Uttarkashi Flood Rescue Operation Live: सर्च अभियान जारी, भूवैज्ञानिकों ने किया धराली-हर्षिल का निरीक्षण
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Fri, 15 Aug 2025 08:46 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 15 Aug 2025 08:46 PM IST
खास बातें
Uttarakhand Dharali Uttarkashi Flash Flood Rescue Operation Live Updates: धराली में बीते पांच अगस्त को पानी के साथ बह कर आए मलबे ने सब कुछ तबाह कर दिया। आठ से दस फीट नीचे तक होटल और लोग दबे हुए हैं। लापता लोगों की खोज में सर्च अभियान जारी है। यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट...
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धराली में सर्च अभियान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लाइव अपडेट
08:43 PM, 15-Aug-2025
भूवैज्ञानिक दल ने किया धराली-हर्षिल निरीक्षण
भूवैज्ञानिक दल ने किया धराली-हर्षिल निरीक्षण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सचिव खनन के निर्देश पर उत्तराखंड शासन, औद्योगिक विकास विभाग द्वारा गठित भूवैज्ञानिक दल ने आपदा प्रभावित क्षेत्र धराली-हर्षिल में क्षेत्रीय भ्रमण किया गया। दल ने संभावित खतरे एंव बचाव के लिए उपाय का अध्ययन किया।
06:45 PM, 15-Aug-2025
नदी में उतरकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सिलिंडर पहुंचा रहे मजदूर
राली में आई आपदा के 10 दिन बाद भी गांव में चुनौतियां बरकरार हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच से रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलिंडर और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं।
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03:18 PM, 15-Aug-2025
दो मरीजों और एक गर्भवती को हेली से भेजा अस्पताल
धराली सहित सीमांत क्षेत्र के अन्य गांवों के लोगों को राहत पहुंचाने के लिये राज्य सरकार द्वारा संचालित हेली सेवाएं अत्यंत लाभदायक और जीवनदायिनी सिद्ध हो रही हैं। शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र से गंभीर रूप से बीमार दो मरीजों एवं एक गर्भवती महिला को हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी भेजा गया। जसपुर गांव की 75 वर्षीय प्रतिमा देवी लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। वहीं, 61 वर्षीय बुज़ुर्ग महिला चंद्रबाला पेट संबंधी गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हर्षिल हेलीपैड तक लाकर हवाई सेवा से जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी भेजा गया। जसपुर गांव की तीन माह की गर्भवती महिला निर्मला देवी को अचानक पेट में तेज़ दर्द की शिकायत हुई। हर्षिल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें भी हेलीकॉप्टर के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया।
02:11 PM, 15-Aug-2025
होटल बहने का वीडियो वायरल
धराली में खीरगंगा के सैलाब किस कदर तबाही मचा रहा था इसका एक और वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि सैलाब में एक दो मंजिला होटल अपनी जगह से करीब 500 मीटर तक बह गया।
01:58 PM, 15-Aug-2025
क्षतिग्रस्त सड़क पर बह रही भागीरथी
गंगोत्री हाईवे पर डबरानी के पास भागीरथी नदी का रुख बदलने के कारण क्षतिग्रस्त सड़क पर बह रही है। इस कारण पैदल आवाजाही भी बंद हो गई है। वहीं, पैदल मार्ग से आपदा प्रभावित क्षेत्र में आ रही रसद सामग्री भी पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
12:56 PM, 15-Aug-2025
लापता लोगों की तलाश में सर्च अभियान जारी
धराली में लापता लोगों की तलाश में सर्च अभियान आज भी जारी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना समेत कई टीमें सर्च अभियान में जुटी हैं।
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12:35 PM, 15-Aug-2025
निस्वार्थ भाव से राहत-बचाव में जुटे स्वयंसेवी राजेश रावत
धराली आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों में सभी लोग अपना योगदान दे रहे हैं लेकिन हुर्री गांव निवासी राजेश रावत का समर्पण खास है। वह आपदा के पहले दिन से ही एसडीआरएफ टीम के साथ मिलकर मलबे में दबे लोगों को ढूंढने में निस्वार्थ भाव से मदद कर रहे हैं।
11:49 AM, 15-Aug-2025
धराली आपदा ने दिया गहरा मानसिक घाव
पांच अगस्त को खीर गंगा के रौद्र रूप ने धराली और हर्षिल घाटी में सिर्फ घरों और संपत्तियों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया बल्कि लोगों के मन पर भी गहरा असर डाला है। लापता अपनों की चिंता और तबाही के खौफ से कई लोग घबराहट, बेचैनी और नींद न आने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
11:05 AM, 15-Aug-2025
आपदा के बीच आजादी के महापर्व का जश्न
आजादी का महापर्व पर आपदा के ज़ख्मों पर भारी पड़ा। आपदा प्रभावित धराली गांव में खीरगंगा के तट पर सुरक्षित बचे समेश्वर देवता मंदिर प्रांगण में आज स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के साथ ही जिंदगी को नए सिरे से संवारने का संकल्प व्यक्त किया। धराली में एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी ने ध्वजारोहण कर आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आपदा में मृत लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की गई।
Independence Day: सीएम धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
Independence Day: सीएम धामी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों और पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित
11:03 AM, 15-Aug-2025
Uttarkashi Flood Rescue Operation Live: सर्च अभियान जारी, भूवैज्ञानिकों ने किया धराली-हर्षिल का निरीक्षण
धराली में खोजबीन, रेस्क्यू अभियान जारी है। एनडीआरएफ की ओर से धराली में मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार का प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, हर्षिल में बनी करीब डेढ़ किमी लंबी झील ने अब बड़े दलदल का रूप ले लिया है। भागीरथी नदी में ऊपरी क्षेत्रों से बहकर आ रही गाद इसमें लगातार एकत्रित होने के कारण वहां पर कई टन मलबा जमा हो गया है। ऐसे में मशीनों से काम करने में परेशानी हो रही है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बृहस्पतिवार को हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में बनी अस्थायी झील का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि झील के मुहाने से वर्तमान में जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है। इससे तात्कालिक रूप से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि नदी के किनारे में बहाव को अवरोध उत्पन्न कर रहे मलबे को हटाने की दिशा में युद्धस्तर पर मैनुअल रूप से कार्य किया जा रहा है।
वहीं दलदल वाला स्थान होने के कारण भारी मशीनों की तैनाती संभव नहीं हो पा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से स्थानीय संसाधनों और मजूदरों की सहायता से सफाई का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में सतर्क निगरानी बनाए रखते हुए समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह झील पांच अगस्त को तेलगाड में आए मलबे के कारण बनी है। वहीं रात में नदी में इसका जलस्तर बढ़ने के कारण हर्षिल और आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बृहस्पतिवार को हर्षिल क्षेत्र में हाल ही में बनी अस्थायी झील का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि झील के मुहाने से वर्तमान में जल का प्रवाह सुचारू रूप से हो रहा है। इससे तात्कालिक रूप से किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि नदी के किनारे में बहाव को अवरोध उत्पन्न कर रहे मलबे को हटाने की दिशा में युद्धस्तर पर मैनुअल रूप से कार्य किया जा रहा है।
वहीं दलदल वाला स्थान होने के कारण भारी मशीनों की तैनाती संभव नहीं हो पा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से स्थानीय संसाधनों और मजूदरों की सहायता से सफाई का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में सतर्क निगरानी बनाए रखते हुए समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह झील पांच अगस्त को तेलगाड में आए मलबे के कारण बनी है। वहीं रात में नदी में इसका जलस्तर बढ़ने के कारण हर्षिल और आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है।
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