विटामिन डी को धूप विटामिन भी कहते हैं, जिसका निर्माण हमारा शरीर धूप मिलने पर करता है। सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है और साथ ही शरीर में प्रतिरोधी तंत्र के लिए भी जरूरी है। बदलती जीवनशैली के चलते आज हम कुदरत से मिले उपहारों का भी फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। भारत में 70 फीसदी महिलाएं पर्याप्त धूप न लेने की वजह से विटामिन डी की कमी का शिकार हो रही हैं। आज वह इसकी पूर्ति के लिए दवाइयों पर निर्भर हैं, लेकिन कई शोध में दावा किया गया है कि विटामिन डी के लिए किसी तरह के कोई सप्लीमेंट लेने का कोई फायदा नहीं होता है।
भारत में 70 फीसदी महिलाओं में विटामिन डी की कमी, जानें इसके लक्षण और बचाव
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फोर्टिस अस्पताल के प्रसूति और महिला रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर अंजना सिंह ने बताया कि भारत की महिलाओं में विटामिन डी की कमी होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसका पहला कारण यह है कि भारतीय महिलाएं ज्यादातर घर के कामकाज में व्यस्त रहती हैं, जिस वजह से उन्हें धूप लेने का समय नहीं मिल पाता है। इसका दूसरा कारण है भारतीय महिलाओं के कपड़े। ज्यादातर भारतीय महिलाएं सूट या साड़ी पहनती हैं, जिसमें उनके शरीर का हर ढका रहता है। इस वजह से भी विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसकी तीसरी वजह महिलाओं में होने वाले हॉर्मोनल बदलाव हैं। मेनोपॉज के बाद जिन महिलाओं में कैल्शियम की कमी होती है उनमें विटामिन डी भी कम होता है। उनकी हड्डियों को नुकसान पहुंचने की आशंका ज्यादा होती है।
भारत की करीब 75 से 80 फीसदी महिलाओं में विटामिन डी की कमी पाई जाती है। आमतौर पर इस विटामिन की कमी उन लोगों में ज्यादा होती है जो अपना अधिकतम समय घर के अंदर बिताते हैं। हड्डियों को मजबूती देने वाला आवश्यक पोषक तत्व इसी वजह से सनशाइन विटामिन कहलाता है, क्योंकि यह शरीर के धूप से मिलने वाली पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने पर बनता है। युवा महिलाओं में इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, दांत सड़ने लगते हैं और गुर्दों में पथरी की समस्या हो जाती है, जबकि मेनोपॉज के बाद अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी परेशानी हो सकती है।
विटामिन डी की कमी के लक्षण
- बार-बार बीमार पड़ना या संक्रमण का शिकार बनना
- थकान रहना
- हड्डियों तथा पीठ में दर्द
- अवसाद
- घाव भरने में परेशानी
- हड्डियों का क्षय
- बाल झड़ना
- मांसपेशियों में दर्द
-मोटापा बढ़ना
-तनाव व अवसाद की स्थिति
-हड्डियों का बार-बार फ्रैक्चर होने की आशंका
-अल्जाइमर
-कई तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है
बचाव के उपाय
- धूप का सेवन : हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के दौरान गोल्डन आवर होता है। इस दौरान धूप का सेवन जरूर करें।
-दूध और उससे बनने उत्पाद का सेवन करें
-संतरे को डाइट में शामिल करें।
-अंडे की जर्दी या मशरूम खाएं।
- अगर फिर भी विटामिन डी की कमी महसूस हो तो तत्काल डॉक्टर से मिलें।