नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो गई है। 17 अक्तूबर से 24 अक्तूबर तक देशभर में शारदीय नवरात्रि की धूम रहेगी। इस बार कोरोना वायरस का असर नवरात्रि में भी देखने को मिल रहा है। हर साल की तरह इस बार मंदिरों में अधिक भीड़ नहीं है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको मां दुर्गा के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे जो शापित है। मां के इस मंदिर में भक्त दर्शन करने से कतराते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में सबकुछ...
{"_id":"5f8bfa8735af5d7117524165","slug":"shardiya-navratri-2020-october-maa-durga-mandir-dewas-madhya-pradesh","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Navratri 2020: दुर्गा माता का ये मंदिर है शापित, नहीं जाते हैं भक्त दर्शनों के लिए","category":{"title":"Travel","title_hn":"यात्रा","slug":"travel"}}
Navratri 2020: दुर्गा माता का ये मंदिर है शापित, नहीं जाते हैं भक्त दर्शनों के लिए
Sat, 24 Oct 2020 06:02 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 24 Oct 2020 06:02 AM IST
विज्ञापन
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
मध्यप्रदेश के देवास जिले में है मंदिर
- हम जिस मंदिर की बात कर रहे हैं वो मंदिर मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्थित है। इस मंदिर में लोग दर्शन के लिए नहीं जाते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मां दुर्गा के इस मंदिर में बलि चढ़ाना जरूरी है। कुछ लोगों का ये भी मानना है कि मां के इस मंदिर में किसी औरत की आत्मा भटकती है।
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
मंदिर का निर्माण देवास के महाराज ने करवाया था
- मां के इस मंदिर का निर्माण देवास के महाराज ने करवाया था। मंदिर के निर्माण के बाद राजघराने में कोई न कोई अशुभ घटना होती रहती थी। इसी दौरान सेनापती और राजकुमारी के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। राजा नहीं चाहता था कि उसकी बेटी की शादी किसी सेनापति से हो। राजा ने अपनी बेटी को बंधक बना लिया और इसी दौरान राजकुमारी की मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
सेनापति ने इस मंदिर में की आत्महत्या
- राजकुमारी की मौत की खबर सुनकर सेनापति ने इस मंदिर में आत्महत्या कर ली। सेनापति की आत्महत्या के बाद राजपुरोहित ने राजा को बताया कि यह मंदिर अब अपिवत्र हो गया है और यहां पूजा करने का कोई लाभ नहीं होगा।
विज्ञापन
नवरात्रि 2020
- फोटो : social media
मां की प्रतिमा को उज्जैन के गणेश मंदिर में स्थापित किया गया
- पुरोहित ने राजा से ये भी कहा कि मां में स्थापित मां दुर्गा प्रतिमा को इस मंदिर से हटाकर कहीं और प्रतिष्ठित करना होगा। तब राजा ने तुरंत मां दुर्गा की प्रतिमा को उज्जैन के गणेश मंदिर में स्थापित करा दिया। इसके बाद भी मंदिर में अजीबोगरीब घटनाएं घटित होती रहती थी। मंदिर को तब से लेकर आज तक शापित माना जाता है।