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UP Vidhan Mandal Session Live: सदन में गूंजा कफ सिरप का मुद्दा, सीएम बोले- आलोक सिपाही...पक्का सपाई, सब नपेंगे

Mon, 22 Dec 2025 03:44 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 22 Dec 2025 03:44 PM IST
खास बातें

UP Assembly Session Live Updates News in Hindi: यूपी विधानसभा में शीतकालीन सत्र की कार्यवाही जारी है। सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की जा रही है। इससे पहले 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया है। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...

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UP Vidhan Mandal Winter Session live CM Yogi Goverment Present Supplementary Budget News in Hindi
सदन में बोले सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला

लाइव अपडेट

03:27 PM, 22-Dec-2025

सम्मान करने की बजाय वंदे मातरम को रातनीतिक हथियार बना रही भाजपा- शिवपाल

सदन में बोलते शिवपाल सिंह। - फोटो : DD UP YT
शिवपाल सिंह ने वंदे मातरम को नमन करते हुए इसके उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इतिहास को आधा-अधूरा देखना या दिखाना ठीक नहीं है। न जाने क्यों लोग इसे राजनीति में घसीट रहे हैं। आश्चर्य इस बात का है कि जो लोग आज घंटों वंदे मातरम पर बोल रहे हैं, उन लोगों के पूर्वज उस समय कहां थे जब स्वतंत्रता सेनानी लाठी खा रहे थे। सरकार स्कूलों में इसे अनिवार्य करने की बात करती है। लेकिन, जब बच्चे के पेट में भोजन नहीं होगा, तब क्या उसके मुंह से आवाज निकलेगी। 

आप कहते हैं तो वंदे मातरम न गाए तो देशद्रोही है, मैं कहता हूं जो किसान के खाद न दे पाए, बेटियों को सुरक्षा न दे पाए, जो चुनाव जीतने के लिए गरीब का नाम काट दे, वो लोकतंत्र का सबसे बड़ा गुनाहगार है। आपकी (सरकार) उपबल्धि  सिर्फ नाम बदलना है। उन्होंने सरकार पर शायरी भी बोली। कहा कि ''वतन की रेत को जो हाथों से सरकने नहीं देते... वही असली सिपाही हैं जो नफरतो को पनपने नहीं देते, राष्ट्रभक्ति सिर्फ नारों में नहीं नीयत में होती है... वंदे मातरम तो वो है जो सोने नहीं देता है।''

शिवपाल ने कहा कि आज दुर्भाग्य है कि वंदे मातरम को सम्मान देने की बजाय इसे राजनीतिक हथियार बना रही है। आज सरकार का मन है कि वंदे मातरम बोलो, लेकिन सवाल मत पूछो। सपा कहती है कि वंदे मातरम बोलो, सवाल भी पूछो। नारों नहीं नीयत से देश खड़ा हो। क्या पेपर लीक कानून बनाएंगे, क्या किसानों के लिए कानून बनाएंगे। इसे डर का हथियार नहीं, प्रेरणा का हथियार बनाइए। ऐसा लगता है कि राष्ट्रभक्ति की गंगा सिर्फ इन्हीं (भाजपा) के यहां बहती हैं। जिन नौजवानों के हाथों पर नौकरी होनी चाहिए, उनके हाथों में आज नशीला और जहरीला कफ सिरप है।  
02:51 PM, 22-Dec-2025

वंदे मातरम की एक पंक्ति ने नई चेतना का संचार किया-सीएम

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने वंदे मातरम पर अहम जानकारी साझा करके कार्यावही आगे बढ़ाई। इसके बाद सीएम योगी ने वंदे मातरम गीत पर अपनी बात रखी। 1896 में कांग्रेस के अधिवेशन में इसे रवींद्र नाथ टैगोर का स्वर मिला। तब यह गीत पूरे देश का एक स्वर बन गया था। वंदे मातरम के शताब्दी समारोह के दौरान कांग्रेस ने इमरजेंसी लगाकर गला घोंट दिया था। आज वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आज पूरी दुनिया के सामने भारत विकसित भारत की संकल्पना के साथ आगे बढ़ रहा है। तब इस गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चटोपाध्याय का सपना आज के एक भारत... श्रेष्ठ भारत की संकल्पना के साथ आगे बढ़ा है।

