रक्षाबंधन 2026: भाई-बहन साथ जाकर लें आशीर्वाद! राखी पर इन मंदिरों के दर्शन करना माना जाता है बेहद शुभ
Famous Temples to Visit With Your Sibling: रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन साथ किसी प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन का प्लान भी बना सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तरह साथ में पूजा-पाठ और प्रार्थना करना रिश्ते में प्रेम और सकारात्मकता का भाव बढ़ा सकता है।
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Raksha Bandhan 2026 Temple Visit: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे की खुशहाली की कामना का पर्व है। साल 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी सुख-समृद्धि व लंबी उम्र की कामना करती है।
अगर आप इस बार रक्षाबंधन को सिर्फ राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं रखना चाहते, तो भाई-बहन साथ किसी प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन का प्लान भी बना सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तरह साथ में पूजा-पाठ और प्रार्थना करना रिश्ते में प्रेम और सकारात्मकता का भाव बढ़ा सकता है।
इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। इस मौके पर इन मंदिरों में दर्शन और पूजन शुभ माना जा सकता है।
1. श्री यमुना-धर्मराज मंदिर, मथुरा
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में विश्राम घाट पर एक खास मंदिर है, जहां भाई बहन एक साथ विराजमान हैं और उनकी साथ में पूजा होती है। यह श्री यमुना-धर्मराज मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान यमराज और उनकी बहन यमुना माता की साथ में पूजा होती है।
इस स्थान को लेकर मान्यता है कि भाई दूज या रक्षाबंधन पर अगर भाई-बहन यहां आकर यमुना जी में स्नान करके मंदिर में दर्शन करते हैं तो उनको समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है।
2. भैया बहिनी मंदिर, सीवान
बिहार के सीवान जिले में महाराजगंज अनुमंडल के भीखाबांध गांव में भैयी बहिनी नाम का मंदिर बना है। इस मंदिर में किसी भी देवी देवता की मूर्ति या तस्वीर नहीं है। यहां दो विशाल बरगद के पेट आपस में लिपटे हुए हैं और मिट्टी के पिंड हैं , जिन्हें भाई बहन के पवित्र प्रेम व बलिदान का प्रतीक मानकर पूजा की जाती है।
3. जगन्नाथ मंदिर, पुरी
ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी भाईयों के साथ उनकी बहन विराजमान हैं और तीनों की साथ में पूजा होती है। इस मंदिर में श्री कृष्ण जगन्नाथ स्वरूप में भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं। यहां तीनों की विशाल मूर्तियं हैं। यह तीनों भाई बहन के दिव्य और पवित्र बंधन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।
4. भाई बहन का प्राचीन मंदिर, बिजनौर
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में चूड़ियाखेड़ा के जंगल में एक प्राचीन मंदिर है जो भाई बहन को समर्पित है। इस मंदिर का इतिहास व कथा भाई बहन के स्नेह और पवित्र रिश्ते को दर्शाता है। इस मंदिर में उन दोनों भाई बहन की पत्थर की प्रतिमाओं क पूजा की जाती है।
5. उत्तराखंड का बंसी नारायण मंदिर
उत्तराखंड में स्थित बंसी नारायण के कपाट साल में एक बार, सिर्फ रक्षाबंधन के दिन ही खुलते हैं। अगर आप घूमने जा रहे हैं तो इस मंदिर को घूम आएं। वंशीनारायण का यह चमत्कारी और अनोखा मंदिर चमोली जिले में स्थित है। मान्यता है कि भगवान विष्णु वामन अवतार से मुक्त होने के बाद सबसे पहले यहीं प्रकट हुए थे। इस मंदिर में बहन अपने भाई के माथे पर तिलक कर सकती है।