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झारखंड: प्रदेश में दुर्गा पूजा के दौरान बिगड़ेगा मौसम, पंडालों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
Sun, 11 Oct 2026 08:30 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Sun, 11 Oct 2026 08:30 PM IST
सार
दुर्गा पूजा के बीच झारखंड में मौसम बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने 11 से 13 अक्टूबर तक राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने का अनुमान जताया है। इसे देखते हुए पूजा समितियों और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।
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आकाशीय बिजली। सांकेतिक फोटो
विस्तार
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच झारखंड में मौसम के मिजाज में बदलाव को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र ने 11 से 13 अक्तूबर के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने का अनुमान जताया है। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की उमड़ती भीड़ और पंडालों की भव्य तैयारियों के बीच आई मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद प्रशासन और पूजा समितियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूजा पंडालों और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
राजधानी रांची सहित राज्य भर में दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शाम होते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगती है। ऐसे समय में मौसम बिगड़ने से पंडाल परिसरों में व्यवस्था संभालने में कठिनाई आ सकती है। तेज हवा चलने से पंडालों के बाहर लगाए गए अस्थायी होर्डिंग, सजावटी सामान, कपड़े के पर्दे और हल्के ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
दुर्गा पूजा के दौरान शाम और रात के समय पूजा पंडालों में दर्शन के लिए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ पूरे परिवार निकलते हैं। यदि इसी दौरान अचानक आंधी या तेज हवाएं चलती हैं, तो खुले स्थानों पर रुकना जोखिम भरा हो सकता है। बारिश की स्थिति बनने पर पंडालों के आसपास जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों को बिजली के तारों, जनरेटर और रोशनी की अस्थायी व्यवस्था की गहन जांच करने को कहा गया है। आकाशीय बिजली की आशंका के समय श्रद्धालुओं को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सलाह दी गई है। इसके अलावा किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पंडालों में प्रवेश और निकास की सुव्यवस्थित योजना तैयार करना आवश्यक है।
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प्रभावित जिले और तापमान का हाल
मौसम केंद्र रांची के अनुसार शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को भी रांची में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार 12 और 13 अक्तूबर को मौसम की यह गतिविधि अधिक तीव्र हो सकती है। 12 अक्तूबर को हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, रांची और खूंटी समेत आसपास के जिलों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 13 अक्तूबर को हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और रांची सहित उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।
ये भी पढ़ें- झारखंड: एम्स देवघर का आज दूसरा दीक्षांत समारोह, 11 मेधावी विद्यार्थियों को किया जाएगा सम्मानित
मानसून की विदाई के बीच राहत की उम्मीद
झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वर्ष राज्य में मानसून की विदाई सामान्य समय से पहले तीन अक्तूबर से ही आरंभ हो गई थी। उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों के कई जिलों से मानसून पूरी तरह से पीछे हट चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून वापस लौट रहा हो, परंतु स्थानीय मौसम स्थितियों और वायुमंडलीय बदलावों के कारण विदाई के बाद भी वर्षा और थंडरस्टॉर्म की स्थितियां बन रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 14 अक्तूबर से राज्य में मौसम के सामान्य होने की संभावना है। 14, 15, 16 और 17 अक्तूबर के लिए मौसम केंद्र की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इससे पूजा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं को राहत मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे शाम के समय पंडाल भ्रमण पर निकलने से पूर्व ताजा मौसम अपडेट अवश्य जांच लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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पूजा पंडालों और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभाव
राजधानी रांची सहित राज्य भर में दुर्गा पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शाम होते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगती है। ऐसे समय में मौसम बिगड़ने से पंडाल परिसरों में व्यवस्था संभालने में कठिनाई आ सकती है। तेज हवा चलने से पंडालों के बाहर लगाए गए अस्थायी होर्डिंग, सजावटी सामान, कपड़े के पर्दे और हल्के ढांचे प्रभावित हो सकते हैं।
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दुर्गा पूजा के दौरान शाम और रात के समय पूजा पंडालों में दर्शन के लिए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ पूरे परिवार निकलते हैं। यदि इसी दौरान अचानक आंधी या तेज हवाएं चलती हैं, तो खुले स्थानों पर रुकना जोखिम भरा हो सकता है। बारिश की स्थिति बनने पर पंडालों के आसपास जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों को बिजली के तारों, जनरेटर और रोशनी की अस्थायी व्यवस्था की गहन जांच करने को कहा गया है। आकाशीय बिजली की आशंका के समय श्रद्धालुओं को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े न होने की सलाह दी गई है। इसके अलावा किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पंडालों में प्रवेश और निकास की सुव्यवस्थित योजना तैयार करना आवश्यक है।
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प्रभावित जिले और तापमान का हाल
मौसम केंद्र रांची के अनुसार शनिवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को भी रांची में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार 12 और 13 अक्तूबर को मौसम की यह गतिविधि अधिक तीव्र हो सकती है। 12 अक्तूबर को हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, रांची और खूंटी समेत आसपास के जिलों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 13 अक्तूबर को हजारीबाग, रामगढ़, लोहरदगा और रांची सहित उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।
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मानसून की विदाई के बीच राहत की उम्मीद
झारखंड से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वर्ष राज्य में मानसून की विदाई सामान्य समय से पहले तीन अक्तूबर से ही आरंभ हो गई थी। उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों के कई जिलों से मानसून पूरी तरह से पीछे हट चुका है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून वापस लौट रहा हो, परंतु स्थानीय मौसम स्थितियों और वायुमंडलीय बदलावों के कारण विदाई के बाद भी वर्षा और थंडरस्टॉर्म की स्थितियां बन रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 14 अक्तूबर से राज्य में मौसम के सामान्य होने की संभावना है। 14, 15, 16 और 17 अक्तूबर के लिए मौसम केंद्र की ओर से कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इससे पूजा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं को राहत मिलने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे शाम के समय पंडाल भ्रमण पर निकलने से पूर्व ताजा मौसम अपडेट अवश्य जांच लें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।