सीएम ने आगे कहा कि वंदे मातरम की एक पंक्ति ने नई चेतना का संचार किया। फांसी के फंदे पर चढ़कर भी स्वतंत्रता सेनानियों का अंतिम उद्घोष था 'वंदे मातरम'। महात्मा गांधी ने इसे शुद्धतम गीत माना। वंदे मातरम को राष्ट्रगीत और सयुंक्त प्रांत को उत्तर प्रदेश के रूप में एक साथ अनुमति मिली। दुर्भाग्यपूर्ण था कि अंग्रेजों का विरोध करने वाली कांग्रेस भी दबाव में झुकती दिखी। भारत की आजादी को दिशा देने वाले मंत्र वंदे मातरम कांग्रेस की तुष्टीकरण का पहला और सबसे बड़ा शिकार बनी था। छह छंदों वाले राष्ट्रगीत को काटकर दो छंदों में सीमित कर देना किसी मजहबी मजबूरी का नतीजा या सत्ता के लिए राष्ट्र चेतना को गिरवी रखने जैसा था। 

सीएम योगी ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना ने इस पर खुलकर जहर दिया। कांग्रेस से अलग होने के बाद जिन्ना ने इसे मजहबी रंग दिया। 1935 में जिन्ना ने इसके खिलाफ नारा बुलंद किया। उस समय पीएम जवाहरलाल नेहरू थे। 26 अक्तूबर 1920 कांग्रेस ने इसे छोटा करने का निर्णय लिया। जब तुष्टिकरण के नीचे राष्ट्रभक्ति को पूरी तरह कैद करके रखने का दुस्साहस किया गया, तब भारत के विभाजन की नींव पड़ी। जो लोग इस गीत का विरोध कर रहे उन्हें देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। 

सीएम ने पूरे सदन से अनुरोध किया कि जिस आनंदमठ उपन्यास का यह गीत है, उस उपन्यास को सभी को देखना चाहिए। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर हम लोग संकल्प ले कि वंदे मातरम केवल अतीत की स्मृति न रहे। बल्कि हम सभी के लिए भविष्य का भी संकल्प बने। 
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02:30 PM, 22-Dec-2025

सीएम योगी ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया

सीएम योगी ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। डॉक्टर की सलाह से कफ सिरप हर व्यक्ति लेता है। कोडीनयुक्त सिरप से मौतों के मामले अन्य राज्यों से आए हैं। यूपी में यह प्रतिबंधित है। प्रदेश में मौत के मामले सामने नहीं आए हैं। 

यूपी में 136 फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। कोर्ट ने भी सरकार की कार्रवाई को सही माना है। अब तक बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं। 77 अभियुक्तों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है। सीएम ने कहा कि यूपी का सबसे बड़ा स्टाकिस्ट शुभम जायसवाल, कैंट वाराणसी से सपा के प्रत्याशी अमित यादव का व्यापारिक साझेदार है। मिलिंद यादव भी शुभम का साझेदार है। 

सीएम ने आगे कहा कि अमित यादव और मिलिंद यादव के पत्नी के खातों से शुभम के खाते से बैंक ट्रांजेक्सन भी आए हैं। आलोक सिपाही पक्का सपाई है। अखिलेश यादव को गिफ्ट देते उसकी फोटो भी है। अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कार्रवाई होगी तो आप लोग (सपा के लोग) ही फातिया पढ़ने जाएंगे। लेकिन, हम वह भी मौका नहीं देंगे।  
02:19 PM, 22-Dec-2025

