारत का दृष्टिकोण प्रमुखता से सामने आने की संभावना है। इससे भारतीय रत्न एवं आभूषण कारोबार से जुड़े हितों को वैश्विक स्तर पर मजबूती से रखने का अवसर मिलेगा।
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भारतीय प्रतिनिधित्व को मिली नई बुलंदी
प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला की इस उपलब्धि ने वैश्विक आभूषण क्षेत्र में भारतीय प्रतिनिधित्व को नई बुलंदी दी है। उनका नया कार्यकाल संस्था के इतिहास में महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। उपाध्यक्ष पद की चयन प्रक्रिया में उन्होंने एक बार फिर सदस्यों का विश्वास हासिल किया है। जयपुर से संबंध रखने वाले प्रमोद अग्रवाल भारतीय आभूषण उद्योग के हितों और अंतरराष्ट्रीय नीतियों के समन्वय में लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय नीतियों में भारत की आवाज
सीआईबीजेओ में प्रमोद अग्रवाल की भूमिका भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के हितों को वैश्विक मंच पर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगातार तीसरी बार उपाध्यक्ष चुने जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उद्योग की भागीदारी और मजबूत होने की उम्मीद है।
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व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़ा देश का प्रभाव
प्रमोद अग्रवाल डेरेवाला का पुनर्निर्वाचन केवल उनकी व्यक्तिगत साख और संगठन में स्वीकार्यता को नहीं दर्शाता, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत के रत्न एवं आभूषण व्यापार के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। सीआईबीजेओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन में भारत के प्रतिनिधि को लगातार तीसरी बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना देश के लिए भी अहम उपलब्धि है।
वैश्विक मंच पर भारतीय उद्योग को मिलेगा लाभ
सीआईबीजेओ में लगातार तीसरी बार प्रमोद अग्रवाल की मौजूदगी से अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्धारण और आभूषण उद्योग से जुड़े विषयों पर भारत का दृष्टिकोण प्रमुखता से सामने आने की संभावना है। इससे भारतीय रत्न एवं आभूषण कारोबार से जुड़े हितों को वैश्विक स्तर पर मजबूती से रखने का अवसर मिलेगा।