एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम (एड्स) रोग, दशकों से दुनियाभर में गंभीर खतरा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर साल 2022 के अंत तक 39 मिलियन (3.9 करोड़) से अधिक लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे। दुनियाभर में 15-49 वर्ष की आयु के वयस्कों में से अनुमानित 0.7% इसकी चपेट में हैं। एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस) ही एड्स रोग का कारण बनती है।
AIDS Free: क्या साल 2030 तक कम पाएगा 'एड्स का खतरा'? यूएनएड्स के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद
एचआईवी संक्रमण में आई कमी
यूएनएड्स की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में 2010 के बाद से नए एचआईवी संक्रमणों में 57% की कमी आई है, यहां सरकारों ने एड्स की रोकथाम से संबंधित कार्यक्रमों में भारी निवेश किया है। वैश्विक स्तर पर एचआईवी से पीड़ित लगभग 82% गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को साल 2022 में एंटीरेट्रोवायरल उपचार प्राप्त हुई, यह आंकड़ा साल 2010 में केवल 46% था। इसका नतीजा यह रहा है कि 2010 से 2022 तक बच्चों में नए एचआईवी संक्रमण में 58% की गिरावट आई।
"95-95-95" का लक्ष्य
जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि एड्स को समाप्त करना जरूरी कदम है। जो देश और नेता पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं, उन्हें इसके असाधारण परिणाम भी प्राप्त हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक बोत्सवाना, इस्वातिनी, रवांडा, संयुक्त गणराज्य तंजानिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों ने पहले ही अपना "95-95-95" का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसका मतलब है कि एचआईवी से पीड़ित 95% लोग अपनी एचआईवी स्थिति जानते हैं, 95% जो जानते हैं कि वे एचआईवी के साथ जी रहे हैं, वे जीवनरक्षक एंटीरेट्रोवाइरल उपचार ले रहे हैं, और उपचाराधीन 95% लोगों में संक्रमण की स्थिति में सुधार हुआ है।
एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के बारे में जानना जरूरी
यहां जानना जरूरी है कि एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) एचआईवी संक्रमित लोगों के उपचार में विशेष लाभकारी हो सकती है। इसमें एंटी-एचआईवी दवाओं का उपयोग करके एचआईवी से संक्रमित लोगों का इलाज किया जाता है। यह एचआईवी को बढ़ने से रोकने में कारगर पाई गई है।
एचआईवी उपचार का मुख्य लक्ष्य संक्रमित व्यक्ति के वायरल लोड को कम करना होता है। इसका उपयोग बढ़ाकर कई देशों ने संक्रमण के इलाज में विशेष लाभ प्राप्त किया है।
नेताओं की प्रतिबद्धता से लक्ष्य हो सकेगा हासिल
यूएनएड्स के मुताबिक साल 2022 में 6.30 लाख लोगों में एड्स की पुष्टि की गई थी। मौतों की संख्या 2004 में लगभग 2 मिलियन (20 लाख) थी जो 2010 में घटकर 13 लाख से कम हो गई थी। महामारी की शुरुआत के बाद से लगभग 40 मिलियन लोग एड्स के कारण अपनी जान गवां चुके हैं।
यूएनएड्स की कार्यकारी निदेशक विनी बयानीमा कहती हैं, एड्स का अंत करना सभी सरकारों के लिए विशिष्ट शक्तिशाली विरासत का अवसर है। उन्हें आने वाली पीढ़ियां दुनिया की सबसे घातक महामारी को रोकने वालों के रूप में याद करेंगी। अगर सभी देशों में इसपर प्रभावी स्तर पर काम किया जाए तो 2030 तक हम बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।
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स्रोत और संदर्भ
THE PATH THAT ENDS AIDS
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