जौनपुर से ताल्लुक रखते हैं कोडीन सिरप के आरोपी

मल्हनी विधानसभा से सपा विधायक - फोटो : DD UP YT
सपा विधायक ने कहा कि कोडीन सिरप से बच्चों की मौत के आरोपी जौनपुर से ताल्लुक रखते हैं। ये जिले को शर्मसार करने वाला है। इस दवा कारोबारी का नाता इसी संसदीय क्षेत्र से है, जहां से देश के प्रधान सांसद का नाता है। इसके बाद भी आकाओं पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके पीछे मनी लांड्रिंग का भी एक गिरोह है। 
02:12 PM, 22-Dec-2025

सीबीआई से कराई जाए कोडीन सिरप मामले की जांच

सपा विधायक रविदास मल्होत्रा - फोटो : DD UP YT
सपा विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि कफ सिरप मामले की जांच सीबीआई से या फिर वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश से कराई जाए। 700 कंपनियां बनाकर अवैध कारोबार किया गया। 700 कंपनियां एक दिन में नहीं बन सकतीं। सोना लूट में एसटीएफ का एक सिपाही बर्खास्त किया गया था। उस बर्खास्त सिपाही की लखनऊ में करोड़ों की कोठी बनी है। एक बर्खास्त सिपाही की इतनी मंहगी कोठी कैसे बन गई? गरीब की झोपड़ी पर बुलडोजर चलता है। आरोपियों की कोठी पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। 
01:57 PM, 22-Dec-2025

सदन में गूंजा कोडीन कफ सिरप का मुद्दा

विधायक आर.के वर्मा ने कोडीन सिरप पर सरकार को घेरा। कहा कि सरकार ने कोडीन के जरिये वाराणसी को आर्थिक अपराध का सबसे बड़ा अड्डा बनाने का काम किया है। इस अवैध व्यापार के पैसे से आतंकियों को भी मदद दिए जाने की  ईडी को आशंका है। कोडीन भैया लोग काफी ताकतवर लोग हैं। प्रदेश के एक रिटायर्ट आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने सरकार को पत्र लिखा। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सामने वाले लोग कितने ताकतवर हैं। 
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01:51 PM, 22-Dec-2025

3 बजे तक के लिए विधान परिषद स्थगित

विधान परिषद आवश्यक कार्य के बाद 3 बजे तक भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले नियम 105 में शिक्षा सेवा चयन आयोग में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा का मुद्दा शिक्षक नेता ध्रुव त्रिपाठी ने उठाया। हालांकि सरकार की तरफ से इस पर कोई आश्वाशन नहीं मिला। वहीं जल्द नेता सदन की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में इस पर चर्चा होगी।
01:36 PM, 22-Dec-2025

बिजली के मामले में देश आत्मनिर्भर- एके शर्मा

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बिजली निजकरण और समस्याओं पर विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। जो विपक्ष 75 वर्षों में नहीं कर पाया, वो पीएम मोदी ने 14 वर्षों में किया। आज बिजली के मामले में देश आत्मनिर्भर बना है। हम नेपाल, बांग्लादेश को आज बिजली एक्सपोर्ट कर रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर आधुनिकता की निशानी है। इससे कोई समस्या नहीं है। इसे सभी लोग लगने दें। अब तक 55 लाख से ऊपर मीटर लगाए गए हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के लिए किसी को कोई पैसा नहीं देना है। सिर्फ नए कनेक्शन पर उपभोक्ताओं से पैसा लिया जाना है। 
01:18 PM, 22-Dec-2025

विपक्ष ने बिजली निजीकरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा

कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने बिजली निजीकरण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। कहा कि आज लोगों की इच्छा के विपरीत प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। जबकि, बिना अनुमति प्रीपेड मीटर लगाना नियम विरुद्ध है। जो कंपनी अमेरिका में बैन है। इस पर भारी जुर्माना लगाया गया है। उसे बिजली की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है।    
01:08 PM, 22-Dec-2025

किसानों की समस्याओं पर सपा का वाक आउट

किसानों की समस्याओं को लेकर सपा ने विधान परिषद से वाक आउट किया। 
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