फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   brain male female

...तो क्या दिमाग भी मर्द या औरत होता है?

Sat, 04 Oct 2014 08:54 AM IST
Updated Sat, 04 Oct 2014 08:54 AM IST
विज्ञापन
brain male female

क्या दिमाग की बनावट महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग होती है? शोधकर्ता इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं। लेकिन कुछ शोध हैं जो महिलाओं और पुरुषों के दिमागी बनावट के अलग-अलग होने के प्रमाण दिखाते हैं। जबकि कुछ शोध जन्म से पहले गर्भ में मौजूद टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के अलग-अलग स्तर को दिमाग के लैंगिक विभेद का कारण मानते हैं।

विज्ञापन


अनुभूति और विश्लेषण की क्षमता महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग होती है। दर्द के मामले में भी दोनों की अनुभव अलग-अलग होता है। इसीलिए कुछ वैज्ञानिक लिंग के अनुसार दवाएं बनाने की हिमायत कर रहे हैं।

विज्ञापन

पढ़ें डॉक्टर माइकल मोसली की रिपोर्ट

brain male female

मेरा मानना है कि शरीर की तरह ही हमारा दिमाग गर्भ में हार्मोन के प्रभाव से आकार ग्रहण करता है और इससे पता चलता है कि क्यों पुरुष कुछ मामलों, जैसे त्रिआयामी कार्यों में बेहतर होते हैं, जबकि महिलाएं अनुभूतियों वाले कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।

लेकिन, प्रोफेसर एलिस रॉबर्ट्स का मानना है कि दिमाग की बनावट के इस अंतर के प्रमाण नहीं हैं। उन्हें चिंता है कि इस तरह के दावे लड़कियों को विज्ञान की ओर जाने से हतोत्साहित करेंगे।

वो कहती हैं, ''हम एक ऐसे देश में रहते हैं जहां भौतिक विज्ञान के दस 'ए लेवल' में तीन लड़कियां होती हैं, जहां कुल इंजीनियरों में मात्र सात प्रतिशत महिलाएं हैं और जहां पुरुष, महिलाओं की अपेक्षा औसतन 20 प्रतिशत अधिक कमाते हैं।''

दो तरह के दिमाग़

brain male female

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर साइमन बैरन-कोहेन कहते हैं, ''दिमाग दो तरह का होता है। एक होते हैं एम्पैथाइजर, जो दूसरों की मनोभावनाओं को आसानी से समझ लेते हैं और दूसरे होते हैं सिस्टमेटाइजर, जिनकी विश्लेषण क्षमता अच्छी होती है।''

वो कहते हैं, ''हम सभी इन्हीं में से कोई एक प्रकार के होते हैं। हालांकि, अक्सर पुरुष सिस्टमेटाइज़र होते हैं और महिलाएं एम्पैथाइजर।''

एक शोध चल रहा है जिसके तहत एक बड़ी संख्या में बच्चों के एक समूह की, भ्रूण के समय से ही निगरानी हो रही है।

विज्ञापन

टेस्टोस्टीरोन

brain male female

प्रोफेसर बैरन-कोहेन ने बताया कि इस अध्ययन में 16 हफ्ते के भ्रूण वाली महिलाओं के गर्भ द्रव में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर की जांच की गई। शोध के अनुसार, जिन बच्चों को गर्भ के दौरान टेस्टोस्टेरोन की अधिक मात्रा मिली उनमें सामाजिक रूप से धीमा विकास देखा गया।

ऐसे नन्हें बच्चों का शब्द-भंडार कम देखा गया और प्राइमरी स्कूल जाने की उम्र में इन्हें कम संवेदनशील पाया गया। हालांकि इन बच्चों की विश्लेषण क्षमता अधिक थी। वे एक पूरी डिज़ाइन के बीच एक ख़ास आकार को ढूंढने में तेज़ थे।

प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में छपे एक शोध में बताया गया था कि दिमाग के विभिन्न हिस्से आपस में कैसे बात करते हैं। पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने आठ से 22 वर्ष के बीच की उम्र वाले 949 पुरुषों और महिलाओं के दिमाग का स्कैन किया।

बुनावट

brain male female

प्रोफेसर रूबेन गर के अनुसार, इस शोध में पुरुषों के दिमाग के अगले और पिछले हिस्से में बेहतर संबंध पाया गया। जबकि दूसरी ओर महिलाओं के दिमाग़ के बाएं और दाएं गोलार्द्धों की आपसी बनावट बेहतर पाई गई।

डॉ रागिनी वर्मन कहती हैं, ''दिमाग के विभिन्न हिस्सों के बेहतर आपसी संवाद का मतलब है एक समय में कई काम करने की अधिक दक्षता। आप भावनात्मक कार्यों में भी अधिक दक्ष हो सकते हैं।''

हालांकि एलिस का कहना है कि यदि यह सच भी हो कि हमारे दिमाग की बनावट अलग-अलग होती है तो भी इससे सिद्ध नहीं होता कि यह जन्मजात है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed